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Chandil : झामुमो-कांग्रेस सरकार छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर कर रही प्रताड़ित – आदित्य साहू

  • चौका मोड़ पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का भव्य स्वागत, शहीद अजीत धनंजय महतो की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
  • प्रदेश अध्यक्ष के दौरे से कार्यकर्ताओं में बढ़ा उत्साह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चौका मोड़ पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार और भव्य स्वागत किया। गाजे-बाजे, पारंपरिक संस्कृति की झलक, मां दुर्गा के मुखौटे, फूल-मालाओं, भगवा अंगवस्त्र और शॉल के साथ कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस दौरान जय श्रीराम, भारत माता की जय और भाजपा के जयघोष से पूरा चौका मोड़ भगवामय नजर आया। स्वागत कार्यक्रम के बाद आदित्य साहू ने शहीद अजीत धनंजय महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की झामुमो-कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करने का काम कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहने का आह्वान किया।

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चौका मोड़ पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का जोरदार स्वागत

भाजपा जिला मंत्री पप्पू वर्मा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के चौका आगमन से ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह संगठन को और मजबूती प्रदान करेगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान, जिला प्रभारी मनोज मिश्रा, जिला मंत्री पप्पू वर्मा, भूषण मुर्मू, मंडल अध्यक्ष चामुराम भुइयां, सारथी महतो, खुदी सिंह सरदार, रामकृष्ण महतो और मनोहर दास समेत सातों मंडलों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प भी जताया।

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Chandil : वज्रपात पीड़ित परिवारों से मिलीं विधायक सविता महतो, बंधाया ढांढस

पांडरा गांव में दो महिलाओं की मौत पर जताया शोक, घायल परिजनों को बेहतर इलाज और सहायता का भरोसा घायल

  • पांडरा गांव में दो महिलाओं की मौत पर जताया शोक, घायल परिजनों को बेहतर इलाज और सहायता का भरोसा
  • घायल महिलाओं के इलाज और मुआवजे का भरोसा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : कुकड़ू प्रखंड के पांडरा गांव में वज्रपात से दो महिलाओं की मौत के बाद बुधवार को ईचागढ़ विधायक सविता महतो पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने मृतका मुक्ता महतो और सोनामनी महतो के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी हैं और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

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पांडरा में वज्रपात से दो महिलाओं की मौत, गांव में शोक

विधायक सविता महतो ने वज्रपात की घटना में घायल महिलाओं के परिजनों से भी मुलाकात की और बेहतर इलाज सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों से मृतकों के आश्रितों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा जल्द उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। विधायक ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहना चाहिए। मौके पर झामुमो के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

Manoharpur : कोलपोटका में जर्जर पुलिया पर प्रशासन ने लिया संज्ञान, ग्रामीणों में जगी स्थायी समाधान की उम्मीद

प्रधानपाली-कुम्हारमुंडा से कुम्हार टोला जाने वाली सड़क पर लंबे समय से खराब है पुलिया दुर्घटना की बनी रहती है आशंका,

  • प्रधानपाली-कुम्हारमुंडा से कुम्हार टोला जाने वाली सड़क पर लंबे समय से खराब है पुलिया
  • दुर्घटना की बनी रहती है आशंका, पुलिया के पुनर्निर्माण की मांग, जल्द कार्रवाई की उम्मीद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड के कोलपोटका पंचायत अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत प्रधानपाली-कुम्हारमुंडा से कुम्हार टोला जाने वाली ग्रामीण सड़क पर स्थित जर्जर पुलिया की समस्या को लेकर प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया है। पुलिया की बदहाल स्थिति सामने आने के बाद संबंधित स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त है और समय के साथ इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। पुलिया से आवागमन करने वाले राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेषकर पैदल चलने वाले ग्रामीणों को पुलिया पार करते समय काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

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लंबे समय से जर्जर पुलिया बनी ग्रामीणों के लिए परेशानी

ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिया की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत या नए पुलिया के निर्माण की दिशा में पहल की जाए। उनका कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पुलिया और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों के लिए यह सड़क आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए पुलिया की सुरक्षा व्यवस्था और स्थायी समाधान को लेकर प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा है। प्रशासन के संज्ञान लेने के बाद अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही पुलिया का निरीक्षण होगा और उनकी वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

Adityapur : आरआईटी थाना क्षेत्र में युवक हत्याकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार

शव को रेलवे लाइन के पास फेंककर साक्ष्य मिटाने की कोशिश, हथौड़ा, मोबाइल और बाइक बरामद न्यायिक हिरासत में भेजे

  • शव को रेलवे लाइन के पास फेंककर साक्ष्य मिटाने की कोशिश, हथौड़ा, मोबाइल और बाइक बरामद
  • न्यायिक हिरासत में भेजे जाएंगे गिरफ्तार आरोपी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के आरआईटी थाना क्षेत्र में युवक अमित सरदार की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को रेलवे लाइन के समीप फेंक दिया था। मामले का खुलासा वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर किया गया। मृतक की मां बैहुल्या देवी, निवासी कृष्णापुर बोंडीह, ने 25 जुलाई 2026 को आरआईटी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर आरआईटी थाना कांड संख्या 35/26 के तहत अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

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शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की थी गहन जांच

अनुसंधान के दौरान पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर टिकू किस्कू उर्फ बाबू किस्कू (26), सोमा मुंडा उर्फ बुका मुंडा (38), स्वरूप सोरेन उर्फ कतुरु (27) और मिलन सिंह (18) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके आधार पर हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य सामान बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर घटना की कड़ियों को जोड़ा।

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चार आरोपियों की गिरफ्तारी से हत्या की गुत्थी सुलझी

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो लोहे के हथौड़े, चार स्मार्ट मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल तथा मृतक का शर्ट बरामद किया है, जिसमें पत्थर लपेटा हुआ था। पुलिस के अनुसार बरामद सामान घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। सभी जब्त वस्तुओं को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन साक्ष्यों से मामले के कई अहम पहलुओं का खुलासा होगा और न्यायिक प्रक्रिया में सहायता मिलेगी।

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हथियार समेत कई अहम साक्ष्य पुलिस ने किए जब्त

इस कार्रवाई का नेतृत्व आरआईटी थाना प्रभारी पुअनि रविकांत पराशर ने किया। छापामारी दल में पुअनि विमलेश कुमार महतो, पुअनि संजीव कुमार, सअनि विक्रम कुमार, आरक्षी उमाशंकर सिंह, हवलदार जॉनसन तेंगरा, आरक्षी सिदिऊ बुड़िउली तथा आरक्षी बबलू बिरूली शामिल थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही मामले की आगे भी जांच जारी है ताकि घटना के पीछे की पूरी साजिश और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

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कुम्हारमुंडा गांव में बारिश के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, परिवार पर टूटा आर्थिक संकट पीड़ित किसान को मुआवजा देने की

  • कुम्हारमुंडा गांव में बारिश के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, परिवार पर टूटा आर्थिक संकट
  • पीड़ित किसान को मुआवजा देने की उठी मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड के कुम्हारमुंडा गांव में मंगलवार शाम वज्रपात की घटना ने एक गरीब किसान की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज बारिश और गरज-चमक के बीच हुई आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बुधवा कच्छप की तीन बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार शाम के समय बकरियां घर के बाहर बंधी हुई थीं। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और तीनों बकरियां उसकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और पीड़ित किसान का परिवार गहरे सदमे में है।

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आकाशीय बिजली से पशुपालक की वर्षों की मेहनत हुई खत्म

ग्रामीणों के अनुसार बकरी पालन ही बुधवा कच्छप के परिवार की आय का मुख्य स्रोत था। एक ही झटके में तीन बकरियों की मौत से उन्हें लगभग 40 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना के बाद परिवार के सामने जीविकोपार्जन की चिंता खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को आपदा राहत कोष के तहत शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से किसान अपने नुकसान की कुछ भरपाई कर सकेगा और परिवार को राहत मिलेगी।

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दाड़कादा प्लस टू उच्च विद्यालय के भवन निर्माण में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग की कार्रवाई नहीं

  • दाड़कादा प्लस टू उच्च विद्यालय के भवन निर्माण में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग की
  • कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड के होयोहातु पंचायत स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय दाड़कादा में नवनिर्मित विद्यालय भवन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पहली ही बारिश में भवन की छत से पानी टपकने लगा, जिससे निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिसके कारण नई छत बारिश का पानी नहीं रोक पा रही है। स्कूल प्रबंधन और स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को पत्र भेजकर जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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नवनिर्मित विद्यालय भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित संवेदक स्वयं मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छत से टपकते पानी को देखकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। मौके पर समाजसेवी जगन सिंह हांसदा, अंकित कुमार महतो, गोविंद गागराई, लव गागराई, पूर्ण चंद्र गंझू, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साथ ही दोषी संवेदक के खिलाफ कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।

New Delhi : ओलचिकी लिपि में संताली पाठ्य सामग्री प्रकाशित करने की मांग, रघुवर दास ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

नई दिल्ली में प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर पूर्व मुख्यमंत्री ने संताली भाषा की मूल लिपि को संरक्षण और बढ़ावा

  • नई दिल्ली में प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर पूर्व मुख्यमंत्री ने संताली भाषा की मूल लिपि को संरक्षण और बढ़ावा देने का उठाया मुद्दा
  • शिक्षा मंत्रालय से स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

नई दिल्ली : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर संताली भाषा की मूल और सर्वमान्य लिपि ‘ओलचिकी’ में शैक्षणिक एवं पठन-पाठन सामग्री प्रकाशित करने की मांग उठाई। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा विभिन्न पाठ्य पुस्तकों और शैक्षणिक सामग्रियों के निर्माण एवं प्रकाशन का कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताली भाषा की पुस्तकों को देवनागरी लिपि में तैयार करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि संताली भाषा से संबंधित सभी सामग्री केवल उसकी मूल लिपि ओलचिकी में ही तैयार और प्रकाशित की जाए, ताकि भाषा की मौलिकता और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके।

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संताली भाषा की मूल लिपि को संरक्षण देने की मांग

रघुवर दास ने शिक्षा मंत्री को बताया कि वर्ष 2025 में पूरे देश में ओलचिकी लिपि का शताब्दी वर्ष बड़े उत्साह और गौरव के साथ मनाया गया था। इस अवसर पर भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। उन्होंने उल्लेख किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा ओलचिकी लिपि में अनूदित भारतीय संविधान का लोकार्पण किया गया, जो संताली समाज के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि थी। उन्होंने यह भी बताया कि हूल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ओलचिकी लिपि में देशवासियों को संदेश देकर इस लिपि के महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया।

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ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष का उल्लेख

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया था। संताली भाषा की अपनी स्वतंत्र, वैज्ञानिक और व्यापक रूप से स्वीकृत लिपि ओलचिकी है, जिसे देश और विदेश में करोड़ों लोग उपयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में झारखंड में डबल इंजन सरकार के दौरान संताल बहुल रेलवे स्टेशनों और सरकारी कार्यालयों के नामपट्टों पर ओलचिकी लिपि को स्थान दिया गया। इसके अलावा साहित्य अकादमी सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा भी संताली भाषा में ओलचिकी लिपि का उपयोग किया जा रहा है। केंद्र सरकार की कई वेबसाइटों पर संताली भाषा केवल ओलचिकी लिपि में उपलब्ध है।

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राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहा ओलचिकी लिपि का उपयोग

रघुवर दास ने अपने ज्ञापन में झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, छत्तीसगढ़, असम समेत नेपाल और बांग्लादेश में भी ओलचिकी लिपि के व्यापक उपयोग का उल्लेख किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि एनसीईआरटी और शिक्षा मंत्रालय के अधीन सभी संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि संताली भाषा की पाठ्यपुस्तकों, संदर्भ ग्रंथों, शिक्षक मार्गदर्शिकाओं तथा डिजिटल शिक्षण सामग्री का प्रकाशन केवल ओलचिकी लिपि में किया जाए। उनका कहना था कि इससे करोड़ों संताली भाषियों की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस विषय पर शिक्षा मंत्री के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही और उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।

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