- ग्रामीणों को जल की महत्ता और बचत के उपायों की दी गई जानकारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : पोटका प्रखंड के सोहदा पंचायत अंतर्गत बालीजुड़ी गांव में विश्व जल दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के निर्देश पर आयोजित हुआ, जिसमें पीएलवी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जल के महत्व, उसकी सीमित उपलब्धता और संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि विश्व जल दिवस की शुरुआत 22 मार्च 1993 से हुई थी और इसका उद्देश्य लोगों को जल संकट के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर लगभग 71 प्रतिशत जल होने के बावजूद स्वच्छ पेयजल की कमी लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ता वायु प्रदूषण, औद्योगिक अपशिष्ट और जल का दुरुपयोग मुख्य कारण हैं।
इसे भी पढ़ें : Potka : लौकी-भात से शुरू हुआ चैती छठ, व्रतियों ने लिया कठिन संकल्प
जल बचाने के लिए दैनिक जीवन में बदलाव पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के व्यावहारिक उपायों के बारे में भी बताया। उन्होंने नल को अनावश्यक रूप से खुला न छोड़ने, चापाकल का सीमित उपयोग करने, नहाने और कपड़े धोने में पानी की बचत करने तथा मवेशियों को धोते समय भी सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि अभी से सतर्क नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान ग्राम प्रधान रामदेव हेंब्रम सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर जल संरक्षण का संकल्प लिया और अपने-अपने स्तर पर पानी बचाने की दिशा में प्रयास करने का भरोसा जताया। कार्यक्रम में पीएलवी चयन कुमार मंडल, छाकु माझी, मीरा मंडल, ज्योत्सना गोप, सबिता सोरेन, राजेश माहली, मकरो कर्मकार, दुलाल चंद्र मंडल, शांति हेंब्रम, मीना कैबर्त, आरसु टुडू, जूजू भकत, कुंदामणि माझी, बिशु मार्डि और सुमित कुमार गोप सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
























