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Jamshedpur : श्रीलेदर्स ने मनाया 115वां फाउंडर्स डे, संस्थापक को श्रद्धापूर्वक नमन

  • बिष्टुपुर शोरूम में आयोजित कार्यक्रम में संस्थापक के योगदान को किया गया याद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में Sreeleathers ने अपने संस्थापक Suresh Chandra Dey का 115वां फाउंडर्स डे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। बिष्टुपुर स्थित के रोड शोरूम परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस मौके पर संस्थापक के आदर्शों, मूल्यों और उनके दूरदर्शी विचारों को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा, जहां सभी ने संस्थान की नींव रखने वाले महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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छोटे शोरूम से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक का सफर

कार्यक्रम के दौरान कंपनी के पार्टनर सह वरिष्ठ समाजसेवी Shekhar Dey ने कहा कि जमशेदपुर शहर हमेशा से श्रीलेदर्स परिवार के लिए सर्वोपरि रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1952 में यहां से एक छोटे शोरूम के रूप में शुरू हुआ सफर आज देश-विदेश तक फैल चुका है। उन्होंने Tata Steel का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह इस कंपनी की शुरुआत भी जमशेदपुर से हुई, उसी तरह श्रीलेदर्स ने भी इस शहर से अपनी पहचान बनाई। संस्थापक की मेहनत, ईमानदारी और स्पष्ट सोच ने ही इस संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

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गणमान्य लोगों की मौजूदगी, आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प

इस अवसर पर कंपनी की पार्टनर Jyotsna Dey और Sushanto Dey सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में Surojit Chatterjee, Pritilekha Roy, Alpana Bhattacharjee, Jharna Kar, P. K. Nandi और Bimal Chakraborty समेत कई लोगों ने भाग लिया। सभी ने संस्थापक के आदर्शों को आगे बढ़ाने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कर्मचारियों और नागरिकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

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Jamshedpur : 23 अप्रैल से न्यू केबुल टाउन में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ, भव्य कलश यात्रा से होगा शुभारंभ

नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को लेकर तैयारियां पूरी, श्रद्धालुओं में उत्साह जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित न्यू केबुल

  • नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को लेकर तैयारियां पूरी, श्रद्धालुओं में उत्साह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित न्यू केबुल टाउन सामुदायिक भवन मैदान में 23 अप्रैल से 1 मई 2026 तक आयोजित होने वाले श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति द्वारा आयोजित इस भव्य नौ दिवसीय अनुष्ठान को सनातन संस्कृति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के महापर्व के रूप में देखा जा रहा है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजन की रूपरेखा साझा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी की उम्मीद जताई गई। समिति ने बताया कि इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

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गुरुदेव जय मंगला बाबा के सानिध्य में होगा आयोजन

प्रेस वार्ता में परमश्रद्धेय Shri Shri 108 Jai Mangala Baba ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म और सद्कर्म ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ और पूजा-पाठ से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने बताया कि वे अब तक 128 यज्ञों का सफल संचालन कर चुके हैं और इस महायज्ञ से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष संचार होगा। श्रद्धालुओं से उन्होंने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील भी की।

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भव्य कलश यात्रा और संगीतमय प्रवचन होंगे आकर्षण का केंद्र

आयोजन समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर ने बताया कि 23 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा के साथ महायज्ञ का शुभारंभ होगा। यह यात्रा ओल्ड केबुल टाउन स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर (बिरला मंदिर) से शुरू होकर यज्ञ स्थल तक पहुंचेगी, जिसमें सुल्तानगंज से लाए गए पवित्र गंगाजल से भरे कलश के साथ हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन भजन, कीर्तन और प्रवचन का आयोजन होगा। प्रसिद्ध कथावाचक Ramcharitra Das अपने सहयोगियों के साथ संगीतमय कथा और झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रेरित करेंगे।

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भव्य यज्ञशाला, सुरक्षा और भंडारे की विशेष व्यवस्था

यज्ञ स्थल पर पांच कुंडीय यज्ञशाला का निर्माण किया गया है, जहां Lal Mohan Shastri अपने 21 सदस्यीय दल के साथ वैदिक अनुष्ठानों का संचालन करेंगे। आयोजन स्थल को 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाओं और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंडाल, सुरक्षा और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है। समिति के बिट्टू तिवारी ने बताया कि प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जबकि 1 मई को पूर्णाहुति और महाभंडारा तथा 2 मई को रामार्चा पूजा के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

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जादूगोड़ा के सुदूर जंगल में सेवा दे रहे शिक्षक की अनदेखी से शिक्षा विभाग कटघरे में जिम्मेदार व्यवस्था से उम्मीद

  • जादूगोड़ा के सुदूर जंगल में सेवा दे रहे शिक्षक की अनदेखी से शिक्षा विभाग कटघरे में
  • जिम्मेदार व्यवस्था से उम्मीद लगाए बैठे शिक्षक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा क्षेत्र में शिक्षा विभाग की ट्रांसफर नीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पैर से दिव्यांग 54 वर्षीय शिक्षक प्रकाश झा पिछले 26 वर्षों से लगातार करीब 40 किलोमीटर का सफर तय कर सुदूर जंगल में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जोबला में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे जमशेदपुर के मानगो पोस्ट ऑफिस रोड स्थित अपने आवास से रोजाना लंबी दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं। शारीरिक रूप से असमर्थ होने के बावजूद उनका यह संघर्ष शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है, लेकिन विभागीय स्तर पर उनकी स्थिति को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

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कई बार आवेदन के बावजूद नहीं मिला स्थानांतरण, बढ़ी नाराजगी

शिक्षक प्रकाश झा ने बताया कि उन्होंने कई बार विभाग को स्थानांतरण के लिए आवेदन दिया, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वर्ष 2024 में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी उन्होंने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। वहीं, उनके स्कूल के प्रधान शिक्षक रतलाल बास्के को प्रमोशन के बाद स्थानांतरण का लाभ मिल गया, लेकिन दिव्यांग होने के बावजूद प्रकाश झा को यह सुविधा नहीं दी गई। इस स्थिति ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भेदभाव और पक्षपात के आरोपों को हवा दे दी है।

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शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल, समाधान का इंतजार

लगातार विभागीय पत्राचार के बावजूद कोई समाधान नहीं निकलने से स्थानीय लोगों और शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है। प्रकाश झा को रोजाना आवागमन के दौरान सड़क पार करने सहित कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, फिर भी वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। इस मामले ने शिक्षा विभाग की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि विभाग इस मामले में कब संज्ञान लेता है और दिव्यांग शिक्षक को राहत प्रदान करता है या नहीं।

Gua : गुवा खदान में ठेका श्रमिकों के वेतन को लेकर विवाद, जांच के लिए प्रबंधन ने मांगा समय

यूनियन ने समय पर वेतन और सही श्रेणी नहीं मिलने का लगाया आरोप प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार, विस्तृत

  • यूनियन ने समय पर वेतन और सही श्रेणी नहीं मिलने का लगाया आरोप
  • प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार, विस्तृत जांच के लिए मांगा समय
  • श्रमिक विवादों के समाधान के लिए प्रशासन सक्रिय

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा खदान क्षेत्र में ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान और श्रेणी निर्धारण को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को चाईबासा स्थित एलसी ऑफिस में हुई कार्यवाही के दौरान झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय ने आरोप लगाया कि कई ठेकेदार श्रमिकों को समय पर वेतन नहीं दे रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने यह भी कहा कि कई श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप मजदूरी नहीं मिल रही है, जो श्रम नियमों का उल्लंघन है। इस मुद्दे को लेकर श्रमिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

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कुशल श्रमिकों को मिल रही अर्ध-कुशल मजदूरी, कई उदाहरण सामने आए

कार्यवाही के दौरान यूनियन ने कई उदाहरण पेश किए, जिनमें बताया गया कि एक इलेक्ट्रीशियन को अर्ध-कुशल श्रेणी की मजदूरी दी जा रही है, जबकि वह कुशल श्रेणी का कार्य कर रहा है। इसी तरह पंप ऑपरेटर, लोडिंग ऑपरेटर और रसोइयों के मामलों में भी श्रमिकों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप श्रेणी नहीं दी जा रही है। यूनियन नेताओं ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।

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मजदूरी असमानता पर श्रमिकों का बढ़ता आक्रोश

वहीं प्रबंधन की ओर से एजीएम (एचआर) चंदन घोष ने इन आरोपों को प्रणालीगत अनियमितता मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सामान्यतः श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख से पहले वेतन भुगतान कर दिया जाता है, हालांकि कुछ मामलों में देरी की शिकायतों की जांच की जाएगी। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यूनियन द्वारा उठाए गए सभी मामलों की सत्यता जांचने के लिए विस्तृत अभिलेखों और ठेकेदार-वार जानकारी की आवश्यकता है, जिसके लिए समय मांगा गया है। प्राधिकरण ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक सभी संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अगली तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

Jamshedpur : संथाली भाषा के साथ भेदभाव का आरोप, आदिवासी संगठनों ने सरकार पर उठाए सवाल

जैक 8वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में ‘डी ग्रेड’ को लेकर फूटा आक्रोश, उच्च स्तरीय जांच की मांग मांगें नहीं मानी

  • जैक 8वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में ‘डी ग्रेड’ को लेकर फूटा आक्रोश, उच्च स्तरीय जांच की मांग
  • मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
  • सामाजिक आंदोलनों के जरिए हक की लड़ाई तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के सर्किट हाउस में आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और ओल चिकी हूल बैसी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित प्रेसवार्ता में संथाली भाषा के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई गई। संगठनों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सत्र 2025-26 में जैक बोर्ड द्वारा आयोजित 8वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम में संथाली भाषा के विद्यार्थियों को जानबूझकर ‘डी ग्रेड’ दिया गया है, जबकि अन्य विषयों में उनके अंक संतोषजनक हैं। इसे एक सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा गया कि इससे आदिवासी समाज के छात्रों का अपनी भाषा से मोहभंग करने की कोशिश की जा रही है। इस मुद्दे ने संथाल समाज में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है और अभिभावकों के बीच भी चिंता का माहौल है।

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शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर उठते सवाल

प्रेसवार्ता में यह भी कहा गया कि छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं की भौतिक जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक परिणाम सामने आ सके। संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में किसी भी अधिकारी की लापरवाही या साजिश सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में संथाली भाषा के प्रचार-प्रसार और विकास के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन द्वारा जनजातीय शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया, जिससे छात्रों को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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ओल चिकी लिपि में पढ़ाई और शिक्षक बहाली की उठी मांग

संगठनों ने मांग की कि संथाली भाषा की पढ़ाई ओल चिकी लिपि में शुरू की जाए और इसके लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पाठन-पाठन सामग्री की भी भारी कमी है, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, संथाली एकेडमी काउंसिल के गठन की प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने की मांग की गई। प्रेसवार्ता में यह भी बताया गया कि पहले एक अधिकारी दल को पश्चिम बंगाल भेजा गया था, जहां से रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण पर बढ़ती चिंता

प्रेसवार्ता में झारखंड टेट परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए। संगठनों का कहना है कि संथाली भाषा की आधिकारिक लिपि ओल चिकी है, फिर भी परीक्षा में इसे देवनागरी लिपि में लिखने का निर्देश देना गलत है। इसके साथ ही मगही और भोजपुरी भाषाओं को परीक्षा में शामिल करने के मुद्दे पर भी आपत्ति जताई गई। उन्होंने कहा कि इन भाषाओं को शामिल करने के कारण परीक्षा को स्थगित करना अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। पिछले 10 वर्षों से टेट परीक्षा नहीं होने के कारण शिक्षक बहाली भी प्रभावित हुई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा है।

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भर्ती प्रक्रिया में देरी से युवाओं में बढ़ी निराशा

प्रेसवार्ता के अंत में संगठनों ने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आदिवासी समाज चरणबद्ध आंदोलन करेगा, जो आगे चलकर उग्र रूप ले सकता है। इस दौरान ओल चिकी हूल बैसी के महासचिव दुर्गा चरन मुर्मू, माझी बाबा बिंदु सोरेन, नवीन मुर्मू, दुलाल हांसदा, हरिहर टुडू, बाबूराम सोरेन और बुद्धेश्वर किस्कू सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई भाषा, पहचान और अधिकारों की है, जिसे किसी भी कीमत पर जारी रखा जाएगा।

Baharagoda : स्वर्णरेखा नदी तट पर बम निस्तारण टला, अंतिम अनुमति के इंतजार में अभियान स्थगित

सेना की विशेष टीम ने पूरी की तैयारी, सुरक्षा घेरे के साथ नियंत्रित विस्फोट की थी योजना अंतिम क्लियरेंस नहीं

  • सेना की विशेष टीम ने पूरी की तैयारी, सुरक्षा घेरे के साथ नियंत्रित विस्फोट की थी योजना
  • अंतिम क्लियरेंस नहीं मिलने से टला विस्फोट, ग्रामीणों में बनी रही चिंता
  • नई तिथि की घोषणा का इंतजार, स्थल पर निगरानी जारी
  • प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपोड़ा गांव में उस समय हलचल तेज हो गई जब स्वर्णरेखा नदी तट पर सेना की विशेष बम निस्तारण टीम पहुंची। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में मिले पुराने जीवित बमों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के लिए नियंत्रित विस्फोट की विस्तृत योजना तैयार की गई थी। टीम ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए गड्ढे खोदने से लेकर सुरक्षा घेरे तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। आसपास के क्षेत्र को भी एहतियातन खाली कराया गया था, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान न हो।

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संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने पर प्रशासन का जोर

मंगलवार को प्रस्तावित यह सुनियोजित विस्फोट अंतिम समय पर टाल दिया गया। बताया जा रहा है कि सेना की टीम पूरी तरह तैयार थी, लेकिन संबंधित विभाग और उच्चाधिकारियों से अंतिम अनुमति नहीं मिल पाने के कारण अभियान को फिलहाल स्थगित करना पड़ा। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच स्थानीय ग्रामीणों को पहले ही सतर्क कर दिया गया था और उन्हें नदी तट से दूर रहने की सलाह दी गई थी। हालांकि विस्फोट टलने के बाद भी क्षेत्र में लोगों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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सुरक्षा कारणों से टाले गए अभियान, प्रशासन की अपील

फिलहाल सेना और जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि विस्फोट कब किया जाएगा। विभागीय आदेश मिलते ही नई तिथि तय की जाएगी। तब तक सुरक्षा की दृष्टि से चिन्हित स्थल पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और बिना अनुमति के उस स्थान के पास न जाएं। किसी भी तरह की लापरवाही से गंभीर हादसा हो सकता है, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है।

Baharagoda : विश्व प्रतिमूर्ति दिवस पर बहरागोड़ा में महापुरुषों को श्रद्धांजलि, चलाया गया स्वच्छता अभियान

विभिन्न स्थानों पर प्रतिमाओं की साफ-सफाई और माल्यार्पण कर याद किए गए महानायक नेताजी सुभाष शिशु उद्यान में भी हुआ

  • विभिन्न स्थानों पर प्रतिमाओं की साफ-सफाई और माल्यार्पण कर याद किए गए महानायक
  • नेताजी सुभाष शिशु उद्यान में भी हुआ आयोजन, नई पीढ़ी को दी प्रेरणा
  • महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरित होकर समाज निर्माण की पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को ‘विश्व प्रतिमूर्ति दिवस’ बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई कर उन्हें माल्यार्पण किया गया। खांडामौदा गांव में विशेष अभियान के तहत पीएमश्री प्लस टू उच्च विद्यालय के संस्थापक तारापद षडंगी, पंचायत प्रांगण में महात्मा गांधी और कालीपद त्रिपाठी, गोपबंधु चौक पर उत्कलमणि गोपबंधु दास तथा मुंडारी क्लब में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं को स्वच्छ कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में एचएम कमल कुमार, मृणाल कांति घोष सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने महापुरुषों के विचारों और उनके योगदान को याद किया।

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युवाओं में बढ़ रही सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता पर जोर

दूसरी ओर, झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षडंगी ने बहरागोड़ा स्थित नेताजी सुभाष शिशु उद्यान पहुंचकर विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित गोपबंधु दास, भगवान बिरसा मुंडा और पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमाओं को नमन किया, साथ ही संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर भी श्रद्धा अर्पित की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने महान नायकों के प्रति सम्मान और उनके आदर्शों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता और सामाजिक मूल्यों को अपनाने का संदेश भी दिया गया।

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