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Muri : कारगिल शहीद नागेश्वर महतो के सम्मान में बांसिया में भव्य कारगिल मेला आयोजित

  • विधायक अमित महतो ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा मेला
  • शहीदों के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब

जेबी लाइव, रिपोर्ट

मुरी : सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के बांसिया गांव में कारगिल शहीद नागेश्वर महतो के सम्मान में विशाल कारगिल मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अमित महतो ने शहीद नागेश्वर महतो के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्व. रामपदो महतो एवं परमवीर चक्र विजेता शहीद अलबर्ट एक्का को भी श्रद्धांजलि देकर नमन किया। मेले में कृषि प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण टुसू और चौड़ल के साथ पारंपरिक नृत्य करते हुए मेले में पहुंचे। चौड़ल के चारों ओर ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिली, जिन्हें नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोरंजन से सजा मेला

मेले में मनोरंजन के लिए कलाकार नितेश कच्छप का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहीं बच्चों के लिए झूला और मिक्की माउस जैसी आकर्षक व्यवस्थाएं की गईं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे रोहित महतो ने मेले में आए अतिथियों और ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कारगिल शहीद मेला के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक अमित महतो के साथ राहें प्रमुख नीलमणि देवी, उप प्रमुख उमेश चंद्र महतो, बांसिया पंचायत समिति सदस्य शांति राम महतो, प्रखंड अध्यक्ष पशुपति अहीर तथा विशेष अतिथि भूतपूर्व नौ सैनिक गौतम महतो, श्यामलाल महतो और शक्तिधर महतो को बुके देकर सम्मानित किया गया। मेला को सफल बनाने में अध्यक्ष विकास साहू, कोषाध्यक्ष नंद किशोर मुंडा, सचिव यमुना प्रसाद सिंह सहित सभी सदस्यों और ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।

Ranchi : धनतेरस पर झारखंड की महिलाओं को सरकार की सौगात, मंईयां सम्मान योजना की 98.50 करोड़ रुपये की राशि जारी

रांची जिले की 3,94,007 महिलाओं के खातों में पहुंचे 2,500-2,500 रुपये आधार आधारित डीबीटी के माध्यम से अक्टूबर माह की

  • रांची जिले की 3,94,007 महिलाओं के खातों में पहुंचे 2,500-2,500 रुपये
  • आधार आधारित डीबीटी के माध्यम से अक्टूबर माह की सम्मान राशि का भुगतान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

रांची : धनतेरस एवं दीपावली के पावन अवसर पर झारखंड सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत अक्टूबर 2026 की सम्मान राशि का भुगतान किया है। इसके तहत रांची जिले की कुल 3 लाख 94 हजार 7 लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में 2,500 रुपये प्रति लाभुक की दर से कुल 98 करोड़ 50 लाख 17 हजार 500 रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। राशि का भुगतान आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभुकों के बैंक खातों में किया गया है। दीपावली और धनतेरस से पहले सम्मान राशि मिलने से हजारों परिवारों में त्योहार की खुशियां बढ़ेंगी। इस राशि से महिलाएं घरेलू जरूरतों, बच्चों की आवश्यकताओं और त्योहार की खरीदारी में आर्थिक सहयोग प्राप्त कर सकेंगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

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प्रत्येक महिला के खाते में पहुंचे 2,500 रुपये, डीबीटी से हुआ भुगतान

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। धनतेरस एवं दीपावली जैसे पावन त्योहारों से पहले लाभुक महिलाओं के खातों में सम्मान राशि का हस्तांतरण सरकार की महिला हितैषी सोच और उनके प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस राशि से महिलाओं को अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करने और त्योहार की खुशियों में सहभागी बनने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनकी सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

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कांके में सबसे अधिक 31,502 लाभुक, टाउन अर्बन क्षेत्र की 25,891 महिलाओं को मिला लाभ

रांची जिले में प्रखंड एवं शहरी क्षेत्रवार लाभुकों की संख्या के अनुसार कांके में सबसे अधिक 31,502 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। टाउन अर्बन क्षेत्र में 25,891, मांडर में 22,933, सिल्ली में 21,282, बेड़ो में 20,562 और रातू में 20,290 महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई है। इसके अलावा चान्हो की 19,332, तमाड़ की 18,751, नगड़ी की 18,250, ओरमांझी की 17,840, बुढ़मू की 17,765, नामकुम की 17,958 और अनगड़ा की 16,705 महिलाओं को सम्मान राशि मिली है। वहीं हेहल शहरी क्षेत्र की 16,308, सोनाहातू की 13,088, अरगोड़ा शहरी क्षेत्र की 13,347, लापुंग की 11,784 और इटकी की 10,135 लाभुक महिलाओं को भी योजना का लाभ मिला है।

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ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक पहुंचा योजना का लाभ, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर

अन्य क्षेत्रों में बड़गाईं शहरी क्षेत्र की 10,042, नामकुम शहरी क्षेत्र की 9,504, राहे की 9,531, खलारी की 9,597, बुंडू की 8,556, नगड़ी शहरी क्षेत्र की 8,216, बुंडू नगर पंचायत की 3,558 और कांके शहरी क्षेत्र की 1,280 महिलाओं को सम्मान राशि हस्तांतरित की गई है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने, जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। धनतेरस के अवसर पर किया गया यह भुगतान महिलाओं के लिए दीपावली से पहले विशेष सौगात साबित हुआ है। सरकार की इस पहल से महिलाओं की घरेलू आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलने के साथ स्थानीय बाजार में भी त्योहार के दौरान खरीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

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घटबूढ़ा से नेकड़ाडीहा तक सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान स्कूल जाने वाले बच्चों और राहगीरों को हो रही भारी

  • घटबूढ़ा से नेकड़ाडीहा तक सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान
  • स्कूल जाने वाले बच्चों और राहगीरों को हो रही भारी परेशानी
  • सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
  • बहरागोड़ा में जर्जर सड़क के गड्ढों में धान रोपकर विरोध जताते ग्रामीण

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के घटबूढ़ा से केंदुलडीहा होते हुए नेकड़ाडीहा तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पिछले करीब 20 वर्षों से जर्जर इस सड़क की मरम्मत नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ से भरे रास्तों में धान रोपकर प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की स्थिति दयनीय बनी हुई है, लेकिन न तो प्रशासन और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने इसकी सुध ली है। बारिश के बाद सड़क पर जलजमाव और कीचड़ के कारण आवागमन और भी मुश्किल हो गया है।

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जर्जर सड़क से स्कूली बच्चों और राहगीरों की बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण प्रतिदिन स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घटबूढ़ा-केंदुलडीहा-नेकड़ाडीहा सड़क का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन की समस्या से स्थायी राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण की दिशा में जल्द ठोस पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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पर्यटकों को मिलेगा नौकाविहार और एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद उपायुक्त ने प्राक्कलन तैयार करने और पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों

  • पर्यटकों को मिलेगा नौकाविहार और एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद
  • उपायुक्त ने प्राक्कलन तैयार करने और पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के पर्यटन स्थलों को आकर्षक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। सीतारामपुर डैम, पालना डैम और सतनाला डैम को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इन तीनों जलाशयों में पर्यटकों के लिए बोटिंग (नौकाविहार) की सुविधा शुरू करने की योजना है। इसे लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पर्यटन संवर्धन समिति की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के पर्यटन स्थलों के कायाकल्प, पर्यटकों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जिला खेल पदाधिकारी-सह-जिला पर्यटन पदाधिकारी अमित कुमार को निर्देश दिया कि तीनों डैमों का भौतिक आकलन कर बोटिंग संचालन की संभावनाओं का पता लगाएं तथा आवश्यक प्रस्ताव एवं प्राक्कलन तैयार कर जल्द विभाग को उपलब्ध कराएं।

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सीतारामपुर, सतनाला और पालना डैम में नौकाविहार की सुविधा शुरू करने की तैयारी

बैठक में सीतारामपुर डैम, सतनाला डैम, भीमखंडा, श्मशान काली मंदिर सरायकेला, शिव मंदिर रामगढ़ और करकेटा डैम कुचाई सहित ग्रेड-ए, बी एवं सी श्रेणी में चिह्नित पर्यटन स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि योजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो। साथ ही पर्यटन स्थलों के आसपास संचालित होटलों और होमस्टे का नियमानुसार पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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पर्यटन स्थलों पर जिपलाइन, एडवेंचर झूले और आकर्षक लाइटिंग की होगी व्यवस्था

पर्यटकों के आकर्षण और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके तहत कनेक्टिंग एप्रोच रोड, बैठने एवं विश्राम करने की व्यवस्था, गजीबो, जिपलाइन, एडवेंचर झूले, आकर्षक लाइटिंग, सेल्फी प्वाइंट और सूचनात्मक साइनेज जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर पहुंचने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए। इसके लिए आधारभूत संरचना के साथ सुरक्षा और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

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सोशल मीडिया से होगी जिले के पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग, बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद

उपायुक्त ने जिले के पर्यटन स्थलों की पहचान और लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्रचार माध्यमों से व्यापक ब्रांडिंग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बेहतर सुविधाओं और प्रभावी प्रचार-प्रसार से अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी शंकराचार्य सामद, जिला खेल पदाधिकारी-सह-जिला पर्यटन पदाधिकारी अमित कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जिला स्तरीय पर्यटन संवर्धन कार्यकारिणी समिति के सदस्य तथा विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

Seraikela : उड़ती धूल से परेशान शासन गांव के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, तीन घंटे तक सड़क जाम

सरायकेला-राजनगर मुख्य मार्ग पर सुबह 6 से 9 बजे तक ठप रहा आवागमन रोजाना तीन बार पानी छिड़काव का आश्वासन

  • सरायकेला-राजनगर मुख्य मार्ग पर सुबह 6 से 9 बजे तक ठप रहा आवागमन
  • रोजाना तीन बार पानी छिड़काव का आश्वासन पूरा नहीं होने पर ग्रामीणों ने जताया विरोध

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-राजनगर मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल और प्रदूषण से परेशान शासन गांव के ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार की सुबह एक बार फिर फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने सुबह करीब 6 बजे सड़क पर उतरकर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। अचानक सड़क जाम होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे राहगीरों, यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क पर लगातार वाहनों के गुजरने से भारी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे आसपास के घरों और दुकानों में धूल जमा हो रही है। लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। करीब तीन घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।

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प्रशासन के आश्वासन के बावजूद बंद हो गया था पानी का छिड़काव

ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो सप्ताह पहले भी उड़ती धूल की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने लगातार 36 घंटे तक सड़क जाम किया था। उस समय स्थानीय प्रशासन ने प्रतिदिन तीन बार टैंकर के माध्यम से सड़क पर पानी का छिड़काव कराने का आश्वासन दिया था। आश्वासन के बाद कुछ दिनों तक नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया गया, जिससे ग्रामीणों को धूल से थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन कुछ दिनों बाद ही पानी का छिड़काव बंद कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से किए गए वादे को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके कारण समस्या फिर से जस की तस हो गई। लगातार उड़ती धूल से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को सुबह-सुबह सड़क जाम कर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कराया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक उनकी परेशानी दूर नहीं होगी।

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पानी छिड़काव शुरू होने के आश्वासन पर सुबह 9 बजे हटा जाम

सड़क जाम की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक बातचीत के बाद प्रशासन ने तत्काल पानी का टैंकर मंगवाकर सड़क पर छिड़काव शुरू कराया। साथ ही ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि धूल की समस्या से राहत दिलाने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सुबह करीब 9 बजे सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सड़क के दोनों ओर फंसे वाहनों को धीरे-धीरे निकलवाकर यातायात सामान्य कराया। हालांकि, ग्रामीणों ने नियमित पानी छिड़काव की व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन अपने आश्वासन पर कितनी गंभीरता से अमल करता है।

Seraikela : समग्र शिक्षा एवं एमडीएम योजनाओं की जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित

184 विद्यालयों में हुए सामाजिक अंकेक्षण की हुई समीक्षा समग्र शिक्षा के 78 और मध्याह्न भोजन के 14 मुद्दे जनसुनवाई

  • 184 विद्यालयों में हुए सामाजिक अंकेक्षण की हुई समीक्षा
  • समग्र शिक्षा के 78 और मध्याह्न भोजन के 14 मुद्दे जनसुनवाई में रखे गए
  • शिक्षा योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर अधिकारियों ने दिया जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : उपविकास आयुक्त की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में पूर्वाह्न 11 बजे से समग्र शिक्षा एवं मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) के तहत सामाजिक अंकेक्षण की जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिले के कुल 184 विद्यालयों में सामाजिक अंकेक्षण कराया गया था। इनमें सभी 184 विद्यालय समग्र शिक्षा के तथा 60 विद्यालय मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े थे। सामाजिक अंकेक्षण के बाद प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके बाद जिला स्तर पर लंबित मामलों और मुद्दों की सुनवाई की गई। समग्र शिक्षा से संबंधित कुल 930 मुद्दों में से 78 तथा मध्याह्न भोजन योजना के 165 मुद्दों में से 14 मुद्दे जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्रस्तुत किए गए।

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समग्र शिक्षा और एमडीएम के लंबित मुद्दों पर हुई सुनवाई

जनसुनवाई के दौरान बताया गया कि शेष सभी मुद्दों का निष्पादन विद्यालय एवं प्रखंड स्तर पर पहले ही कर लिया गया है। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक अमित कुमार, सोशल ऑडिट यूनिट की टीम सहित संबंधित प्रखंडों के बीईईओ, बीपीओ, बीपीएम, अकाउंटेंट, ब्लॉक एमआईएस ऑपरेटर, एमडीएम ऑपरेटर तथा जिले के विभिन्न प्रभागों के प्रभारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से सामने आई समस्याओं के समाधान और शिक्षा संबंधी योजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।

Seraikela : धनतेरस पर सरायकेला बाजार में उमड़ी खरीदारों की भीड़, 10 करोड़ से अधिक का कारोबार

झाड़ू से लेकर सोने-चांदी तक की जमकर हुई खरीदारी जिले में 700 से अधिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की हुई

  • झाड़ू से लेकर सोने-चांदी तक की जमकर हुई खरीदारी
  • जिले में 700 से अधिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की हुई बिक्री; व्यापारियों के खिले चेहरे
  • सरायकेला के एक ज्वेलरी दुकान में धनतेरस पर खरीदारी के लिए उमड़ी ग्राहकों की भीड़

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : रोशनी, सुख-समृद्धि और उत्साह के पांच दिवसीय दीपावली महापर्व का शुभारंभ शुक्रवार को धनतेरस के साथ हुआ। इस अवसर पर सरायकेला के मुख्य बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचे। इसके कारण सराफा बाजार, बर्तन दुकान, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठानों और ऑटोमोबाइल शोरूम में दिनभर चहल-पहल बनी रही। शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने की परंपरा को लेकर सुबह से ही दुकानों के बाहर ग्राहकों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। बाजार में उमड़ी भीड़ ने त्योहार के उत्साह के साथ कारोबारियों में भी नई उम्मीद जगा दी।

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धनतेरस पर झाड़ू और बर्तनों की दुकानों में रही सबसे अधिक रौनक

धनतेरस पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार झाड़ू, पीतल और अन्य धातुओं के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के चलते सरायकेला के मुख्य बाजार से लेकर फुटपाथों तक लगी दुकानों में ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। खासकर महिलाओं ने घरेलू उपयोग के सामान, झाड़ू और बर्तनों की जमकर खरीदारी की। वहीं सोने-चांदी के सिक्कों और आभूषणों की खरीदारी को लेकर ज्वेलरी दुकानों में भी दिनभर ग्राहकों का तांता लगा रहा। लोग अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य कीमती सामान खरीदते नजर आए। देर शाम तक सराफा दुकानों में खरीदारी का सिलसिला जारी रहा।

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ऑटोमोबाइल बाजार में भी धनतेरस का दिखा जबरदस्त उत्साह

इस वर्ष सरायकेला जिले का ऑटोमोबाइल बाजार भी काफी गुलजार रहा। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार जिले में 700 से अधिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बिक्री हुई। ग्राहकों ने धनतेरस पर वाहन की डिलीवरी लेने के लिए कई दिन पहले ही अपनी पसंद की गाड़ियों की बुकिंग करा रखी थी। शुभ मुहूर्त शुरू होते ही विभिन्न शोरूम में नए वाहनों की पूजा-अर्चना कर ग्राहकों को चाबियां सौंपने का सिलसिला शुरू हो गया। शोरूम में सुबह से लेकर देर रात तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। दोपहिया वाहनों के साथ कारों की खरीदारी में भी लोगों ने विशेष रुचि दिखाई। वाहन कारोबारियों के अनुसार धनतेरस पर मिली अच्छी प्रतिक्रिया से ऑटोमोबाइल सेक्टर में उत्साह का माहौल रहा।

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10 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान, बाजार में लौटी रौनक

स्थानीय व्यापारियों और बाजार विश्लेषकों के शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस वर्ष धनतेरस पर सरायकेला में 10 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। इसमें सराफा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रही। टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों की भी अच्छी बिक्री हुई। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार ग्राहकों में अधिक उत्साह देखने को मिला है। इससे बाजार को नई ऊर्जा मिली है और दीपावली के शेष दिनों में भी बेहतर कारोबार की उम्मीद बढ़ी है। इधर, बाजार में उमड़ी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहा। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में बाजार क्षेत्र में खरीदारी का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।

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