उपायुक्त मनीष कुमार ने पात्र बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाने पर दिया जोर
चयनित बच्चों का जल्द दाखिला कराने पर जोर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : चाईबासा में पश्चिमी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में उपायुक्त प्रकोष्ठ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत हो रहे नामांकन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने विभिन्न निजी विद्यालयों में आरटीई कोटे के तहत उपलब्ध एवं रिक्त सीटों की जानकारी प्राप्त की। समीक्षा में पाया गया कि कई विद्यालयों में अभी भी कुछ सीटें रिक्त हैं। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र बच्चों को योजना का लाभ दिलाने के लिए जल्द से जल्द पुनः विज्ञापन प्रकाशित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक अभिभावकों तक इसकी जानकारी पहुंचे और रिक्त सीटों पर नामांकन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले।
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आरटीई की रिक्त सीटों को भरने के लिए जल्द निकलेगा विज्ञापन
बैठक में उन बच्चों के मामलों की भी समीक्षा की गई, जिनका चयन आरटीई के तहत हो चुका है, लेकिन विभिन्न कारणों से उनका विद्यालयों में दाखिला अभी तक नहीं हो पाया है। उपायुक्त मनीष कुमार ने ऐसे सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करते हुए शीघ्र नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया की नियमित निगरानी करने और विद्यालयों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम का मूल उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। बैठक में उप विकास आयुक्त, प्रशिक्षु आईएएस, जिला शिक्षा अधीक्षक तथा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
























