- शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य—अनुपालन न करने पर वेतन रोकने का निर्देश
- विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और FLN मिशन को गति देने पर जोर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला समाहरणालय सभा कक्ष में उपायुक्त–सह–जिला दंडाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कैलाश मिश्रा, सभी BEEO, BPO, BRP, CRP सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने, FLN मिशन की प्रगति, विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय में जरूरत के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्तित की जाए।
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बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य—अनुपस्थित शिक्षकों के वेतन पर रोक
बैठक में उपायुक्त ने शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उपस्थिति का दैनिक निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। जिन शिक्षकों द्वारा बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं दर्ज की जा रही है, उनके विरुद्ध वेतन कटौती एवं वेतन निकासी पर रोक की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उपायुक्त ने BEEO एवं BRP से कहा कि वे अपने नामित विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें, अध्यापन कार्य की गुणवत्ता को परखें और विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएँ।
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विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने हेतु जनसंपर्क अभियान चलाने के निर्देश
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति लगातार कम दर्ज की जा रही है, वहाँ जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से अभिभावकों और ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझाया जाए कि विद्यालयों में शिक्षा, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण, छात्रवृत्ति सहित कई महत्वपूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति समुदाय की जागरूकता बढ़ने से उपस्थिति में स्वाभाविक सुधार होगा। उन्होंने FLN मिशन के लक्ष्यों को निर्धारित समय में प्राप्त करने के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की सलाह दी।
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आधार नामांकन, स्वास्थ्य परीक्षण और UDISE Entry में तेजी लाने पर जोर
उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में आधार नामांकन की रफ्तार बढ़ाने एवं छूटे हुए बच्चों का शत-प्रतिशत आधार पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यालयों में बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु रोस्टर तैयार करने को कहा। उन्होंने UDISE Entry कार्य में तेजी लाने, आवासीय विद्यालयों के नामांकन की समीक्षा करने और समग्र शिक्षा के तहत निर्माण, मरम्मत, खेल-कूद एवं संरचनात्मक सुविधाओं की उपलब्धता का भी मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय ही शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का आधार है।
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सवित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में छूटी किशोरियों को जोड़ने का निर्देश
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में छूटी हुई किशोरियों को सवित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से शीघ्र जोड़ने हेतु आवेदन एकत्रित कर विभाग को भेजा जाए, ताकि पात्र किशोरियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि BEEO को बेसिक एडमिनिस्ट्रेटिव कार्यों में नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक कारणों से शैक्षणिक गतिविधियों में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना, विद्यार्थियों तक योजनाओं का समय पर लाभ पहुँचाना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
























