झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने लॉटरी प्रणाली पर जताई आपत्ति, यूसील प्रबंधन को सौंपा मांग पत्र
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : जादूगोड़ा स्थित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत बच्चों के नामांकन के लिए अपनाई गई लॉटरी प्रणाली का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) द्वारा संचालित जादूगोड़ा, नरवा पहाड़ और तुरामडीह परियोजना क्षेत्र के विद्यालयों में सीमित संख्या में बच्चों का चयन कर नामांकन प्रक्रिया पूरी कर दी गई, जिससे विस्थापित परिवारों, विधवाओं तथा राजस्व गांवों के अधिकांश बच्चे प्रवेश से वंचित रह गए। इस मुद्दे को लेकर झामुमो नेता एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी ने यूसील प्रबंधन की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनी के आसपास रहने वाले प्रभावित परिवारों के बच्चों को शिक्षा में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है और इससे प्रभावित परिवारों में असंतोष बढ़ रहा है।
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स्थानीय प्रतिनिधित्व और ग्रामीण बच्चों के लिए विशेष प्रावधान की मांग
मंगलवार को बाघराय मार्डी ने यूसील के उपमहाप्रबंधक राकेश कुमार से मुलाकात कर विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरटीई नामांकन प्रक्रिया में विस्थापित परिवारों, विधवाओं और राजस्व गांवों के बच्चों को प्राथमिकता देने, परमाणु ऊर्जा शिक्षा सोसायटी मुंबई की शिक्षा निगरानी समिति में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करने तथा कंपनी के आसपास के ग्रामीण बच्चों के लिए विशेष नामांकन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में मंगल सोरेन, गोरा पूर्ति सहित कई ग्रामीण भी मौजूद थे। बाघराय मार्डी ने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय लोगों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर पहला अधिकार प्रभावित और विस्थापित परिवारों के बच्चों का होना चाहिए।
























