Share

Jhargram : झाड़ग्राम में 12 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार, ओडिशा से खरीदकर ले जा रहा था माल

  • गुप्त सूचना पर कोलाबोनी इलाके में पुलिस की कार्रवाई
  • आरोपी ने पांच बार तस्करी करने की बात कबूली, 1.44 लाख रुपये में खरीदा था गांजा
  • छठी बार गांजा तस्करी की कोशिश में पकड़ा गया आरोपी, नेटवर्क की जांच शुरू

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाते हुए झाड़ग्राम थाना पुलिस ने 12 किलो गांजा के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रविवार सुबह करीब 11 बजे कोलाबोनी इलाके में छापेमारी कर आरोपी को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्यजीत विश्वास (33) के रूप में हुई है। वह पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गोआलतोड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत काकरिश्वर गांव का निवासी है। उसके पिता का नाम तपन विश्वास बताया गया है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह ओडिशा से गांजा खरीदकर गोआलतोड़ इलाके में बिक्री के लिए ले जा रहा था। पुलिस ने उसके पास से कुल 12 किलो गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : Gua : गुवा में सिक्योरिटी गार्डों की छंटनी पर गरमाया मामला, सभी 54 गार्डों की बहाली का आश्वासन

ओडिशा से गांजा लाकर पश्चिम मेदिनीपुर में करता था तस्करी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने 12 हजार रुपये प्रति किलो की दर से कुल 1 लाख 44 हजार रुपये में गांजा खरीदा था। उसने यह भी दावा किया कि इससे पहले पांच बार गांजा की तस्करी कर चुका है। इस बार छठी बार गांजा लेकर जाते समय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को 10 दिनों की हिरासत में लेने की मांग के साथ अदालत में पेश करने की प्रक्रिया में जुटी है। वहीं, मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ओडिशा में गांजा के आपूर्तिकर्ताओं, गोआलतोड़ इलाके में इसके संभावित खरीदारों और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है। जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचकर पूरे तस्करी गिरोह का खुलासा करना है।

Leave a Comment

Manoharpur : मनोहरपुर-पोसैता के बीच ट्रेन से गिरकर यात्री गंभीर रूप से घायल

रेलवे ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे कर्मचारियों ने सुनी कराहने की आवाज, बेहोशी की हालत में राउरकेला भेजा गया सुंदरगढ़

  • रेलवे ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे कर्मचारियों ने सुनी कराहने की आवाज, बेहोशी की हालत में राउरकेला भेजा गया
  • सुंदरगढ़ निवासी मोहन प्रधान की हालत गंभीर, राउरकेला में चल रहा इलाज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत मनोहरपुर-पोसैता के बीच रविवार सुबह ट्रेन से गिरकर एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना किलोमीटर संख्या 357-4/6 के समीप की है। जानकारी के अनुसार, रेल ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे रेलकर्मियों ने एक व्यक्ति के दर्द से कराहने की आवाज सुनी। मौके पर पहुंचने पर यात्री को गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया। इसके बाद रेलकर्मियों ने तत्काल नजदीकी रेलवे स्टेशनों और आरपीएफ को इसकी सूचना दी।

इसे भी पढ़ें : Jhargram : झाड़ग्राम में 12 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार, ओडिशा से खरीदकर ले जा रहा था माल

रेलवे ट्रैक पर घायल अवस्था में मिला यात्री, आरपीएफ ने पहुंचाया अस्पताल

सूचना मिलने के बाद आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक घायल यात्री बेहोश हो चुका था। उसे तत्काल बेहतर इलाज के लिए राउरकेला ले जाया गया। घायल की पहचान मोहन प्रधान के रूप में हुई है। वह सुंदरगढ़ जिले के टाउन थाना अंतर्गत लोहराढीपा का निवासी बताया गया है। हालांकि, यात्री किस ट्रेन से गिरा, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। खबर लिखे जाने तक उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी।

Gua : गुवा में सिक्योरिटी गार्डों की छंटनी पर गरमाया मामला, सभी 54 गार्डों की बहाली का आश्वासन

झारखंड मजदूर संघर्ष संघ की बैठक में उठीं कर्मचारियों की मांगें पांच छुट्टी, बोनस, मेडिकल, पीएफ और अन्य सुविधाएं देने

  • झारखंड मजदूर संघर्ष संघ की बैठक में उठीं कर्मचारियों की मांगें
  • पांच छुट्टी, बोनस, मेडिकल, पीएफ और अन्य सुविधाएं देने पर हुई चर्चा
  • सिक्योरिटी गार्डों की बहाली और सुविधाओं पर प्रबंधन के फैसले का इंतजार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा में सिक्योरिटी गार्डों की छंटनी और उनकी विभिन्न मांगों को लेकर मामला गरमा गया है। इस मुद्दे पर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के बैनर तले गुवा सेल ऑफिसर क्लब में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिक्योरिटी गार्डों के फील्ड ऑफिसर निशांत कुमार सिंह और यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे के बीच विस्तार से वार्ता हुई। इसमें अन्य यूनियन के महामंत्री हेमराज सोनार और गणेश दास भी शामिल हुए। बैठक के दौरान सिक्योरिटी गार्डों ने बताया कि पहले कुल 54 गार्ड कार्यरत थे, लेकिन छंटनी के बाद केवल 39 गार्डों को ही काम पर रखा गया है। ऐसे में शेष 15 गार्डों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। गार्डों ने मांग की कि छंटनी किए गए सभी 15 कर्मचारियों को दोबारा बहाल कर ड्यूटी पर लगाया जाए, ताकि किसी का रोजगार प्रभावित नहीं हो।

इसे भी पढ़ें : Gua : गुवा साई को नगरपालिका में शामिल करने का विरोध, ग्रामीणों ने पारंपरिक सीमा पर लगाया अस्मिता का बोर्ड

गुवा में 15 सिक्योरिटी गार्डों की छंटनी से बढ़ी नाराजगी

बैठक में सिक्योरिटी गार्डों ने अपनी अन्य मांगों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पूर्व से मिल रही सुविधाओं को जारी रखने के साथ एचआरए (AWA), बोनस, महीने में पांच हॉलिडे, दो जोड़ी वर्दी, सुरक्षा उपकरण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर फील्ड ऑफिसर निशांत कुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि किसी भी सिक्योरिटी गार्ड की छंटनी नहीं की जाएगी और सभी 54 गार्डों को काम पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को 26 दिनों की ड्यूटी, महीने में पांच छुट्टियां, बोनस, मेडिकल सुविधा, ईएल का पैसा और पीएफ जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा आपातकालीन बीमारी अथवा किसी जरूरी कार्य के लिए एडवांस राशि देने की सुविधा पर भी विचार किया जाएगा। इस आश्वासन से गार्डों में दोबारा रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : चाईबासा में स्कूटी चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; चोरी की गाड़ी बरामद

सभी 54 गार्डों को काम पर लेने का फील्ड ऑफिसर ने दिया भरोसा

वहीं, यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कहा कि फिलहाल छंटनी किए गए 15 सिक्योरिटी गार्डों की बहाली को लेकर ड्यूटी चार्ट जारी नहीं किया गया है। केवल आश्वासन देने से कर्मचारियों की समस्या का समाधान नहीं होगा। यूनियन की मांग है कि जल्द से जल्द सभी 54 गार्डों का ड्यूटी चार्ट जारी कर उन्हें काम पर लगाया जाए। उन्होंने बताया कि सेल प्रबंधन ने सिक्योरिटी गार्डों का टेंडर टॉप मैनपॉवर मैनेजमेंट सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। यूनियन चाहती है कि नई एजेंसी के माध्यम से भी कर्मचारियों को पहले से मिल रही सुविधाएं जारी रहें। रामा पांडे ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों और सुविधाओं के साथ किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि गार्डों की मांगों की अनदेखी की गई और बहाली में देरी हुई तो यूनियन सभी सिक्योरिटी गार्डों को साथ लेकर आंदोलन करने को बाध्य होगी।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : बिग इंग्लिश स्कूल में डालसा का सुरक्षित बचपन अभियान, बच्चों को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी

ड्यूटी चार्ट जारी करने की मांग, अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी

बैठक में सिक्योरिटी गार्डों की समस्याओं और उनके रोजगार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। यूनियन प्रतिनिधियों ने प्रबंधन से मांग की कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द ठोस निर्णय लिया जाए। साथ ही नई एजेंसी के माध्यम से काम करने वाले सभी गार्डों को निर्धारित सुविधाएं और सुरक्षा संबंधी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में यूनियन अध्यक्ष रामा पांडे, संजू गोच्छाईत, हेमराज सोनार, विष्णु प्रसाद, सुभाष दास, सुरेश राउत, शैलेश जी, दुर्गा साहू और गणेश दास सहित बड़ी संख्या में सिक्योरिटी गार्ड उपस्थित थे। अब सभी की नजरें प्रबंधन के आश्वासन के बाद जारी होने वाले नए ड्यूटी चार्ट और 15 छंटनी किए गए गार्डों की वास्तविक बहाली पर टिकी हैं।

Gua : गुवा साई को नगरपालिका में शामिल करने का विरोध, ग्रामीणों ने पारंपरिक सीमा पर लगाया अस्मिता का बोर्ड

हाथों में खतियान और मालगुजारी रसीद लेकर जुटे ग्रामीण ग्रामसभा के अधिकार, आदिवासी स्वशासन और पारंपरिक व्यवस्था की रक्षा का

  • हाथों में खतियान और मालगुजारी रसीद लेकर जुटे ग्रामीण
  • ग्रामसभा के अधिकार, आदिवासी स्वशासन और पारंपरिक व्यवस्था की रक्षा का लिया संकल्प
  • गुवा साई की अस्मिता और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए ग्रामीण एकजुट

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के ऐतिहासिक गांव गुवा साई को नगरपालिका क्षेत्र में शामिल करने की प्रशासनिक पहल के विरोध में ग्रामीणों ने एकजुट होकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने गांव की पारंपरिक सीमा पर एक साइन बोर्ड स्थापित कर अपनी ग्राम्य पहचान, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुवा साई को नगरपालिका क्षेत्र में शामिल करने के प्रस्तावित फैसले को वापस लेने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गुवा साई केवल एक सामान्य बस्ती नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट परंपरा, संस्कृति और पारंपरिक ग्रामसभा व्यवस्था वाला ऐतिहासिक गांव है। यहां वर्षों से सामाजिक और सामुदायिक मामलों का निपटारा ग्रामसभा के माध्यम से किया जाता रहा है। सरना स्थल के समीप ग्रामसभा की परंपरा गांव की सामाजिक व्यवस्था और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : चाईबासा में स्कूटी चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; चोरी की गाड़ी बरामद

गुवा साई की पारंपरिक पहचान बचाने के लिए ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

ग्रामीणों ने आशंका जताई कि गुवा साई को नगरपालिका क्षेत्र में शामिल करने से उनकी पारंपरिक ग्रामसभा और आदिवासी स्वशासन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में लागू होने वाली कर व्यवस्था, भवन निर्माण संबंधी नियमों और अन्य प्रशासनिक प्रावधानों का अतिरिक्त बोझ भी ग्रामीणों पर पड़ सकता है। उनका मानना है कि नगरपालिका में शामिल होने के बाद गांव की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने के अधिकार कमजोर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन, सांस्कृतिक पहचान और सदियों से चली आ रही परंपराओं को किसी भी परिस्थिति में खोना नहीं चाहते। उनके अनुसार, गांव की पहचान केवल भौगोलिक सीमा से नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक व्यवस्था से भी जुड़ी होती है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : बिग इंग्लिश स्कूल में डालसा का सुरक्षित बचपन अभियान, बच्चों को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी

नगरपालिका में शामिल होने से ग्रामसभा के अधिकार प्रभावित होने की आशंका

गांव की पारंपरिक सीमा और अस्मिता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ग्रामीण मुंडा मंगल पूर्ति की अध्यक्षता में ग्रामसभा की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सर्वसम्मति से गांव की सीमा पर पारंपरिक पहचान से संबंधित साइन बोर्ड स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के अनुपालन में रविवार सुबह मुंडा मंगल पूर्ति के दिशा-निर्देश पर ग्रामीणों ने निर्धारित स्थान पर बोर्ड स्थापित किया। इस दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष अपने हाथों में जमीन के दस्तावेज, खतियान और मालगुजारी रसीद लेकर पहुंचे। इन दस्तावेजों के माध्यम से ग्रामीणों ने गांव के ऐतिहासिक भूमि संबंधों और अपने पारंपरिक अधिकारों को सामने रखा। ग्रामीणों का कहना था कि खतियान और मालगुजारी रसीद उनकी जमीन से जुड़े अधिकारों के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। इनके आधार पर वे अपनी पुश्तैनी जमीन और गांव की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखना चाहते हैं।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार अनिमेष अंबष्ट को पितृशोक, पिता अखिलेश्वर प्रसाद महथा का निधन

खतियान और मालगुजारी रसीद लेकर पारंपरिक अधिकारों के समर्थन में उतरे ग्रामीण

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की कि गुवा साई को नगरपालिका क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही ग्रामसभा की भावनाओं, पारंपरिक व्यवस्था और ग्रामीणों के अधिकारों का सम्मान करते हुए प्रस्तावित निर्णय वापस लिया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि विकास के नाम पर गांव की पारंपरिक पहचान और आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को कमजोर करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि वे गांव के विकास के विरोधी नहीं हैं और न ही मूलभूत सुविधाओं के विस्तार में कोई बाधा चाहते हैं। लेकिन विकास की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें स्थानीय लोगों की सहमति, संस्कृति, परंपरा, जमीन और ग्रामसभा के अधिकारों को प्राथमिकता मिले। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में ग्रामसभा के साथ बातचीत कर उनकी चिंताओं का समाधान निकालने की मांग की।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर में अवैध अंग्रेजी शराब बिक्री करते युवक गिरफ्तार, 72 बोतलें बरामद

विकास का विरोध नहीं, परंपरा और ग्रामसभा के अधिकारों की रक्षा जरूरी

इस विरोध कार्यक्रम में सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया, ग्रामीण मुंडा मंगल पूर्ति, दिउरी सुशील पूर्ति और डाकुआ जगमोहन पूर्ति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इसके अलावा राज पूर्ति, लंका पूर्ति, विनय पूर्ति, हेमंत पान, सुमित्रा पूर्ति, वीर सिंह पूर्ति, मंगल सिंह पूर्ति, रजनी पूर्ति, लखन पूर्ति, सोनाराम बोदरा, मनीष कोड़ा, सोनाराम पूर्ति और रोहन चाम्पिया समेत अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति रही। ग्रामीणों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कहा कि गुवा साई की पारंपरिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और ग्रामसभा की स्वायत्तता की रक्षा के लिए उनका प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि किसी भी निर्णय से पहले गांव के लोगों की भावनाओं और पारंपरिक अधिकारों को गंभीरता से समझा जाए।

Chaibasa : चाईबासा में स्कूटी चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; चोरी की गाड़ी बरामद

सदर थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित कर की कार्रवाई, यश गोप उर्फ मोटू का पहले से रहा है आपराधिक

  • सदर थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित कर की कार्रवाई, यश गोप उर्फ मोटू का पहले से रहा है आपराधिक इतिहास
  • होटल के सामने हुई वाहन चोरी में भी था फरार
  • टुंगरी में खड़ी स्कूटी लेकर फरार हुए चोर, पुलिस ने दर्ज किया मामला
  • यश गोप पर पहले से दर्ज हैं चोरी के कई मामले
  • छापेमारी दल में शामिल रहे कई पुलिस अधिकारी और जवान
  • चाईबासा पुलिस की कार्रवाई से वाहन चोरों पर बढ़ेगा शिकंजा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में सदर थाना पुलिस ने स्कूटी चोरी की घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यश गोप उर्फ मोटू (20 वर्ष) और विवेक तियु (21 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर चोरी की गई TVS स्कूटी (निबंधन संख्या JH06U-0799) को उड़िया स्कूल के पीछे झाड़ियों से बरामद कर जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार यश गोप उर्फ मोटू का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ मुफ्फसिल और सदर थाना में चोरी समेत विभिन्न आरोपों में कई मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई को वाहन चोरी के मामलों की जांच और अपराधियों की धरपकड़ की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : बिग इंग्लिश स्कूल में डालसा का सुरक्षित बचपन अभियान, बच्चों को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी

दोस्त से मिलने गए व्यक्ति की स्कूटी हुई थी चोरी

पुलिस के अनुसार, चाईबासा के एसपीजी मिशन कंपाउंड निवासी विकास कुमार शर्मा ने 30 अक्टूबर 2026 को सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि 29 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे वह अपनी TVS स्कूटी टुंगरी स्थित श्याम भंडार के पास खड़ी कर एक दोस्त से मिलने चले गए थे। कुछ समय बाद जब वह वापस लौटे तो मौके से उनकी स्कूटी गायब थी। आसपास खोजबीन करने के बावजूद वाहन का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर सदर थाना कांड संख्या 92/26, दिनांक 30 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303(2) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार अनिमेष अंबष्ट को पितृशोक, पिता अखिलेश्वर प्रसाद महथा का निधन

विशेष टीम ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को दबोचा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया। इसके बाद संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें यश गोप उर्फ मोटू और विवेक तियु को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने स्कूटी चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी की गई TVS स्कूटी उड़िया स्कूल के पीछे झाड़ियों से बरामद की गई। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur/Chaibasa : केंद्रीय गृह मंत्रालय के दक्षता पदक के लिए मनोहरपुर के इंस्पेक्टर अमित रोशन कुल्लू नामित

तकनीकी साक्ष्य और सूचना के आधार पर पुलिस ने सुलझाया स्कूटी चोरी का मामला

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार यश गोप उर्फ मोटू का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 127/22, 07/24 और 193/25 तथा सदर थाना में कांड संख्या 97/23 और 102/25 दर्ज हैं। इन मामलों में चोरी समेत विभिन्न आरोप शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यश गोप 1 दिसंबर 2025 को चाईबासा के सैफरन होटल के सामने एक ही रात में तीन वाहन चोरी होने की घटना में भी फरार चल रहा था। पुलिस अब उसके पुराने मामलों और हाल की गिरफ्तारी के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर सकती है। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोरों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मयूरभंज दौरा फिर स्थगित, रायरंगपुर-बादामपहाड़ के रेलवे कार्यक्रम भी टले

सैफरन होटल के सामने एक रात में चोरी हुए थे तीन वाहन, आरोपी पहले से था फरार

इस कार्रवाई में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी, सदर थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर चौधरी, मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार और सदर थाना के अनुसंधानकर्ता जितेंद्र करमाली शामिल थे। इनके अलावा सदर एवं मुफ्फसिल थाना के सशस्त्र बल के जवानों ने भी छापेमारी अभियान में सहयोग किया। पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं को आधार बनाकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। चोरी की गई स्कूटी की बरामदगी और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस को इस मामले में अहम सफलता मिली है। पुलिस की कार्रवाई से वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है।

Jamshedpur : बिग इंग्लिश स्कूल में डालसा का सुरक्षित बचपन अभियान, बच्चों को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी

पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम और गुड टच-बैड टच के प्रति किया जागरूक अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए

  • पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम और गुड टच-बैड टच के प्रति किया जागरूक
  • अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए सरकारी योजनाओं की भी दी जानकारी
  • बच्चों की प्रदर्शनी का अतिथियों ने किया अवलोकन, रचनात्मकता की सराहना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : नालसा एवं झालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), जमशेदपुर की ओर से 26 से 31 अक्टूबर तक जिलेभर में संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शनिवार को गोविंदपुर स्थित बिग इंग्लिश स्कूल के सभागार में एकदिवसीय विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में स्कूली बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य योगिता कुमारी एवं पैनल अधिवक्ता सुग्गी मुर्मू ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम, नशा मुक्ति, बाल तस्करी, गुड टच-बैड टच और शिक्षा के अधिकार के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय इसकी जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए। साथ ही डालसा के कार्यों और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जरूरतमंद लोगों को मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी बताया।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार अनिमेष अंबष्ट को पितृशोक, पिता अखिलेश्वर प्रसाद महथा का निधन

पॉक्सो एक्ट और गुड टच-बैड टच के जरिए बच्चों को समझाया सुरक्षा का अधिकार

मौके पर जिला बाल संरक्षण विभाग की प्रतिनिधि अमृता ने अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित स्पॉन्सरशिप और फॉस्टर केयर योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता दोनों नहीं हैं अथवा माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई है, उनके परिवार के अधिकतम तीन बच्चों को पढ़ाई-लिखाई और पालन-पोषण के लिए प्रतिमाह चार-चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को इन योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया तथा अन्य सरकारी सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। इस दौरान बच्चों को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, नालसा विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 और पुलिस हेल्पलाइन 112 के उपयोग के बारे में बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संकट या परेशानी की स्थिति में बच्चे इन नंबरों पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur/Chaibasa : केंद्रीय गृह मंत्रालय के दक्षता पदक के लिए मनोहरपुर के इंस्पेक्टर अमित रोशन कुल्लू नामित

अनाथ बच्चों को प्रतिमाह चार हजार रुपये की सहायता, डालसा ने बताईं योजनाएं

जागरूकता शिविर के बाद स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्टों और उनकी थीम पर आधारित प्रदर्शनी का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। बच्चों की रचनात्मकता, प्रस्तुति और विषयों की समझ की अतिथियों ने सराहना की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों से भी बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों के प्रति नियमित रूप से जागरूक करने की अपील की गई। मौके पर स्कूल के प्राचार्य, सहायक शिक्षक, गोविंदपुर थाना के सब-इंस्पेक्टर तथा डालसा के पीएलवी नागेन्द्र कुमार, दिलीप जायसवाल, आशीष प्रजापति, सुनीता कुमारी, ग्लोरिया पूर्ति, जोबा रानी बास्के, सुनीता झा, परसीस मरांडी, दीपक महतो, अभिषेक और सुजय दत्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, बाल अपराधों से बचाव के उपाय बताना और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

Jamshedpur : दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार अनिमेष अंबष्ट को पितृशोक, पिता अखिलेश्वर प्रसाद महथा का निधन

78 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, रविवार को बिष्टुपुर के पार्वती घाट पर होगा अंतिम संस्कार; पत्रकार जगत

  • 78 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, रविवार को बिष्टुपुर के पार्वती घाट पर होगा अंतिम संस्कार; पत्रकार जगत में शोक की लहर
  • रविवार सुबह 11 बजे गोलपहाड़ी से पार्वती घाट के लिए निकलेगी अंतिम यात्रा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : दैनिक जागरण के वरिष्ठ रिपोर्टर अनिमेष अंबष्ट के पिता अखिलेश्वर प्रसाद महथा (78 वर्ष) का शनिवार की शाम निधन हो गया। 28 अक्टूबर को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और पत्रकार जगत में शोक की लहर दौड़ गई। अखिलेश्वर प्रसाद महथा टीआरएफ से सेवानिवृत्त होने के बाद गोलपहाड़ी स्थित अपने आवास पर पुत्र अनिमेष अंबष्ट के साथ रह रहे थे। वे अपने पीछे दो पुत्र, एक पुत्री तथा नाती-पोतों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur/Chaibasa : केंद्रीय गृह मंत्रालय के दक्षता पदक के लिए मनोहरपुर के इंस्पेक्टर अमित रोशन कुल्लू नामित

टीआरएफ से सेवानिवृत्त थे अखिलेश्वर प्रसाद महथा, परिवार में शोक

उनका अंतिम संस्कार रविवार, 1 नवंबर 2026 को बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 10 बजे उनका पार्थिव शरीर टीएमएच के शीतगृह से गोलपहाड़ी स्थित आवास लाया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे आवास से अंतिम यात्रा पार्वती घाट के लिए रवाना होगी, जहां उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। उनके निधन पर पत्रकारों एवं विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top