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Patna : लोक भवन मार्च के दौरान पटना में बवाल, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़प, कई अभ्यर्थी हिरासत में

  • पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और विभिन्न मांगों को लेकर निकाला गया मार्च, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद बढ़ा तनाव
  • अभ्यर्थियों ने सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पटना : बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को ‘लोक भवन मार्च’ के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब बड़ी संख्या में जुटे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर अभ्यर्थी लोक भवन की ओर मार्च कर रहे थे। प्रशासन ने आर-गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की व्यवस्था की थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया और कुछ लोगों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे तथा अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

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भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर बढ़ा आंदोलन

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं में कई विसंगतियां हैं और युवाओं की समस्याओं पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर नियुक्ति के लिए यूजीसी नियमों का पालन, प्रतियोगी परीक्षाओं की अधिकतम आयु सीमा में वृद्धि, बीपीएससी टीआरई-4 भर्ती के लिए सिंगल-टियर परीक्षा प्रणाली लागू करना तथा हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों को समान अवसर उपलब्ध कराना शामिल है। पुलिस अधीक्षक (मध्य) ममता कल्याणी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं प्रदर्शनकारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 अगस्त तक सरकार उनकी मांगों पर सार्थक वार्ता नहीं करती है, तो 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इस घोषणा के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।

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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के सभी प्रखंडों में मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप, 6332 लाभार्थियों के बीच 21.05 करोड़ की परिसंपत्ति वितरित

नालसा-झालसा के निर्देश पर आयोजित शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया न्यायिक पदाधिकारियों ने अधिकार और कर्तव्य

  • नालसा-झालसा के निर्देश पर आयोजित शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया
  • न्यायिक पदाधिकारियों ने अधिकार और कर्तव्य के प्रति किया जागरूक
  • विभिन्न विभागों ने योजनाओं की जानकारी और लाभ पहुंचाया
  • 87.63 लाख रुपये की परिसंपत्ति का किया गया वितरण
  • कानूनी सहायता लेने के लिए लोगों को किया गया जागरूक
  • सांस्कृतिक परंपराओं ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश पर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) जमशेदपुर के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में रविवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी प्रखंडों में मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के तहत जिले भर में कुल 6332 लाभार्थियों के बीच लगभग 21.05 करोड़ रुपये मूल्य की परिसंपत्तियों और योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों से जोड़ना था। शिविरों के सफल संचालन के लिए न्यायिक पदाधिकारियों, लीगल एड डिफेंस काउंसिल और अधिकार मित्रों की प्रतिनियुक्ति की गई थी।

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सभी प्रखंडों में प्रशासनिक अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी

मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप में सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। शिविर के दौरान स्वास्थ्य, समाज कल्याण, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा, ग्रामीण आवास, राजस्व, आपूर्ति एवं अन्य योजनाओं से संबंधित लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने लोगों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और कानूनी सहायता संबंधी जानकारी भी दी। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

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जमशेदपुर प्रखंड में 151 लाभार्थियों को मिला लाभ

जमशेदपुर प्रखंड में आयोजित कार्यक्रम में परिवार न्यायालय के अपर न्यायाधीश धीरज कुमार और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य रंजना पांडेय, योगिता कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित प्रकाश, अंचल अधिकारी मनोज कुमार, प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन, सीडीपीओ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर 151 लाभार्थियों के बीच 87 लाख 63 हजार रुपये मूल्य की परिसंपत्तियों और विभिन्न योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। लाभार्थियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ग्रामीण आवास, मनरेगा एवं जेएसएलपीएस जैसी योजनाओं से जोड़ा गया।

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न्यायिक पदाधिकारियों ने अधिकार और कर्तव्य पर दिया जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर न्यायाधीश धीरज कुमार ने कहा कि अधिकारों की प्राप्ति तभी संभव है जब व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति सजग हो। उन्होंने परिवार और समाज में बढ़ती कटुता पर चिंता जताते हुए आपसी सामंजस्य बनाए रखने की अपील की। वहीं डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह, नशे के दुष्प्रभाव तथा कानूनी अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों से किसी भी कानूनी समस्या में जिला विधिक सेवा प्राधिकार से सहायता लेने का आग्रह किया।

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पारंपरिक तरीके से हुआ अतिथियों का स्वागत

मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप में पहुंचे न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। प्रखंड मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने चंदन का टीका लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और फूलों की वर्षा कर अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान उपस्थित लोगों ने विधिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

Jamshedpur : टाटानगर में 30 किलो गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, आरपीएफ-जीआरपी की बड़ी कार्रवाई

ऑपरेशन नार्कोस के तहत संयुक्त अभियान में मिली सफलता नारकोटिक्स डॉग ‘मैक्स’ ने भी निभाई अहम भूमिका आरपीएफ, जीआरपी और

  • ऑपरेशन नार्कोस के तहत संयुक्त अभियान में मिली सफलता
  • नारकोटिक्स डॉग ‘मैक्स’ ने भी निभाई अहम भूमिका
  • आरपीएफ, जीआरपी और डॉग स्क्वॉड ने मिलकर की कार्रवाई
  • वैशाली और कैमूर के निवासी हैं गिरफ्तार आरोपी
  • गांजे के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने में जुटी जांच टीम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : रेलवे क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ चक्रधरपुर एवं रेल पुलिस अधीक्षक जमशेदपुर के निर्देशन में गठित टीम ने शनिवार रात कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से करीब 30 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। यह कार्रवाई रेलवे परिसरों और ट्रेनों में बढ़ती नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद टीम ने विशेष निगरानी और जांच अभियान शुरू किया था।

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ऑपरेशन नार्कोस के तहत चला संयुक्त जांच अभियान

23 अगस्त 2026 की रात चलाए गए इस अभियान में आरपीएफ टाटा, जीआरपी टाटानगर और नारकोटिक्स डॉग ‘मैक्स’ को शामिल किया गया था। जांच के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की गई। उनके सामान की तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। अधिकारियों ने तत्काल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर बरामद मादक पदार्थ जब्त कर लिया। रेलवे सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऑपरेशन नार्कोस के तहत रेलवे मार्गों का इस्तेमाल कर होने वाली तस्करी पर विशेष नजर रखी जा रही है और संदिग्ध यात्रियों की लगातार जांच की जा रही है।

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बिहार के दो आरोपी तस्करों की हुई पहचान

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूपेश कुमार (36 वर्ष), निवासी राघोपुर, वैशाली (बिहार) तथा शिव मुनि चौरसिया (38 वर्ष), निवासी भभुआ, कैमूर (बिहार) के रूप में हुई है। दोनों को हिरासत में लेने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रेल थाना टाटानगर के सुपुर्द कर दिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

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तस्करी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी जांच तेज कर दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल और रेल पुलिस का कहना है कि रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे परिसरों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त टीम की यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है और इससे तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।

Jamshedpur : कार्टेल तोड़िए, पुरानी दर पर बिके चीनी – सरयू राय

चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों पर विधायक सरयू राय ने केंद्र-राज्य सरकार से की हस्तक्षेप की मांग जमाखोरी और

  • चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों पर विधायक सरयू राय ने केंद्र-राज्य सरकार से की हस्तक्षेप की मांग
  • जमाखोरी और कार्टेल पर कार्रवाई का आग्रह, बाहरी राज्यों पर निर्भरता बढ़ा सकती है परेशानी
  • नई फसल आने से पहले दाम बढ़ना समझ से परे, बड़े बाजारों में नियमित निगरानी की जरूरत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को टैग करते हुए बाजार में बढ़ती महंगाई पर चिंता जताई। सरयू राय ने कहा कि चीनी और प्याज के व्यापार में कार्टेल तथा जमाखोरी की आशंका को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बाजार में कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को चीनी पुराने दर पर उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आम लोगों की रसोई पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

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झारखंड में पड़ सकता है कीमतों पर सीधा असर

सरयू राय ने कहा कि झारखंड उन राज्यों में शामिल है जहां बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री अन्य राज्यों से आती है। ऐसे में उत्पादन क्षेत्रों और चीनी मिलों में कीमत बढ़ने का सीधा प्रभाव राज्य के थोक और खुदरा बाजारों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कीमतों में उछाल आने का इंतजार करने के बजाय अभी से बाजार की निगरानी शुरू करनी चाहिए। थोक व्यापारियों, स्टॉकिस्टों और बड़े आपूर्तिकर्ताओं के पास उपलब्ध स्टॉक का आकलन कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कहीं कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतें बढ़ाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है। उनके अनुसार समय रहते निगरानी व्यवस्था मजबूत करने से उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।

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चीनी मिलों के रेट पर उठाए सवाल

विधायक सरयू राय ने 22 अगस्त को उपलब्ध विभिन्न चीनी मिलों के रेट का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की कई सहकारी चीनी मिलों में चीनी का मूल्य ₹5,820 से ₹6,000 प्रति क्विंटल के बीच है, जबकि कुछ मिलों में यह ₹6,200 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। वहीं महाराष्ट्र की चीनी मिलों में एम-30, एसएस-30 और एस-30 श्रेणी की चीनी की कीमतें ₹6,675 से ₹6,800 प्रति क्विंटल तक दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि मिल स्तर पर चीनी का मूल्य लगभग ₹67 से ₹68 प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाना चिंताजनक संकेत है। राय ने सवाल उठाया कि जब गन्ने की नई फसल आने में केवल एक से डेढ़ माह का समय शेष है, तब अचानक कीमतों में इतनी तेजी का औचित्य क्या है। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे बाजार में कृत्रिम दबाव या कार्टेल की भूमिका हो सकती है।

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जमाखोरी पर कार्रवाई की मांग, स्टॉक सीमा की जांच कर सरकार करे हस्तक्षेप

सरयू राय ने कहा कि सरकार को यह पता लगाना चाहिए कि चीनी मिलों, थोक व्यापारियों और बड़े स्टॉकिस्टों के पास वास्तविक स्टॉक कितना उपलब्ध है। यदि निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण पाया जाता है तो तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाजार में पर्याप्त आपूर्ति होने के बावजूद यदि कीमतें बढ़ रही हैं तो यह सामान्य स्थिति नहीं मानी जा सकती। सरकार को उपभोक्ताओं के हित में हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आवश्यक वस्तुएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ता है, इसलिए प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

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प्याज की बढ़ती कीमतों पर भी जताई चिंता

चीनी के साथ-साथ सरयू राय ने प्याज की बढ़ती कीमतों को भी गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की मंडियों में प्याज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और जमाखोरों की सक्रियता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने नाफेड सहित संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाजार में कीमत नियंत्रण के प्रयासों का प्रभाव दिखाई देना चाहिए। राय ने झारखंड सरकार से आग्रह किया कि जमशेदपुर, रांची, धनबाद सहित राज्य के प्रमुख बाजारों में चीनी और प्याज के स्टॉक तथा थोक कीमतों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई का असर केवल घरेलू बजट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि होटल, मिठाई व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ता है। इसलिए सरकार को कार्टेल, कृत्रिम कमी और जमाखोरी के खिलाफ एक साथ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

Jamshedpur : गोलमुरी में बढ़ते सड़क हादसों पर चिंता, क्षेत्र को ‘एक्सीडेंट जोन’ घोषित करने की मांग

24 घंटे में चार बड़े हादसे, एक युवक की मौत और कई घायल प्रशासन से विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने

  • 24 घंटे में चार बड़े हादसे, एक युवक की मौत और कई घायल
  • प्रशासन से विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने की अपील

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : गोलमुरी क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे के भीतर चार बड़े सड़क हादसे होने से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। हाल ही में टाटा लाइन निवासी एक युवक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जबकि अब विजय नगर निवासी ब्रिज बिहारी शर्मा एक अन्य हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें उपचार के लिए टाटा मेन अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण स्थानीय नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है और लोग सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र के व्यस्त मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव और सुरक्षा उपायों की कमी को हादसों का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

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दुर्घटनाओं पर आजसू ने जताई चिंता, सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

आजसू पार्टी के जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने कहा कि गोलमुरी में लगातार हो रही दुर्घटनाएं अब सामान्य घटना नहीं रह गई हैं, बल्कि यह गंभीर प्रशासनिक चिंता का विषय बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मात्र 24 घंटे में चार बड़े हादसे और एक युवक की मौत यह संकेत देती है कि तत्काल प्रभाव से विशेष कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से गोलमुरी क्षेत्र को ‘एक्सीडेंट जोन’ घोषित कर विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही बड़े वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण, अव्यवस्थित पार्किंग पर कार्रवाई और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की बात कही। अप्पू तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आजसू पार्टी जनहित में जोरदार आंदोलन शुरू करेगी।

Jamshedpur : आरक्षण खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार है: रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन पर बोले चिराग पासवान

जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री का बयान, कहा- सरकार संवाद के लिए तैयार ईडब्ल्यूएस आरक्षण का

  • जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री का बयान, कहा- सरकार संवाद के लिए तैयार
  • ईडब्ल्यूएस आरक्षण का उल्लेख कर सरकार का पक्ष रखा
  • चीनी की कीमतों पर चिंता, छात्रों के समर्थन को बताया विपक्ष की जिम्मेदारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पटना : केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आरक्षण-विरोधी प्रदर्शनों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शनिवार को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और यदि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को सुव्यवस्थित तरीके से सरकार के समक्ष रखते हैं तो सरकार उनसे बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण कोई दया या खैरात नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है। उन्होंने कहा कि केवल मांग उठाने भर से आरक्षण व्यवस्था को समाप्त नहीं किया जा सकता। चिराग ने यह भी कहा कि आरक्षण व्यवस्था सामाजिक न्याय और समान अवसर के सिद्धांत पर आधारित है तथा इसके संबंध में किसी भी निर्णय को संवैधानिक दायरे में ही देखा जाना चाहिए।

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आरक्षण पर आर्थिक आधार की मांग पर भी दिया जवाब

चिराग पासवान ने जाति आधारित आरक्षण के स्थान पर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है, जिससे आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक और आर्थिक दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नीतियां बना रही है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि दिल्ली में संसद मार्ग थाने के बाहर किया जा रहा धरना ‘वंदे मातरम्’ विवाद से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है। उनके अनुसार विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसका उपयोग मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व इस समय कई सवालों के घेरे में है और जनता वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है।

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छात्रों के आंदोलन और बढ़ती महंगाई पर भी बोले केंद्रीय मंत्री

अन्य राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बोलते हुए चिराग पासवान ने पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में तेजस्वी यादव का छात्रों के आंदोलन का समर्थन करना उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है और लोकतंत्र में जनहित के मुद्दों को उठाया जाना चाहिए। वहीं देश में चीनी की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल के दिनों में आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन तेज हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति होनी चाहिए। दूसरी ओर सामाजिक न्याय के पक्षधर संगठनों का कहना है कि जातिगत असमानताओं को समाप्त करने के लिए आरक्षण अभी भी आवश्यक है। इसी बहस के बीच चिराग पासवान का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Baharagoda : एनएच-18 पर सड़क हादसा, XLRI के दो छात्र घायल

ओवरटेक के दौरान अज्ञात वाहन से टकराई बाइक, बेहतर इलाज के लिए किया गया रेफर जेबी लाइव, रिपोर्टर बहरागोड़ा :

  • ओवरटेक के दौरान अज्ञात वाहन से टकराई बाइक, बेहतर इलाज के लिए किया गया रेफर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : एनएच-18 स्थित जॉन डियर ट्रैक्टर शोरूम के समीप शनिवार देर शाम हुए सड़क हादसे में XLRI के दो छात्र घायल हो गए। घायल छात्रों की पहचान मानिक महाजन और गुरुगोरख सिंह के रूप में हुई है। दोनों छात्र ओडिशा से बाइक पर सवार होकर जमशेदपुर लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और तेज रफ्तार बाइक वाहन के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए।

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ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा, हेलमेट ने बचाई चालक की जान

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। बताया गया कि बाइक चालक ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने से बचाव हो गया और एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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