खदान में चल रहे आंदोलन के दौरान हिंसा का आरोप, कई चालक घायल होने की सूचना
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : गुवा के रांजाबुरु खदान क्षेत्र में स्थानीय रोजगार और पूर्व में हुए लिखित समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन के बीच हाईवा चालक से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। आंदोलन के दौरान खदान में लौह अयस्क ढुलाई में लगे एक निजी हाईवा चालक रविंद्र पासवान ने आंदोलनकारियों पर मारपीट कर घायल करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना में घायल रविंद्र पासवान को तत्काल इलाज के लिए सेल गुवा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर रेफर कर दिया गया। वहीं दो अन्य घायल चालकों का इलाज गुवा सेल अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद खदान क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
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सुपरवाइजर के निर्देश पर हो रही थी ढुलाई, चालक ने लगाया हमले का आरोप
घायल चालक रविंद्र पासवान ने बताया कि उसे पहले से खदान बंदी और आंदोलन की जानकारी थी। इसके बावजूद मां सरला कंपनी के सुपरवाइजर के निर्देश पर चालकों को माइंस भेजा गया और हाईवा से लौह अयस्क की ढुलाई कराई जा रही थी। रविंद्र के अनुसार वह अन्य चालकों के साथ परिवहन कार्य में लगा हुआ था, तभी बड़ी संख्या में महिला और पुरुष आंदोलनकारी वहां पहुंच गए। चालक का आरोप है कि आंदोलनकारियों के हाथों में डंडे और पत्थर थे तथा उन्होंने अचानक उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसने दावा किया कि कुछ अन्य चालकों के साथ भी मारपीट की गई, जबकि कई चालकों को दौड़ाकर डराया गया। जान बचाने के लिए कई चालक अपने-अपने वाहनों से कूदकर झाड़ियों और आसपास के सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए। घटना के बाद घायल चालकों को अस्पताल पहुंचाया गया।
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आंदोलनकारियों ने आरोपों को बताया निराधार, शांतिपूर्ण आंदोलन का किया दावा
दूसरी ओर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने आंदोलनकारियों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और पूर्व में हुए लिखित समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है। राजू सांडिल ने कहा कि खदान बंदी की घोषणा पहले ही कर दी गई थी। इसके बावजूद कुछ हाईवा वाहनों से लौह अयस्क की ढुलाई किए जाने की सूचना मिलने पर आंदोलनकारी केवल परिवहन कार्य रोकने के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। उनके अनुसार आंदोलनकारियों को देखकर चालक अपने वाहन छोड़कर भागने लगे और इस दौरान भगदड़ में किसी को चोट लगी हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी आंदोलनकारी द्वारा किसी चालक के साथ मारपीट नहीं की गई है।
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पुलिस ने शुरू की जांच, बयान दर्ज कर जुटाए जा रहे तथ्य
घटना की सूचना मिलते ही गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस टीम गुवा सेल अस्पताल पहुंची, जहां घायल चालक रविंद्र पासवान का बयान दर्ज किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविकता सामने लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मारपीट की घटना हुई थी या नहीं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।























