- विधायक संजीव सरदार का सरकार से वेब वीपीएन बहाल करने का आग्रह
- धीमे सर्वर से अंचल कार्यालयों में काम ठप, रैयतों को लगाने पड़ रहे कई चक्कर
- सरकार से वेब वीपीएन पुनः लागू करने की मांग तेज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका विधायक संजीव सरदार ने गुरुवार को झारखंड विधानसभा के शून्यकाल में राज्य के सभी अंचल कार्यालयों में लागू की गई झारनेट व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूर्व में संचालित वेब वीपीएन (Web VPN) प्रणाली को हटाकर झारनेट लागू किए जाने के बाद भूमि संबंधी सभी कार्यों की गति बुरी तरह प्रभावित हुई है। विधायक ने कहा कि झारनेट सर्वर की अत्यधिक धीमी गति के कारण रैयतों को अपने मामूली कामों के लिए भी कई-कई दिनों तक अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे जहां आम लोगों की परेशानी बढ़ी है, वहीं आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वर की सुस्ती के कारण राजस्व से जुड़े कार्य गंभीर रूप से विलंबित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।
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झारनेट लागू होने के बाद भूमि कार्यों की रफ्तार हुई धीमी
विधायक संजीव सरदार ने सदन में स्पष्ट कहा कि वेब वीपीएन व्यवस्था के दौरान भूमि से जुड़े काम सुचारू गति से होते थे, परंतु झारनेट लागू होने के बाद से सिस्टम लगभग ठप हो गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि झारनेट को तत्काल हटाकर पूर्व की तरह वेब वीपीएन (Web VPN) सेवा को बहाल किया जाए, ताकि रैयतों और आम जनता को राहत मिल सके। विधायक ने चेताया कि यदि तकनीकी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने के साथ-साथ जनता का भरोसा भी कमजोर पड़ेगा। रैयतों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए, ताकि भूमि संबंधित कार्य समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरे हो सकें।
























