- 39,286 लाभुकों को 13.63 करोड़ की सहायता, न्यायिक अधिकारियों ने बढ़ाया कानूनी जागरूकता का दायरा
- जिला मुख्यालय से प्रखंड स्तर तक एक साथ आयोजित विशाल कार्यक्रम,
- NALSA–JHALSA–DLSA के दिशा-निर्देशों पर जनता को मिला अधिकारों का ज्ञान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), राँची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सरायकेला-खरसावाँ ने जिले के सभी प्रखंडों और जिला मुख्यालय में एक साथ विशाल मेगा लीगल एम्पावरमेंट कैंप का आयोजन किया। मुख्य कार्यक्रम सेराईकेला स्थित सामुदायिक भवन में संपन्न हुआ, जबकि अन्य सभी प्रखंड मुख्यालयों में न्यायिक अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं और विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता प्रणाली के कर्मियों की उपस्थिति में जागरूकता शिविर आयोजित हुए। इस ऐतिहासिक आयोजन ने जिले के हजारों लोगों को एक मंच पर जोड़कर विधिक जागरूकता को नई दिशा दी।
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कानूनी जागरूकता के इस अभियान में जिले की ऐतिहासिक भागीदारी

मुख्य कार्यक्रम में वरिष्ठ न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने इसे और प्रभावशाली बनाया। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वालों में—माननीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश–I श्री चौधरी अहसान मोइज, सीजेएम–सह–सचिव (प्रभारी) डीएलएसए, श्रीमती लूसी सोसेन तिग्गा, उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हाँसदा और जिला बार एसोसिएशन के सचिव देबाशीष ज्योतिषी शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन सेराईकेला-खरसावाँ के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने किया। देबाशीष ज्योतिषी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कानूनी सहायता, पैनल वकीलों की भूमिका तथा पैरालीगल वॉलंटियर्स के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का प्रभाव और विश्वसनीयता
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माननीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश–I श्री चौधरी अहसान मोइज ने अपने विस्तृत संबोधन में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987, NALSA, JHALSA और DLSA की संरचना, उद्देश्य और जनता के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पूर्व-गिरफ्तारी एवं बाद-गिरफ्तारी अधिकारों पर विशेष बल दिया और कहा कि हर नागरिक को अपने संवैधानिक अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने रिमांड प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए बताया कि आरोपियों से उनके मौलिक अधिकारों से जुड़े आवश्यक प्रश्न पूछना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने 13 दिसंबर 2025 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निपटान की अपील की।
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पूर्व-गिरफ्तारी और बाद-गिरफ्तारी अधिकार—नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन
इस मेगा कैंप की सबसे बड़ी उपलब्धि रही—कुल 39,286 लाभुकों को लगभग ₹13.63 करोड़ की सहायता और लाभ का वितरण। फुलो-झानो आशीर्वाद योजना, मुद्रा लोन, चाइल्ड केयर लीव (CCL) सहायता, जाति और आय प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ, मनरेगा जॉब कार्ड, व्हीलचेयर, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सहित कई विभागीय सेवाओं का वितरण किया गया। जनता को विभिन्न कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित पम्पलेट भी उपलब्ध कराए गए, जिससे नागरिकों में जागरूकता का विस्तार हुआ।
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13.63 करोड़ की सहायता—जिले में पहली बार इतना बड़ा लाभ वितरण
DLSA, सरायकेला-खरसावाँ की ओर से इस प्रकार का मेगा लीगल एम्पावरमेंट कैंप अर्धवार्षिक रूप से आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य है—जनता को उनके अधिकार, कर्तव्य, कानूनी सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना। इस अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र लाभुक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और हर नागरिक को नाल्सा के “Access to Justice for All” सिद्धांत के अनुरूप न्याय और सहायता तक सरल पहुँच प्राप्त हो। कार्यक्रम का समापन प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), Seraikella-Kharsawan द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
























