कक्षा 1 और 2 के बच्चों के लिए बहुभाषी शिक्षा को मजबूत करने की तैयारी
रांची में जेसीईआरटी से प्रशिक्षण पाकर लौटे मास्टर ट्रेनर जिलों में देंगे ट्रेनिंग
बालगीत और खेल गतिविधियों से पढ़ाई बनेगी रोचक
शिक्षा विभाग को बच्चों के आधारभूत कौशल विकास की उम्मीद
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : कक्षा 1 और 2 के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं आनंददायक शिक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पलाश कार्यक्रम के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं को एक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पलाश बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र बिंदु बहुकक्षीय (मल्टीग्रेड) शिक्षण व्यवस्था होगी। इस अनूठी प्रशासनिक व शैक्षणिक पहल का उद्देश्य एक ही शिक्षक द्वारा एक साथ दो अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को बेहद प्रभावी ढंग से भाषा एवं गणित की बुनियादी शिक्षा देना है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को धरातल पर उतारने के लिए जिले के मास्टर ट्रेनरों को झारखंड शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी), रांची में पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। अब ये मास्टर ट्रेनर जिले के विभिन्न चयनित प्रखंडों के चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं को बहुकक्षीय शिक्षण की आधुनिक तकनीकों और बारीकियों से अवगत कराएंगे।
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जनजातीय बच्चों की भाषाई व सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित ‘पलाश पुस्तक‘ का होगा उपयोग
इस विशेष प्रशिक्षण सत्र के दौरान मुख्य रूप से ‘पलाश पुस्तक’ का उपयोग किया जाएगा। इस पुस्तक को विशेष रूप से जनजातीय बच्चों की स्थानीय भाषाई एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए बहुभाषी शिक्षा की आधुनिक अवधारणा पर तैयार किया गया है। पलाश पुस्तक में स्थानीय परिवेश से जुड़े सुंदर बालगीत, मनोरंजक लघुकथाएं, खेल आधारित गतिविधियां और सहभागितापूर्ण शिक्षण सामग्री को शामिल किया गया है। इन आधुनिक सामग्रियों के समावेश से बच्चों के लिए सीखने की पूरी प्रक्रिया न केवल सहज और रोचक बनेगी, बल्कि यह उनके मानसिक विकास में भी अत्यधिक प्रभावी साबित होगी। पश्चिमी सिंहभूम जिले में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन मुख्य रूप से जिले के अनुभवी मास्टर ट्रेनर कृष्णा देवगम, राजेश सिंकू, राजेंद्र प्रसाद नेवार, नवीन कुमार झा, दमयंती बिरुवा और विनिता कुमारी गोप द्वारा किया जाएगा।
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लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) की टीम देगी तकनीकी सहयोग
इस बड़े आयोजन में लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) की विशेषज्ञ टीम महत्वपूर्ण तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेगी। एलएलएफ की ओर से निशा गुप्ता, सीमा सिंह, शैलेन्द्र अवस्थी, नीरज राणा, स्मृति मिश्रा, मो. एहसान, उषा कुमारी, पूजा पान, दीपक सांडिल, कमल लोचन प्रमाणिक तथा संदीप शंख शिक्षकों की क्षमता संवर्धन में मदद करेंगे। जिला शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बहुकक्षीय प्रशिक्षण से न केवल शिक्षकों की कार्यक्षमता मजबूत होगी, बल्कि कक्षा 1 और 2 के बच्चों में भाषा एवं गणित की आधारभूत दक्षताओं के विकास को एक नई दिशा और गति मिलेगी। बहुभाषी शिक्षा के माध्यम से बच्चों के सीखने का शुरुआती अनुभव अधिक सहज, आत्मीय और प्रभावशाली बनेगा, जिससे सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को कम करने में भी काफी मदद मिलेगी।
























