छात्राओं को कानून और अधिकारों की दी गई जानकारी
डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने छात्राओं को कानूनी प्रावधानों से कराया अवगत
महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा कानूनों की दी गई विस्तृत जानकारी
डालसा से सहायता लेने की अपील, बड़ी संख्या में छात्राएं हुईं शामिल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : ग्रेजुएट महाविद्यालय के सभागार में गुरुवार को बीएड विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जमशेदपुर के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी उपस्थित रहे। वहीं वरिष्ठ मध्यस्थ अधिवक्ता के.के. सिन्हा, लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य अधिवक्ता योगिता कुमारी तथा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वीणा सिंह प्रियदर्शी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद अतिथियों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण में प्राचार्या डॉ. वीणा सिंह प्रियदर्शी ने कहा कि छात्राओं के लिए कानूनी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होने पर ही वे समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकती हैं।
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पोक्सो एक्ट, महिलाओं के अधिकार और एफआईआर प्रक्रिया पर हुई चर्चा

मुख्य अतिथि कुमार सौरभ त्रिपाठी ने छात्राओं को पोक्सो एक्ट, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं, महिलाओं के मौलिक अधिकारों तथा कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं की पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी के कानूनी अधिकार को भी स्पष्ट किया। इसके अलावा उन्होंने गुड टच और बैड टच की पहचान, उनसे जुड़े अपराधों की सजा और कानूनी प्रावधानों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की एफआईआर थाना में दर्ज नहीं की जाती है तो उसके लिए कानून में क्या वैकल्पिक प्रावधान उपलब्ध हैं। इस दौरान छात्राओं ने भी कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उत्तर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कानूनी रूप से जागरूक बनाकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग करना था।
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घरेलू हिंसा, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे विषयों पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता के.के. सिन्हा और लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य अधिवक्ता योगिता कुमारी ने महिलाओं के अधिकार, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, मानव तस्करी, डायन प्रथा एवं डालसा के कार्यों और उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किसी भी कानूनी समस्या या सहायता की आवश्यकता होने पर लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकार से निःशुल्क मदद प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. विश्वेश्वर यादव ने किया। शिविर को सफल बनाने में पीएलवी नागेंद्र कुमार, दिलीप जायसवाल, संजय कुमार तिवारी, आशीष प्रजापति, दीपिका कुजूर तथा डॉ. निशा कोंगारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित रहीं तथा कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।























