- राज्य किसान सभा के 8वें सम्मेलन में किसान-मजदूर एकता पर जोर
- 28 फरवरी तक जारी रहेगा राज्य सम्मेलन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
रांची : रांची में आयोजित झारखंड राज्य किसान सभा के 8वें राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कामरेड कृष्ण प्रसाद ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसान विरोधी बीज और बिजली विधेयक, चार लेबर कोड, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता तथा मनरेगा को कमजोर करने की नीति अन्नदाता किसानों की कमर तोड़ देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की खनिज संपदा, जल, जंगल और जमीन पर कारपोरेट घरानों की गिद्धी नजर है, जिसके खिलाफ किसान सभा सड़कों पर संघर्ष कर रही है।
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किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक आंदोलन की चेतावनी
कृष्ण प्रसाद ने कहा कि प्रतिदिन 31 किसानों की आत्महत्या और महाराष्ट्र में 45 किसानों की आत्महत्या सरकार की किसान विरोधी नीतियों को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी उत्पादों पर शून्य प्रतिशत आयात शुल्क और भारतीय किसानों पर 18 प्रतिशत टैरिफ का समझौता किसानों के लिए घातक है। घोषित एमएसपी के बजाय 15-18 रुपये में धान खरीदी और जबरन भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। किसान सभा ने राज्य को 60 प्रतिशत और केंद्र को 40 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की मांग दोहराई तथा बांटने की राजनीति के खिलाफ एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
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एमएसपी और भूमि अधिग्रहण पर सरकार को घेरा
उद्घाटन सत्र के बाद सीटू नेता प्रतीक मिश्रा, जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष डॉ. कृति सिंह मुंडा तथा खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के राज्य संयोजक बिरेंद्र कुमार ने सम्मेलन को संबोधित किया और किसान-मजदूर एकता पर बल दिया। विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने बहस में हिस्सा लिया। सम्मेलन 28 फरवरी तक चलेगा। इस अवसर पर अवधेश कुमार, सुफल महतो, सुरजीत सिन्हा, एहतेशाम अहमद, स्वपन महतो, प्रफुल्ल लिंडा, मदुवा कच्छप, शंकर उरांव, रामदेव सिंह, लगी सोरेन और ललित मुंडा सहित कई नेता मंच पर उपस्थित थे।























