उपायुक्त मनीष कुमार ने पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
नए चयनित बच्चों के सत्यापन कार्य में लाई जाएगी तेजी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : चाईबासा में पश्चिमी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में उपायुक्त प्रकोष्ठ में जिला बाल संरक्षण कार्यालय के अंतर्गत संचालित स्पॉन्सरशिप योजना की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत लाभान्वित बच्चों की अद्यतन स्थिति, अनुश्रवण तथा भौतिक सत्यापन कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत पूर्व से आच्छादित 412 बच्चों का अनुश्रवण एवं भौतिक सत्यापन कराया जा चुका है। सत्यापन के बाद 373 पात्र बच्चों को नियमित रूप से स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ प्रदान करने की अनुशंसा की गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र बच्चों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके पालन-पोषण, शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के हितों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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373 पात्र बच्चों को नियमित सहायता देने की अनुशंसा
बैठक में बाल कल्याण समिति द्वारा नव चयनित 128 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने के प्रस्ताव की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी प्रशिक्षु उपसमाहर्ताओं को निर्देश दिया कि इन बच्चों का भौतिक सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा कर सत्यापन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पात्र बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से लाभ मिले। उपायुक्त ने अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरतने, नियमित निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त, प्रशिक्षु आईएएस, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, उप निदेशक-सह-असिस्टेंट डायरेक्टर सामाजिक सुरक्षा कोषांग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
























