अनुमंडलाधिकारी की मध्यस्थता में हुई बैठक, आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने नाकाबंदी स्थगित की
जेबी लाइव, रिपोर्टर
घाटशिला : कई दशक पुराने भूमि विवाद को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच 23 जून को अनुमंडलाधिकारी की मध्यस्थता में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बैठक में कंपनी प्रबंधन, प्रशासनिक अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान कंपनी प्रबंधन ने अनुमंडलाधिकारी के समक्ष कहा कि संबंधित भूमि से जुड़े आवश्यक दस्तावेज फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें एकत्र करने के लिए समय की आवश्यकता है। कंपनी अधिकारियों ने 10 जुलाई तक सभी आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन की मौजूदगी में हुई इस वार्ता में विवाद के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल पर सहमति बनी।
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आश्वासन के बाद 10 जुलाई तक स्थगित हुई नाकाबंदी
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक कंपनी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाती है, तो भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया में उपायुक्त कार्यालय का सहयोग लिया जाएगा। अनुमंडलाधिकारी के प्रयासों और कंपनी के आश्वासन का सम्मान करते हुए आंदोलनकारियों ने अपनी प्रस्तावित नाकाबंदी को 10 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि कंपनी अपने वादे के अनुरूप कार्रवाई नहीं करती है, तो वे आगे आंदोलन और नाकाबंदी करने के लिए स्वतंत्र होंगे। बैठक में श्याम सुंदर सेठी, अर्जुन लोहरा, मुकेश चौधरी, अमरेंद्र कुमार, साकेत सिन्हा, एलआरडीसी नीतिन नवीन सुरीन, अनुमंडलाधिकारी अमित भगत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। वहीं आंदोलनकारियों की ओर से रामदास मुर्मू, दीपक पातर, असित भट्टाचार्य, अशोक पातर और प्रदीप पातर शामिल हुए।























