ग्वालकाटा पंचायत की महत्वपूर्ण सड़क परियोजना पर उठे सवाल, निर्माण कार्य ठप होने से बढ़ी परेशानी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : पोटका प्रखंड के ग्वालकाटा पंचायत में 10 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सड़क परियोजना पिछले दो वर्षों से अधूरी पड़ी हुई है। वर्ष 2024 में पोटका विधायक Sanjeev Sardar ने इस 10 किलोमीटर लंबी सड़क का शिलान्यास बड़े स्तर पर किया था। उस समय ग्रामीणों को उम्मीद थी कि वर्षों पुरानी जर्जर सड़क की समस्या दूर होगी और आवागमन सुगम बनेगा। लेकिन शिलान्यास के बाद कुछ किलोमीटर तक निर्माण कार्य होने के पश्चात संवेदक के कार्यस्थल से गायब हो जाने का आरोप लगाया जा रहा है। इसके बाद से सड़क निर्माण पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है, जिससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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रामजांगा से बांकाई तक सड़क निर्माण अधूरा, हजारों ग्रामीण प्रभावित
यह सड़क ग्वालकाटा पंचायत के गौड़ग्राम रामजांगा से शासनघुटू, मोहनाडीह, चुकनुटांड़, बालियागोड़ा होते हुए बांकाई तक कालीकरण के लिए स्वीकृत की गई थी। सड़क निर्माण अधूरा रहने के कारण क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों के हजारों ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना की धीमी प्रगति और प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोगों का भरोसा टूट रहा है तथा सरकार के प्रति असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
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ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल रांची पहुंचा, शीघ्र निर्माण पूरा करने की मांग
अधूरी सड़क निर्माण के विरोध में पूर्व मुखिया सह पंचायत समिति सदस्य सीताराम हांसदा के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को रांची पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए सड़क निर्माण कार्य को तत्काल पूरा कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से अधूरी परियोजना के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। मुख्य सचिव से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में ग्राम प्रधान सिमाल हांसदा, मोहन मांझी, दुर्गा चरण मुर्मू, सहदेव हेंब्रम, बारियर हांसदा सहित कई ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।



























