- डीबीटी और तकनीकी प्रक्रियाओं में देरी, 5-6 महीनों से पेंशन राशि अटकी, भुखमरी की नौबत
- प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद में लाभुकों ने सौंपी दस्तावेज़ी प्रमाण
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मंईयां सम्मान योजना की राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,500 करने के बाद से सरकार और प्रशासन डीबीटी एवं अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में उलझा हुआ है। इस देरी का सीधा असर अन्य पेंशनधारियों—विधवा, वृद्ध और दिव्यांग—पर पड़ रहा है, जिन्हें पिछले 5-6 महीनों से पेंशन नहीं मिली है। इससे लाभुक पंचायत से प्रखंड और प्रखंड से जिला कार्यालय तक चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा। रविवार सुबह पोटका की कुछ विधवाएं अपनी समस्या लेकर पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल के आवासीय कार्यालय पहुंचीं और अपनी आर्थिक तंगी के हाल साझा किए।
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पेंशन राशि के इंतजार में महीनों से भटक रहे लाभुक
महिलाओं ने बताया कि पेंशन न मिलने से उनके सामने भुखमरी की स्थिति बन गई है। सभी ने अपने आधार कार्ड और बैंक खाते की प्रतियां सौंपते हुए जल्द भुगतान की मांग की। पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल ने उन्हें आश्वासन दिया कि मंगलवार को उनकी समस्या जिला प्रशासन के सामने रखी जाएगी और समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। आज उनके पास पहुंचने वालों में तारा भकत, जयंती भकत, सरला भकत, कुंती भकत और सतत वाला भकत समेत कई महिलाएं शामिल थीं।
























