- सात दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का समापन, युवाओं और बच्चों को नशा मुक्त जीवन का संदेश
- नशा मुक्त भारत के लिए जन जागरूकता और सामूहिक भागीदारी जरूरी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के निर्देशानुसार तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के मार्गदर्शन पर पोटका प्रखंड अंतर्गत कार्यरत पी.एल.वी (अधिकार मित्र) द्वारा सात दिवसीय नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के अंतिम दिन हेस्सागोड़ा गांव में ग्रामीणों से मिलकर नालसा 2025 के तहत नशा के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इस दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि नशा करना अपराध नहीं बल्कि एक सामाजिक अभिशाप है और पीड़ित व्यक्ति को दंडित करने के बजाय सहयोग, मार्गदर्शन और पुनर्वास की व्यवस्था करना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नशा मुक्ति का शपथ लिया और नशा को ना कहें, जीवन को हां कहें का संकल्प दोहराया।
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ग्रामीणों ने नशा मुक्ति का शपथ लेकर दिया सामाजिक संदेश
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य नशीली दवाइयों के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता फैलाना है, विशेष रूप से युवा वर्ग, स्कूली बच्चों और झोपड़ पट्टी में रहने वाले लोगों को नशा मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना। नशा मुक्त भारत का सपना केवल सरकार या कानून से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जन जागरूकता और समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। इस अभियान में डालसा के पी.एल.वी चयन कुमार मंडल, डोबो चकिया, छाकु माझी, ललिता पुरान, मीरा मंडल, ज्योत्सना गोप, कुरुमीता मुर्मू, सबिता सोरेन, मकरो कर्मकार, दुलाल मंडल और सुमित कुमार गोप सहित कई ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने मिलकर नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया और बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाया।
























