जंगली हाथियों के झुंड ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, ग्रामीणों में दहशत
वन विभाग ने हाथियों को खदेड़ा, ग्रामीणों ने मांगा मुआवजा
सीमावर्ती गांवों में बढ़ रहा हाथी-मानव संघर्ष
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा : पश्चिम बंगाल सीमा से सटे आँगरीसोल गांव में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात आठ हाथियों के झुंड ने गांव के खेतों में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान लाल मोहन मांडी और भूतेश्वर मांडी समेत कई किसानों की लगभग पांच एकड़ गरमा धान की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने अपनी आंखों के सामने सालभर की मेहनत और पूंजी को हाथियों द्वारा रौंदते देखा। ग्रामीणों ने मशाल, ढोल और पटाखों के सहारे हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन हाथियों के आक्रामक रवैये के कारण किसी की हिम्मत उनके करीब जाने की नहीं हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है।
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हाथियों के आतंक से किसानों की बढ़ी चिंता
लगातार हो रहे हाथी-मानव संघर्ष के कारण ग्रामीण रातभर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि हर साल हाथियों के हमले से उनकी फसलें बर्बाद होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद हाथियों के झुंड को पश्चिम बंगाल सीमा की ओर खदेड़ दिया। हालांकि ग्रामीणों में दोबारा हाथियों के लौटने का डर बना हुआ है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का उचित मुआवजा देने और हाथियों के आतंक से स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।























