- बहरागोड़ा में ‘कंट्रोल्ड ब्लास्ट’ से खत्म हुआ खतरा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा नागुड़साई क्षेत्र में बीते कई दिनों से भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था, लेकिन बुधवार का दिन राहत भरी खबर लेकर आया। भारतीय सेना के बम निरोधक दस्ते ने स्वर्णरेखा नदी और एक ग्रामीण घर में छिपाए गए दो जिंदा बमों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। इस दौरान ‘कंट्रोल्ड ब्लास्ट’ की मदद से विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया। सेना के जवानों ने आधुनिक उपकरणों और तकनीकी कौशल का उपयोग करते हुए पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। व्रतियों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं था, क्योंकि वे लंबे समय से इस खतरे की आशंका में जी रहे थे।
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रणभूमि में तब्दील हुआ इलाका, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बुधवार दोपहर स्वर्णरेखा नदी का किनारा किसी युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आ रहा था। एक ओर सेना के विशेषज्ञ मौत को मात देने की तैयारी में जुटे थे, तो दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया था। झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई थी, वहीं सातमा, जालमाटि और नागुड़साई गांवों को खाली कराकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। दोपहर में जैसे ही सेना को संकेत मिला, जोरदार धमाके के साथ नदी में छिपे बम को नष्ट किया गया, जिससे आसमान में धूल का विशाल गुबार उठ गया। इसके तुरंत बाद घर में मिले दूसरे बम को भी सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया। यह कार्रवाई न सिर्फ एक विस्फोटक को खत्म करने की थी, बल्कि हजारों लोगों के मन में बैठे डर को भी खत्म करने वाली साबित हुई।
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सेना के सम्मान में गूंजे नारे, प्रशासन ने जारी रखा अलर्ट
ऑपरेशन के सफल समापन के बाद का दृश्य भावुक कर देने वाला था। सुरक्षित दूरी पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों ने जैसे ही खतरे के टलने की पुष्टि की, पूरा क्षेत्र ‘भारतीय सेना जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। युवाओं ने इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरों में कैद किया, वहीं बुजुर्गों ने सेना और प्रशासन का आभार जताया। हालांकि बम निष्क्रिय कर दिए गए हैं, लेकिन प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए इलाके को अभी ‘नो-गो जोन’ घोषित कर रखा है। घाटशिला डीएसपी अजीत कुमार कुजूर और सीओ राजाराम सिंह मुंडा ने स्पष्ट किया है कि जब तक बम के अवशेष पूरी तरह साफ नहीं हो जाते, तब तक लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इस पूरे अभियान में बहरागोड़ा, बरसोल, श्याम सुंदरपुर और चाकुलिया थाना प्रभारियों की अहम भूमिका रही, जिनकी मुस्तैदी से यह ऑपरेशन सफल हो सका।























