- झारखंड की पारंपरिक तसर सिल्क कला को मिला मंच, आगंतुकों की भीड़ जुटी स्टॉल नंबर 68 पर
- स्थानीय कारीगरों को मिला बड़ा मंच, बढ़ी बिक्री और उत्साह
जेबी लाइव, रिपोर्टर
01–14 दिसंबर 2025 तक बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में आयोजित राज्य हथकरघा प्रदर्शनी में JHARCRAFT द्वारा प्रस्तुत विभिन्न जिलों की पारंपरिक कला में गोड्डा जिले का ‘सपना सिल्क’ (स्टॉल संख्या 68) आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहाँ झारखंड की विशिष्ट तसर सिल्क कला को बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित किया गया है, जिसमें तसर सिल्क साड़ियाँ, पारंपरिक शॉल, स्टोल और उच्च गुणवत्ता वाले टेक्सटाइल उत्पाद शामिल हैं। ये सभी वस्त्र भगैया, गोड्डा के कुशल कारीगर अंजय कुमार और स्थानीय बुनकर समुदाय द्वारा निर्मित हैं। कीमत ₹1,000 से ₹12,000 तक रखी गई है, जिससे हर वर्ग के खरीदारों को पारंपरिक वस्त्र खरीदने का अवसर मिल रहा है। स्टॉल पर डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे खरीदारी और अधिक आसान हो गई है।
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तसर सिल्क साड़ियाँ और शॉल को मिली भारी प्रशंसा
JHARCRAFT की यह राज्य स्तरीय प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों को न केवल एक बड़ा मंच प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें स्वरोज़गार और आर्थिक मजबूती की दिशा में भी प्रेरित कर रही है। प्रदर्शनी में ‘सपना सिल्क’ जैसे स्टॉल पारंपरिक कला संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में आगंतुक पहुँच रहे हैं और स्थानीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा उत्पादों की खरीदारी कर झारखंड की विरासत को संजोने में अपना योगदान दे रहे हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से अपील की है कि वे प्रदर्शनी में पहुँचकर स्थानीय बुनकरों का उत्साह बढ़ाएँ और पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करें।
























