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Potka : एक सप्ताह से अंधेरे में सीधाडीह के 30 परिवार, ट्रांसफार्मर नहीं बदलने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

  • बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण परेशान, बच्चों की पढ़ाई और जनजीवन प्रभावित

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका प्रखंड की हेंसड़ा पंचायत अंतर्गत बानाकाटा गांव के सीधाडीह टोला में 10 केवी का ट्रांसफार्मर खराब होने से करीब 30 परिवार पिछले एक सप्ताह से अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने से ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो गई है। कई बार बिजली विभाग को सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर सोमवार को ग्रामीणों ने खराब ट्रांसफार्मर के सामने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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जंगल से सटे गांव में बढ़ी मुश्किलें, ग्रामीणों ने जल्द समाधान की मांग की

ग्रामीण फिरोज सरदार ने बताया कि सीधाडीह टोला जंगल के किनारे स्थित है, जहां अक्सर जहरीले सांपों का खतरा बना रहता है। रात के समय अंधेरा रहने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से अविलंब नया ट्रांसफार्मर लगाने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

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Jamshedpur : न्याय सदन में तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

वाद-मुक्त ग्रामीण भारत की अवधारणा को सशक्त बनाने पर दिया गया जोर जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : जमशेदपुर के न्याय

  • वाद-मुक्त ग्रामीण भारत की अवधारणा को सशक्त बनाने पर दिया गया जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के न्याय सदन कॉन्फ्रेंस हॉल में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तीन दिवसीय आधारभूत सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम 8 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), पूर्वी सिंहभूम के तत्वावधान में आयोजित किया गया। नालसा की पायलट परियोजना “सामुदायिक मध्यस्थता : वाद-मुक्त ग्रामीण भारत की ओर” के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में चयनित सामुदायिक मध्यस्थों को ग्रामीण एवं सामुदायिक स्तर पर उत्पन्न होने वाले विवादों के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदायों में संवाद और सहमति आधारित समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना रहा।

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मध्यस्थता की प्रक्रिया, निष्पक्षता और संवाद कौशल पर मिला विशेष प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रशिक्षित मध्यस्थों द्वारा किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को मध्यस्थता की अवधारणा, प्रक्रिया, मध्यस्थ की भूमिका, निष्पक्षता, तटस्थता, गोपनीयता, सक्रिय श्रवण और प्रभावी संवाद जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही पक्षकारों के हितों की पहचान कर समाधान के विभिन्न विकल्पों तक पहुंचने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षण को व्यावहारिक बनाने के लिए केस स्टडी, भूमिका-अभिनय (रोल प्ले) और संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में विवाद समाधान की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।

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छोटे विवादों के स्थानीय समाधान से घटेंगे मुकदमे, प्रशिक्षकों ने साझा किए अनुभव

प्रशिक्षकों ने बताया कि मध्यस्थ का कार्य किसी पक्ष के पक्ष या विपक्ष में निर्णय देना नहीं, बल्कि दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचाने में मदद करना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे विवादों का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित करना और अनावश्यक मुकदमों की संख्या को कम करना है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी सहित प्रशिक्षक के.के. सिन्हा, तरित वरण कर, राजेश दास एवं कृष्णा जी प्रसाद उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को न्याय सुलभता और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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जलजमाव से छात्र, बुजुर्ग और ग्रामीण परेशान, बरसात में घरों तक पहुंच रहा पानी जेबी लाइव, रिपोर्टर पोटका : पोटका

  • जलजमाव से छात्र, बुजुर्ग और ग्रामीण परेशान, बरसात में घरों तक पहुंच रहा पानी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका प्रखंड की कोवाली पंचायत अंतर्गत पण्डियासाई गांव में जलजमाव की समस्या ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष के लगभग सात महीने तक गांव की मुख्य सड़क पानी में डूबी रहती है, जिससे लोगों का सामान्य आवागमन प्रभावित होता है। सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों और दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब सड़क पर जमा पानी आसपास के घरों तक पहुंच जाता है। लगातार जलजमाव के कारण कई परिवारों को असुविधा झेलनी पड़ रही है, जबकि मिट्टी के घरों में नमी बढ़ने से उनके कमजोर होने और क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बना हुआ है।

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सड़क और नाली निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सड़क और नाली निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे गांव के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। सूचना मिलने पर समाजसेवी दुखनी सोरेन और शंकर मुंडा गांव पहुंचे तथा जलजमाव वाले क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राजेश बास्के और सौरभ कुमार भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने मांग की कि जल्द से जल्द सड़क और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि हर वर्ष होने वाली इस समस्या से उन्हें राहत मिल सके और गांव का सामान्य जनजीवन सुचारु रूप से चल सके।

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सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की पदयात्रा कर करेंगे बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : जमशेदपुर

  • सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की पदयात्रा कर करेंगे बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर से नवयुवक कांवरिया संघ, टाटानगर का पावन कांवरिया जत्था श्रद्धा, भक्ति और आस्था की 24 वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। जत्थे की रवानगी से पहले भुइयांडीह स्थित रक्षा काली मंदिर, भालूबासा स्थित श्री श्री विजय बजरंग मंदिर एवं जंबू अखाड़ा तथा पारडीह काली मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। कांवरिया बंधुओं ने भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर अपनी यात्रा का शुभारंभ किया। यह जत्था बिहार के सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करेगा और देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करेगा। श्रद्धालु इस यात्रा के माध्यम से विश्व कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।

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आस्था, अनुशासन और सेवा का प्रतीक है कांवर यात्रा : अमरप्रीत सिंह काले

दिल्ली प्रवास पर होने के कारण भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने दूरभाष के माध्यम से नवयुवक कांवरिया संघ के सभी सदस्यों और कांवरिया बंधुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 24 वर्षों से निरंतर जारी यह पवित्र यात्रा केवल जल अर्पण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, अनुशासन और सनातन संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नवयुवक कांवरिया संघ द्वारा वर्षों से इस परंपरा को पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ निभाया जा रहा है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। अमरप्रीत सिंह काले ने बाबा बैद्यनाथ से प्रार्थना करते हुए सभी कांवरियों की सुरक्षित, सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा समस्त ब्रह्मांड और सभी भक्तों पर सदैव बनी रहे।

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उत्साह और भक्ति के साथ रवाना हुआ जत्था, बड़ी संख्या में शामिल हुए शिवभक्त

कांवर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में जूगुन पांडे, बिभाष मजूमदार, जय प्रकाश सिंह, मनीष सिंह, संजय संघी, रवि मंडल, अमित पोद्दार, संतोष मांझी, सागर चौबे, सूरज चौबे, अभिषेक पांडे, बॉबी सिंह, ब्रजेश, गौतम मोदक, प्रणय दास, सौरव रजक, विजय शर्मा, समीर राय, शुभम, राहुल और अन्य अनेक शिवभक्त शामिल हैं। यात्रा शुरू होने से पहले सभी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे वातावरण में “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे। कांवरिया बंधुओं ने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से उनकी यात्रा सफल होगी और वे सुरक्षित रूप से देवघर पहुंचकर जलाभिषेक कर सकेंगे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने समाज, राज्य और देश की खुशहाली के लिए भी प्रार्थना की।

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रोजगार और स्थानीय मांगों को लेकर जारी आंदोलन के बीच प्रबंधन ने बुलाई बैठक जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : गुवा

  • रोजगार और स्थानीय मांगों को लेकर जारी आंदोलन के बीच प्रबंधन ने बुलाई बैठक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा स्थित सेल की रांजाबुरु खदान में सारंडा विकास समिति जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले चल रही अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी के बीच सोमवार को सेल प्रबंधन ने प्रभावित गांवों के मुंडा-मानकी और ग्रामीण प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की। आंदोलन स्थानीय रोजगार और पूर्व में हुए समझौतों के क्रियान्वयन की मांग को लेकर शुरू किया गया है। हालांकि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख ग्रामीण प्रतिनिधि, मुंडा-मानकी, लागुड़ा देवगम और गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल समेत कई प्रमुख लोग बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद 12 गांवों के मुंडा एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लेकर अपनी बात रखी। वार्ता के दौरान क्षेत्र में चल रहे आंदोलन और ग्रामीणों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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दिसंबर तक रोजगार से जोड़ने का आश्वासन, ग्रामसभा से मांगी गई सूची

सीजीएम चंद्रभूषण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महाप्रबंधक (एचआर) प्रवीण कुमार सिंह, महाप्रबंधक (शिक्षा) अनर्व डे, महाप्रबंधक (ईएंडएल) डॉ. टीसी आनंद, उप महाप्रबंधक (सीएसआर) अनिल कुमार तथा मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि पूर्व में 50 बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार देने पर सहमति बनी थी और कंपनी अपने इस निर्णय पर कायम है। इसके लिए सभी संबंधित गांवों में ग्रामसभा आयोजित कर पात्र बेरोजगार युवाओं का चयन करने तथा सूची ग्रामसभा के पैड पर तैयार कर गुवा थाना प्रभारी को सौंपने का आग्रह किया गया। थाना प्रभारी को इस प्रक्रिया का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। प्रबंधन ने बताया कि सूची प्राप्त होने के बाद चयनित युवाओं को दिसंबर तक रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

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12 युवाओं के नाम मिले, आंदोलनकारी बोले— ठोस कार्रवाई के बिना नहीं हटेगी नाकेबंदी

बैठक के दौरान प्रबंधन ने जानकारी दी कि अब तक 12 बेरोजगार युवाओं के नाम प्राप्त हुए हैं, जिनका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। शेष नाम ग्रामसभा की अनुशंसा के बाद थाना के माध्यम से भेजे जाएंगे। दूसरी ओर आंदोलनरत ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें वार्ता की सूचना मिली थी, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण 10 अगस्त से शुरू की गई अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी जारी रखी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा और जब तक रोजगार तथा अन्य लंबित मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

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झामुमो कार्यकर्ताओं ने शिव मंदिर परिसर में लगाए पौधे, महाप्रसाद का भी किया वितरण जेबी लाइव, रिपोर्टर मुसाबनी : मुसाबनी

  • झामुमो कार्यकर्ताओं ने शिव मंदिर परिसर में लगाए पौधे, महाप्रसाद का भी किया वितरण

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुसाबनी : मुसाबनी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के अवसर पर “एक पेड़ हेमंत दा के नाम” कार्यक्रम के तहत पौधारोपण अभियान चलाया गया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) मुसाबनी प्रखंड समिति के अध्यक्ष प्रधान सोरेन के नेतृत्व में मेड़िया गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में पौधारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की गई। कार्यक्रम के उपरांत श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों के बीच महाप्रसाद का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर झामुमो नेता गौरांग माहली, प्रखंड सचिव महेश्वर हांसदा, कोषाध्यक्ष पालु मांझी, बिराम मुर्मू सहित समिति के कई सदस्य, महिला कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना भी की गई।

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तेरेंगा पंचायत में भी चला हरियाली अभियान, कठल और जामुन के पौधे लगाए गए

मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर राज्यव्यापी कार्यक्रमों के तहत मुसाबनी प्रखंड की तेरेंगा पंचायत में भी पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। झामुमो प्रखंड कमिटी के निर्देश पर पंचायत कमिटी की ओर से केंदाडीह हाट बाजार मैदान में पौधे लगाए गए। पंचायत अध्यक्ष महेश्वर किस्कु के नेतृत्व में कठल और जामुन के पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित झारखंड के निर्माण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का माध्यम है। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष सुरेश हासंदा, प्रधान सोरेन, दिनु मुर्मू, बोलाय हासंदा, सुनील किस्कु सहित झामुमो कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में शांति, खुशहाली और भाईचारे के लिए की प्रार्थना जेबी

  • बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में शांति, खुशहाली और भाईचारे के लिए की प्रार्थना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में सावन माह की दूसरी सोमवारी के अवसर पर भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं जमशेदपुर पश्चिम के पूर्व विधायक बन्ना गुप्ता ने भी बाबा भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। उन्होंने भगवान शिव से झारखंड की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए राज्यवासियों के स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की मंगलकामना की। पूरे परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

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वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ रुद्राभिषेक, भक्तों ने किया पूजन-अर्चन

धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। अभिषेक में जल, दूध, दही, शहद और अन्य पूजन सामग्रियों का उपयोग किया गया, जबकि श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, पुष्प और अन्य सामग्री अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर बन्ना गुप्ता ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह महीना श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से लोगों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए तथा समाज में सद्भाव और आपसी विश्वास मजबूत हो, यही उनकी कामना है। उन्होंने विशेष रूप से झारखंड में अमन-चैन और सामाजिक एकता बनाए रखने की प्रार्थना की।

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श्रद्धालुओं से भक्ति और सकारात्मकता के मार्ग पर चलने का किया गया आह्वान

आयोजकों ने बताया कि सावन माह भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना के माध्यम से श्रद्धालु भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे सावन के इस पवित्र अवसर पर अहंकार, तनाव और नकारात्मक विचारों का त्याग कर भक्ति और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान भोलेनाथ से अपने परिवार, समाज तथा पूरे झारखंड की खुशहाली और उन्नति की प्रार्थना की।

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