- जादूगोड़ा के सुदूर जंगल में सेवा दे रहे शिक्षक की अनदेखी से शिक्षा विभाग कटघरे में
- जिम्मेदार व्यवस्था से उम्मीद लगाए बैठे शिक्षक
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : जादूगोड़ा क्षेत्र में शिक्षा विभाग की ट्रांसफर नीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पैर से दिव्यांग 54 वर्षीय शिक्षक प्रकाश झा पिछले 26 वर्षों से लगातार करीब 40 किलोमीटर का सफर तय कर सुदूर जंगल में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जोबला में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे जमशेदपुर के मानगो पोस्ट ऑफिस रोड स्थित अपने आवास से रोजाना लंबी दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं। शारीरिक रूप से असमर्थ होने के बावजूद उनका यह संघर्ष शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है, लेकिन विभागीय स्तर पर उनकी स्थिति को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
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कई बार आवेदन के बावजूद नहीं मिला स्थानांतरण, बढ़ी नाराजगी
शिक्षक प्रकाश झा ने बताया कि उन्होंने कई बार विभाग को स्थानांतरण के लिए आवेदन दिया, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वर्ष 2024 में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी उन्होंने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। वहीं, उनके स्कूल के प्रधान शिक्षक रतलाल बास्के को प्रमोशन के बाद स्थानांतरण का लाभ मिल गया, लेकिन दिव्यांग होने के बावजूद प्रकाश झा को यह सुविधा नहीं दी गई। इस स्थिति ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भेदभाव और पक्षपात के आरोपों को हवा दे दी है।
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शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल, समाधान का इंतजार
लगातार विभागीय पत्राचार के बावजूद कोई समाधान नहीं निकलने से स्थानीय लोगों और शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है। प्रकाश झा को रोजाना आवागमन के दौरान सड़क पार करने सहित कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, फिर भी वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। इस मामले ने शिक्षा विभाग की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि विभाग इस मामले में कब संज्ञान लेता है और दिव्यांग शिक्षक को राहत प्रदान करता है या नहीं।






















