- डुमरिया प्रखंड में पेयजल संकट गहराया, प्रशासन की अनदेखी से बढ़ी परेशानी
- दो साल से बंद जल मीनार, गांव में पेयजल हाहाकार
- स्वच्छ पेयजल से ही रोकी जा सकती हैं जलजनित बीमारियां
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : पोटका विधानसभा अंतर्गत डुमरिया प्रखंड की आस्था कोवाली पंचायत के रांगामाटिया गांव में स्थापित जल मीनार बीते दो वर्षों से खराब पड़ा हुआ है। इस ओर अब तक किसी भी जिम्मेदार विभाग या जनप्रतिनिधि ने सुधि नहीं ली है। जल मीनार बंद रहने के कारण गांव में पेयजल संकट गहरा गया है और ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, बढ़ा बीमारी का खतरा
इस संबंध में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता वीर सिंह देवगम ने बताया कि जल मीनार खराब होने के कारण ग्रामीण गंदा और असुरक्षित पानी पीने को विवश हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इससे गांव में डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वीर सिंह देवगम ने जिले के उपायुक्त से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर जल मीनार की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
























