पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम और गुड टच-बैड टच के प्रति किया जागरूक
अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए सरकारी योजनाओं की भी दी जानकारी
बच्चों की प्रदर्शनी का अतिथियों ने किया अवलोकन, रचनात्मकता की सराहना
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : नालसा एवं झालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), जमशेदपुर की ओर से 26 से 31 अक्टूबर तक जिलेभर में संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शनिवार को गोविंदपुर स्थित बिग इंग्लिश स्कूल के सभागार में एकदिवसीय विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में स्कूली बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य योगिता कुमारी एवं पैनल अधिवक्ता सुग्गी मुर्मू ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम, नशा मुक्ति, बाल तस्करी, गुड टच-बैड टच और शिक्षा के अधिकार के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय इसकी जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए। साथ ही डालसा के कार्यों और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जरूरतमंद लोगों को मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी बताया।
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पॉक्सो एक्ट और गुड टच-बैड टच के जरिए बच्चों को समझाया सुरक्षा का अधिकार

मौके पर जिला बाल संरक्षण विभाग की प्रतिनिधि अमृता ने अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित स्पॉन्सरशिप और फॉस्टर केयर योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता दोनों नहीं हैं अथवा माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई है, उनके परिवार के अधिकतम तीन बच्चों को पढ़ाई-लिखाई और पालन-पोषण के लिए प्रतिमाह चार-चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को इन योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया तथा अन्य सरकारी सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। इस दौरान बच्चों को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, नालसा विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 और पुलिस हेल्पलाइन 112 के उपयोग के बारे में बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संकट या परेशानी की स्थिति में बच्चे इन नंबरों पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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अनाथ बच्चों को प्रतिमाह चार हजार रुपये की सहायता, डालसा ने बताईं योजनाएं
जागरूकता शिविर के बाद स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्टों और उनकी थीम पर आधारित प्रदर्शनी का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। बच्चों की रचनात्मकता, प्रस्तुति और विषयों की समझ की अतिथियों ने सराहना की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों से भी बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों के प्रति नियमित रूप से जागरूक करने की अपील की गई। मौके पर स्कूल के प्राचार्य, सहायक शिक्षक, गोविंदपुर थाना के सब-इंस्पेक्टर तथा डालसा के पीएलवी नागेन्द्र कुमार, दिलीप जायसवाल, आशीष प्रजापति, सुनीता कुमारी, ग्लोरिया पूर्ति, जोबा रानी बास्के, सुनीता झा, परसीस मरांडी, दीपक महतो, अभिषेक और सुजय दत्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, बाल अपराधों से बचाव के उपाय बताना और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
























