सरकारी योजनाओं से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
जिला परिषद सदस्य एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने लाभुकों को किया प्रोत्साहित
सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें ग्रामीण किसान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
ईचागढ़ : किसानों की आय में वृद्धि करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरायकेला-खरसावां जिले में सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को कृषि के साथ-साथ पशुपालन से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त के निर्देशानुसार ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में पशुपालन विभाग की ओर से लाभुक किसानों के बीच कुल 15 यूनिट बकरियों का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य, ईचागढ़ तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में चयनित लाभुक किसानों को बकरियां सौंपी गईं। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आजीविका का अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है।
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ईचागढ़ में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने बांटी बकरियां
बकरी वितरण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पशुपालन विभाग के संबंधित पदाधिकारियों ने लाभुक किसानों को बकरी पालन के महत्व और इससे होने वाले आर्थिक लाभों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि कम पूंजी और सीमित संसाधनों में भी बकरी पालन को व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इसके माध्यम से किसान कृषि कार्य के साथ अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर सकते हैं। अधिकारियों ने लाभुकों को बकरियों के उचित रखरखाव, संतुलित खानपान, साफ-सफाई और सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने की सलाह दी। साथ ही पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर टीकाकरण कराने पर विशेष जोर दिया गया।
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बकरी पालन से किसानों को मिलेगा स्वरोजगार और अतिरिक्त आमदनी का अवसर
मौके पर किसानों को बताया गया कि सरकार का उद्देश्य केवल पशुधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ना भी है। इसके लिए पशुपालन विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। कृषि के साथ पशुपालन अपनाने से किसानों को आय के वैकल्पिक स्रोत मिलते हैं और खेती पर निर्भरता भी कम होती है। बकरी पालन जैसे छोटे व्यवसाय को धीरे-धीरे विस्तारित कर ग्रामीण परिवार स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इससे न केवल व्यक्तिगत परिवारों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। विभागीय स्तर पर किसानों को योजनाओं की जानकारी देने और उन्हें सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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कृषि के साथ पशुपालन अपनाकर आर्थिक रूप से मजबूत बनें किसान
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने लाभुक किसानों से अपील की कि वे सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई बकरियों की उचित देखभाल करें और इस अवसर का सदुपयोग कर अपनी आजीविका को मजबूत बनाएं। साथ ही अपने गांव और आसपास के अन्य किसानों एवं पशुपालकों को भी सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तथा उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसान और ग्रामीण परिवार इन योजनाओं से जुड़ेंगे तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य, ईचागढ़, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पशुपालन विभाग के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी तथा लाभुक किसान उपस्थित रहे।

























