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Jamshedpur : कोल्हान में भीषण हीट वेव का कहर, जनजीवन पर गहरा असर

  • लगातार बढ़ते तापमान ने बढ़ाई चिंता, राहत के उपाय नाकाफी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : कोल्हान क्षेत्र, जिसमें जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं, इन दिनों भीषण गर्मी और हीट वेव की चपेट में है। हर साल गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, लेकिन इस बार तापमान ने पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचना अब आम बात हो गई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा छा जाता है और लोग जरूरी काम के बिना घरों से निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं, जहां पानी की कमी और बिजली कटौती ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

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बढ़ते तापमान से आम जनजीवन प्रभावित

हीट वेव का सबसे अधिक असर मजदूर वर्ग, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है। खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है। लू लगने, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है। पिछले एक सप्ताह के तापमान पर नजर डालें तो सोमवार से रविवार तक अधिकतम तापमान 41°C से 44°C के बीच बना रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 27°C से 30°C तक दर्ज किया गया। इस लगातार ऊंचे तापमान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हीट वेव का असर पूरे सप्ताह बना रहा और लोगों को किसी भी तरह की राहत नहीं मिल पाई।

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स्वास्थ्य पर हीट वेव का बढ़ता खतरा

इस बढ़ती गर्मी के पीछे जलवायु परिवर्तन एक बड़ा कारण माना जा रहा है, जिससे मौसम के पैटर्न में बदलाव आया है। इसके अलावा, कोल्हान क्षेत्र में तेजी से हो रहा शहरीकरण और पेड़ों की कटाई भी तापमान बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। जमशेदपुर में कंक्रीट के जंगल बढ़ने से “हीट आइलैंड इफेक्ट” देखने को मिल रहा है। प्रशासन द्वारा स्कूलों के समय में बदलाव, पानी की व्यवस्था और जागरूकता अभियान जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान जैसे वृक्षारोपण, जल संरक्षण और सतत विकास नीति अपनाना बेहद जरूरी है। लोगों को भी सावधानी बरतनी होगी, ताकि इस भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।

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हीट वेव से बचाव के जरूरी उपाय

  • दोपहर 11 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
  • बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछा या छतरी से ढकें।
  • हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।
  • दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, प्यास न लगे तब भी।
  • नींबू पानी, नारियल पानी और ओआरएस का सेवन करें।
  • तैलीय, मसालेदार और भारी भोजन से बचें।
  • बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें।
  • घर में पंखा, कूलर या छायादार स्थान पर रहें।
  • धूप में अधिक मेहनत वाले काम करने से बचें।
  • बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी न पिएं, शरीर को धीरे-धीरे ठंडा करें।
  • सिरदर्द, चक्कर, उल्टी या कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • घर की खिड़कियों पर पर्दे लगाकर सीधी धूप रोकें।

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Gua : टेकअप प्वाइंट पर रेलवे निर्माण से जगी उम्मीद, सारंडा के ग्रामीणों को राहत की आस

वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम नई सुविधा से रेलवे और ग्रामीणों दोनों को मिलेगा लाभ

  • वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम
  • नई सुविधा से रेलवे और ग्रामीणों दोनों को मिलेगा लाभ

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : सारंडा क्षेत्र के करमपदा और मेघाहातुबुरु लोडिंग साइडिंग के बीच स्थित टेकअप प्वाइंट पर रेलवे द्वारा करीब 1100 वर्गफीट क्षेत्र में एक नए भवन का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं और ग्रामीणों के बीच उम्मीद की नई किरण जगी है। लोगों का मानना है कि यदि यहां रेलकर्मियों की तैनाती की जाती है और परिचालन व्यवस्था में सुधार होता है, तो वर्षों से चली आ रही समस्याओं से निजात मिल सकती है। फिलहाल इस स्थान पर ट्रेनों के अनावश्यक ठहराव के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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निर्माण कार्य से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर, लोगों में उत्साह

गौरतलब है कि सेल की मेघाहातुबुरु और किरीबुरू खदानों से लौह अयस्क की ढुलाई रेलवे के माध्यम से होती है। जब मेघाहातुबुरु से मालगाड़ियां करमपदा की ओर रवाना होती हैं, तो उन्हें टेकअप प्वाइंट पर घंटों खड़ा कर दिया जाता है। इस दौरान करमपदा स्टेशन से रेलकर्मियों को मोटरसाइकिल या पैदल मौके पर भेजा जाता है, जहां वे आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है, जिससे न केवल रेलवे संचालन प्रभावित होता है बल्कि आम लोगों की आवाजाही भी बाधित होती है।

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मालगाड़ियों के ठहराव से बढ़ती परेशानी, प्रक्रिया में लग रहा अधिक समय

यह टेकअप प्वाइंट सारंडा के कई गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां से गुजरने वाली वन सड़कें और ग्रामीण रास्ते स्थानीय लोगों के लिए जीवनरेखा का काम करती हैं। जब यहां मालगाड़ी खड़ी रहती है, तो घंटों तक रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई होती है, पर्यटकों को इंतजार करना पड़ता है, नक्सल विरोधी अभियान में लगे सुरक्षा बलों को बाधा आती है और वन विभाग के कार्यों में भी रुकावट पैदा होती है। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे।

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रास्ता बंद होने से जनजीवन प्रभावित, आपात सेवाओं पर भी असर

इस संबंध में करमपदा स्टेशन मास्टर संजय दास ने बताया कि निर्माण कार्य जारी है, लेकिन इसके उद्देश्य को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। कुछ लोग इसे सिग्नल रूम तो कुछ ऑपरेटिंग रूम बता रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि इस स्थान पर आवश्यक रेलवे सुविधाएं विकसित होती हैं, तो इससे न केवल रेलवे संचालन में सुधार होगा बल्कि स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल ग्रामीणों की नजरें इस निर्माण कार्य पर टिकी हैं और वे इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद कर रहे हैं।

Potka : पोटका में सेचेन करुणा क्लिनिक पर विधायक का छापा, अनियमितताओं का खुलासा

बिना डॉक्टर संचालित क्लिनिक में मरीजों की गरिमा से समझौते पर जताई नाराजगी फ्री इलाज के नाम पर वसूली का

  • बिना डॉक्टर संचालित क्लिनिक में मरीजों की गरिमा से समझौते पर जताई नाराजगी
  • फ्री इलाज के नाम पर वसूली का आरोप, जांच के दिए निर्देश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका के पावरू (हाता) स्थित सेचेन करुणा क्लिनिक में सोमवार को विधायक संजीव सरदार के औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान एक महिला मरीज का फिजियोथेरेपी पुरुष कर्मी द्वारा किए जाने पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई और मौके पर ही स्टाफ को फटकार लगाई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जांच के समय क्लिनिक में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला, जिससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। जब विधायक ने स्टाफ की सूची मांगी तो प्रबंधन स्पष्ट जानकारी देने में असफल रहा। पूछताछ में सामने आया कि कुल 40 कर्मचारियों में से केवल 8 ही स्थानीय हैं, जबकि बाकी बाहरी राज्यों से हैं, जिससे स्थानीय रोजगार पर भी प्रश्न उठे।

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महिला मरीजों की सुरक्षा और अधिकारों पर उठे सवाल

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि महिला मरीजों का एक्स-रे और फिजियोथेरेपी पुरुष कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा था, जिसे विधायक ने नियमों का उल्लंघन और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया। इसके अलावा स्थानीय मजदूरों को कम मजदूरी देने और पीएफ तथा ईएसआई जैसी सुविधाओं से वंचित रखने के आरोप भी सामने आए। विधायक ने कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्लिनिक में मुफ्त इलाज के नाम पर ग्रामीणों से पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने संस्था पर विदेशी फंड के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। वहीं महिलाओं को टेलरिंग, निटिंग और कृषि प्रशिक्षण देने के दावे भी मौके पर गलत पाए गए। विधायक ने संबंधित विभाग को जांच कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

Baharagoda : बहरागोड़ा में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, डॉ. बालमुचू ने चुनाव लड़ने का किया ऐलान

संगठन सृजन कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक मजबूत होने का आह्वान नेताओं ने संगठन विस्तार पर दिए सुझाव,

  • संगठन सृजन कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक मजबूत होने का आह्वान
  • नेताओं ने संगठन विस्तार पर दिए सुझाव, कार्यकर्ताओं में दिखा जोश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के एनएच-49 स्थित बैद्यनाथ प्लेस में सोमवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित प्रखंड स्तरीय ‘संगठन सृजन’ कार्यक्रम में आगामी चुनावों को लेकर रणनीति तय की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष विमल बारिक ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी की “रीढ़” बताते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में बहरागोड़ा सीट पर कांग्रेस मजबूती से अपनी दावेदारी पेश करेगी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त करने और जल्द से जल्द पंचायत कमेटियों के गठन का निर्देश दिया, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके।

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चुनावी तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने बनाई रणनीति

अपने संबोधन में डॉ. बालमुचू ने विपक्षी दलों की नीतियों की आलोचना करते हुए राज्य में संगठनात्मक मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सरकार होने के बावजूद कई कार्यकर्ताओं की समस्याएं अनदेखी हो रही हैं, जिस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। कार्यक्रम में जिला प्रभारी तापस चटर्जी, तापस महापात्र, सत्यवान बेरा और अर्णव नायक समेत कई नेताओं ने भी संगठन विस्तार को लेकर अपने सुझाव दिए। अंत में राष्ट्रीय गीत के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिला।

Baharagoda : बहरागोड़ा के ओम कुमार कर ने रचा इतिहास, झारखंड में 5वीं रैंक हासिल

98.40% अंकों के साथ जिले में प्रथम, विद्यालय में भव्य सम्मान विद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था का दिखा असर, सभी

  • 98.40% अंकों के साथ जिले में प्रथम, विद्यालय में भव्य सम्मान
  • विद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था का दिखा असर, सभी छात्र प्रथम श्रेणी में सफल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के ईचड़ाशोल स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के छात्र ओम कुमार कर ने वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ओम ने 500 में से 492 अंक प्राप्त कर 98.40 प्रतिशत के साथ पूर्वी सिंहभूम जिले में प्रथम स्थान हासिल किया, वहीं झारखंड राज्य में 5वीं रैंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोमवार को विद्यालय परिसर में आयोजित एक विशेष समारोह में संकुल प्रमुख अशोक कुमार नायक और प्रधानाचार्य वासुदेव प्रधान ने ओम और उनके पिता कमलाकांत कर को स्मृति चिह्न व उपहार देकर सम्मानित किया।

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मेहनत और अनुशासन से मिली सफलता, छात्रों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

अपनी सफलता का राज बताते हुए ओम कुमार कर ने कहा कि नियमित पढ़ाई के साथ-साथ योगासन करने से उनकी एकाग्रता में काफी वृद्धि हुई, जिससे उन्हें यह मुकाम हासिल करने में मदद मिली। विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस वर्ष संस्थान के सभी 131 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं, जो स्कूल की बेहतर शिक्षा प्रणाली और अनुशासन को दर्शाता है। इस अवसर पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने ओम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Jadugoda : द्रोणाचार्य हापकिडो अकादमी के खिलाड़ियों का जलवा, 15 पदकों पर कब्जा

जिला स्तरीय चैंपियनशिप में 9 स्वर्ण जीतकर बढ़ाया मान मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह, उज्ज्वल भविष्य की दी

  • जिला स्तरीय चैंपियनशिप में 9 स्वर्ण जीतकर बढ़ाया मान
  • मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा के द्रोणाचार्य हापकिडो अकादमी के खिलाड़ियों ने जमशेदपुर के बागबेड़ा में आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय हापकिडो चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 15 पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता में अकादमी के 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 9 खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक, 4 ने रजत और 2 ने कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। स्वर्ण पदक जीतने वालों में पूनम सोरेन, ओलिवा सेन, अर्णव सिंह, विदिशा गुसाईं, पूनम मुंडा, रोहन खंडवाल, युवराज सिंह, रेयांश कुमार और आरवी कोंडापल्ली शामिल रहे। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से उनके अभिभावकों और प्रशिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

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रजत और कांस्य पदक विजेताओं ने भी दिखाया दमखम

रजत पदक तानिया गुप्ता, प्रज्ञा झा, शशांक नंबूदरी और सिद्धार्थ मंडल ने जीता, जबकि कांस्य पदक मोनालिसा और सुभोदीप पाल को मिला। प्रतियोगिता के दौरान मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता अमरप्रीत सिंह काले ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि हापकिडो आत्मरक्षा की एक महत्वपूर्ण कला है, जो वर्तमान समय में हर बच्चे के लिए आवश्यक है। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ आगे बढ़ने और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरे क्षेत्र में गर्व का माहौल देखा गया।

Potka : सेंदरा शिकार पर्व पर वन विभाग सख्त, हाता में चला सघन जांच अभियान

दलमा की ओर जाने वाले वाहनों पर विशेष नजर, संदिग्धों से पूछताछ अवैध शिकार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, लोगों

  • दलमा की ओर जाने वाले वाहनों पर विशेष नजर, संदिग्धों से पूछताछ
  • अवैध शिकार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, लोगों से सहयोग की अपील

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका क्षेत्र में सेंदरा शिकार पर्व को लेकर वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सोमवार सुबह हाता स्थित वन विभाग कार्यालय के समीप विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें जमशेदपुर की ओर जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों की बारीकी से जांच की गई। वनकर्मियों की टीम सड़क पर वाहनों को रोक-रोककर तलाशी ले रही थी और यात्रियों से पूछताछ कर रही थी। खासकर उन लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही थी, जिनके दलमा जंगल की ओर जाने की आशंका थी। जांच के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर उनसे विस्तृत जानकारी ली गई और उन्हें सेंदरा पर्व के दौरान शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध के बारे में अवगत कराया गया।

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जंगलों की सुरक्षा को लेकर विभाग की चौकसी बढ़ी

वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सेंदरा शिकार पर्व के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अवैध शिकार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ा दी है। रेंज ऑफिसर शंकर भगत, हेड सब बीट ऑफिसर तन्मय चटर्जी, दशरथ सोरेन, किष्णु मुर्मू, हिमांशु कुमार, रुद्र नारायण दास, सब बीट ऑफिसर दुखुरम मुर्मू, अमल कुमार मुरमू और सुजाता समेत कई वनकर्मी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल रहे। इस दौरान टीम ने लोगों को जागरूक करते हुए अपील की कि परंपरा के नाम पर वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं और कानून का पालन करें।

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