- चांडिल अनुमंडल की 1500 आबादी नारकीय जीवन जीने को मजबूर, अधिकारियों से सीधी कार्रवाई की मांग
- सड़क, नाली और शौचालय निर्माण से बदल सकती है 1500 लोगों की जिंदगी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र की कालिंदी हरिजन बस्ती में आजादी के 78 साल बाद भी सड़क, नाली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। करीब 1500 की आबादी यहां नारकीय हालात में जीवन बिता रही है। ज्यादातर लोग रिक्शा, ठेला चलाने या घरों में काम कर गुजारा करते हैं। स्थानीय निवासी कृष्ण कालिंदी और संदीप कुमार मंडल का कहना है कि चुनाव के समय नेता बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई सुध लेने नहीं आता।
इसे भी पढ़ें : New Delhi : भारत-अमेरिका 3.6 अरब डॉलर का हथियार सौदा टला, ट्रंप के टैरिफ फैसले के बाद रक्षा मंत्रालय ने दिखाई सतर्कता
दशकों से विकास की राह देख रही कालिंदी हरिजन बस्ती
स्थानीय लोगों ने कई बार मुखिया, जिला परिषद और ईचागढ़ विधायक को शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बस्तीवासियों का कहना है कि अब वे उच्च अधिकारियों से सीधे हस्तक्षेप की मांग करेंगे, ताकि सड़क, नाली और शौचालय का निर्माण जल्द हो सके। उनका मानना है कि अगर ये सुविधाएं मिल जाएं तो उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आ सकता है। इस मौके पर सुशील कालिंदी, गणेश कालिंदी, दीपक कालिंदी और आपीन कालिंदी समेत कई लोग मौजूद रहे।
























