- सेल प्रबंधन पर उपेक्षा का आरोप, ग्राम सभा में आंदोलन तेज करने का फैसला
- ग्राम सभा का फैसला—मांगें न मानी गईं तो पानी सप्लाई अनिश्चितकाल तक बंद
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा क्षेत्र के बहदा गांव को मेघाहातुबुरु सेल प्रबंधन द्वारा सीएसआर सूची में शामिल नहीं किए जाने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गुरुवार को गांव में इस मुद्दे को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि 20 दिसंबर 2025 तक बहदा गांव को सीएसआर सूची में शामिल नहीं किया जाता, तो 22 दिसंबर की सुबह 6 बजे से कुमड़ी गांव में लगाए गए पंप सेट और पार्डी पंप हाउस की पानी सप्लाई को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 में ही गांव को सीएसआर सूची में शामिल करने के लिए उपायुक्त चाईबासा को लिखित आवेदन दिया गया था। उपायुक्त द्वारा सेल प्रबंधन को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे ग्रामीणों में रोष बढ़ रहा है।
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दो वर्षों से अटकी मांग, उपायुक्त के निर्देशों के बावजूद नहीं मिली सीएसआर में जगह
ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई बार सेल प्रबंधन को आवेदन और स्मरण पत्र भेज चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया गया। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। गुरुवार को आयोजित ग्राम सभा में एकमत से निर्णय लिया गया कि यदि समय सीमा के भीतर मांग पूरी नहीं हुई, तो पानी सप्लाई रोककर आंदोलन को तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के कारण उत्पन्न किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन की होगी। बहदा गांव के मुंडा रोया सिद्धू ने कहा कि सेल प्रबंधन द्वारा लगातार की जा रही उपेक्षा अब असहनीय हो चुकी है और गांव के विकास के लिए सीएसआर सूची में शामिल होना अत्यंत आवश्यक है।
























