लापरवाह अधिकारियों पर नजीर पेश करने वाली कार्रवाई की मांग
संगठन ने कहा- पीड़िता को न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
पीड़िता को न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष, जिला पुलिस प्रशासन की भूमिका की जांच की मांग
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला : गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ दुष्कर्म के मामले को लेकर राष्ट्रीय कोल सेना का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। संगठन ने इस घटना को गंभीर प्रशासनिक विफलता बताते हुए अब महामहिम राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है। इसमें पीड़ित महिला की गरिमा, सुरक्षा और न्याय के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। राष्ट्रीय कोल सेना ने मांग की है कि मामले में प्रत्यक्ष रूप से संलिप्त दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे घटनाक्रम में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाएं पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और दोषियों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
इसे भी पढ़ें : Dumaria : सड़क-पुल की मांग पर डुमरिया में ग्रामीणों का उबाल, दुखनी सोरेन के नेतृत्व में प्रखंड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
गम्हरिया थाना दुष्कर्म मामले में राष्ट्रीय कोल सेना ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार
संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले आला अधिकारियों पर ऐसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, जो भविष्य के लिए नजीर बने। कार्रवाई का संदेश पुलिस प्रशासन के प्रत्येक स्तर तक पहुंचना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय कोल सेना की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मामले को लेकर आगे की रणनीति और विरोध के स्वरूप पर चर्चा की गई। बैठक में संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष विष्णु बानरा ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाना संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केवल प्रत्यक्ष आरोपियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे घटनाक्रम में जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध या लापरवाहीपूर्ण रही है, उनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसे भी पढ़ें : Adityapur : छठ और दीपावली को लेकर पुलिस की कार्रवाई, खरकई नदी किनारे मिलीं 300 बोरी अवैध बालू
लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, राष्ट्रीय कोल सेना ने बनाई आंदोलन की रणनीति
इस अवसर पर संगठन के प्रधान सचिव कोल झारखंड बोदरा भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशासनिक लचरता पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक इस मामले में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती और जिला पुलिस प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती, तब तक संगठन का न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के साथ-साथ ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है, जिसमें आम नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि हो। राष्ट्रीय कोल सेना ने राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित कराने की मांग की है। संगठन ने संकेत दिया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने तक वह इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा।

























