Share

Keonjhar : बहन की लाश लेकर बैंक पहुंचा भाई, सिस्टम की संवेदनहीनता पर उठे सवाल

  • ओडिशा के क्योंझर में मार्मिक घटना, अंतिम संस्कार के लिए पैसों को लेकर जूझता रहा परिवार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

क्योंझर : क्योंझर जिले के बिनाली गांव से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले जीतू मुंडा को अपनी बहन कालरा मुंडा के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। जानकारी के अनुसार, कालरा मुंडा की मौत बीमारी के कारण हो गई थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उनके पास अंतिम संस्कार तक के लिए पर्याप्त धन नहीं था। ऐसे में जीतू अपनी बहन के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचा, जहां उसे औपचारिकताओं और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।

इसे भी पढ़ें : Kharagpur : आईआईटी खड़गपुर में संदिग्ध हालात में छात्र की मौत, 10 दिनों में दूसरी घटना से हड़कंप

गरीबी और व्यवस्था के बीच फंसा परिवार

स्थिति तब और मार्मिक हो गई जब जीतू मुंडा के पास इंतजार करने का कोई विकल्प नहीं बचा। मजबूरी में उसने अपनी बहन के शव को कब्र से निकालकर बैंक तक ले जाने का कदम उठाया, ताकि वह अधिकारियों को उसकी मौत का प्रमाण दे सके और तुरंत पैसे निकाल सके। बैंक परिसर में यह दृश्य देखकर मौजूद लोग भावुक हो उठे और कई लोगों ने इस अमानवीय स्थिति पर गहरा रोष जताया। यह घटना न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं की कठोरता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जरूरतमंद लोगों के लिए त्वरित सहायता व्यवस्था कितनी कमजोर है।

इसे भी पढ़ें : Chakradharpur : चक्रधरपुर रेल मंडल की अपील: बिना वजह चेन पुलिंग पर सख्ती, 267 मामले दर्ज

बैंक परिसर में दिखा मार्मिक दृश्य, व्यवस्था में सुधार की उठी मांग

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। Adivasi Munda Samaj Vikas Samiti के केंद्रीय अध्यक्ष बुधराम लागुरी ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मानवीय दृष्टिकोण से व्यवस्था में सुधार जरूरी है। इस घटना ने बैंकिंग प्रणाली, प्रशासनिक संवेदनशीलता और गरीबों तक समय पर सहायता पहुंचाने की जरूरत पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

Leave a Comment

Jamshedpur : झारखंड आंदोलनकारियों के लिए बड़ा ऐलान, बजट में 1000 करोड़ का प्रावधान

भुवनेश्वर महतो बोले- जल्द मिलेगा सम्मान, पेंशन और प्रमाण पत्र जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : जमशेदपुर में झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितीकरण

  • भुवनेश्वर महतो बोले- जल्द मिलेगा सम्मान, पेंशन और प्रमाण पत्र

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग के सदस्य भुवनेश्वर महतो ने दुर्योधन महतो के आवास पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में आंदोलनकारियों के लंबित मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में पटमदा और बोड़ाम प्रखंड के कई आंदोलनकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के कई आंदोलनकारी पहले ही चिह्नित किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक केवल कुछ को ही प्रशस्ति पत्र मिल सका है। इस कारण कई लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उपायुक्त कार्यालय से बातचीत के बाद जल्द ही शेष सभी पात्र आंदोलनकारियों को प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए जाएंगे। वर्तमान में पूर्वी सिंहभूम जिले में लगभग 2200 मामलों का निपटारा लंबित है, जिनमें से 1200 मामले पटमदा और बोड़ाम क्षेत्र से जुड़े हैं।

इसे भी पढ़ें : Jhargram : इको-पैसेज प्रोजेक्ट पर उठे सवाल, अंडरपास ध्वस्त होने से मचा हड़कंप

आरक्षण, पेंशन और स्वास्थ्य बीमा की सुविधाएं होंगी सुनिश्चित

भुवनेश्वर महतो ने बताया कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। चिन्हित आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही सभी आंदोलनकारियों को समान पेंशन देने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में 3500, 5000 और 7000 रुपये की अलग-अलग श्रेणियों में पेंशन दी जाती है, जिसे एक समान करने का प्रयास जारी है। इसके अलावा आंदोलनकारियों को साढ़े चार लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने की भी योजना है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : कोल्हान विवि के फैसलों का स्वागत, शिक्षकों की कमी पर तालाबंदी की चेतावनी

लंबित मामलों के निपटारे के लिए आयोग का कार्यकाल बढ़ेगा

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कई प्रमुख आंदोलनकारियों के नाम अब भी गृह विभाग में लंबित हैं, जिनमें गुरुजी शिबू सोरेन, सुप्रियो भट्टाचार्य और स्वर्गीय रामदास सोरेन जैसे नाम शामिल हैं। इन लंबित मामलों के निपटारे के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आयोग का कार्यकाल बढ़ाने का आश्वासन दिया है। बैठक में दुर्योधन महतो, मनबोध महतो, रसराज महतो, मलिंद्र सिंह, श्यामापद रजक, सुनील मुर्मू, अमर गोप, अजीत महतो, सुल्तान अंसारी, आनंदमय महतो, बंक बिहारी महतो, मदन टुडू, गोपाल माहली, प्रणव महतो, पेलाराम सिंह, अबोध सहिस, चित्तरंजन महतो और बाबलू दत्त समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Jhargram : इको-पैसेज प्रोजेक्ट पर उठे सवाल, अंडरपास ध्वस्त होने से मचा हड़कंप

हाथी-मानव संघर्ष रोकने की योजना में निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर आरोप जेबी लाइव, रिपोर्टर झारग्राम : जंगलमहल क्षेत्र में विकास

  • हाथी-मानव संघर्ष रोकने की योजना में निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर आरोप

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झारग्राम : जंगलमहल क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा इको-पैसेज प्रोजेक्ट अब विवादों में घिर गया है। बुधवार तड़के झाड़ग्राम के गुप्तमणि इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर निर्माणाधीन अंडरपास ब्रिज का एक हिस्सा अचानक ध्वस्त हो गया। यह अंडरपास हाथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए बनाया जा रहा था, ताकि वे सड़क के नीचे से गुजर सकें और ऊपर से वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे। लेकिन ढलाई के कुछ ही घंटों बाद संरचना के गिर जाने से निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना ने पूरे प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : कोल्हान विवि के फैसलों का स्वागत, शिक्षकों की कमी पर तालाबंदी की चेतावनी

50 करोड़ की परियोजना, डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य

जानकारी के अनुसार, वन विभाग की सिफारिश पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना की शुरुआत की गई थी। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस इको-पैसेज की लंबाई करीब 100 मीटर और ऊंचाई लगभग 7 मीटर रखी गई है। वर्ष 2025 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को डेढ़ साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। योजना के तहत सड़क को ऊंचा उठाकर उसके नीचे हाथियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाया जा रहा था। इसके अलावा, परियोजना में सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग, प्राकृतिक माहौल का संरक्षण और ‘नो हॉर्निंग जोन’ घोषित करने जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, ताकि वन्यजीवों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।

इसे भी पढ़ें : Jadugoda : पूर्व विधायक सनातन माझी की पांचवीं पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि

घटिया निर्माण सामग्री और निगरानी पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप सामने आने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों का दावा है कि हाथियों की संभावित आवाजाही के कारण भी नुकसान हो सकता है, लेकिन हाल के दिनों में उस मार्ग पर हाथियों की उपस्थिति के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। मौके पर पहुंचे गोपीबल्लभपुर विधानसभा क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी अजीत महतो ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस परियोजना में भ्रष्टाचार हुआ है और निम्न स्तर की सामग्री के कारण यह हादसा हुआ है।

इसे भी पढ़ें : Gua : हेन्देदिरी स्कूल में घुसे जंगली हाथी, मिड डे मील व्यवस्था ठप

हाथी-मानव संघर्ष के समाधान पर फिर उठी बहस

इस घटना के बाद एक बार फिर हाथी-मानव संघर्ष का मुद्दा चर्चा में आ गया है। हर साल झारखंड के दलमा पहाड़ से हाथियों के झुंड भोजन की तलाश में झाड़ग्राम और खड़गपुर के जंगलों की ओर रुख करते हैं। बीच में राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कभी हाथियों तो कभी इंसानों की जान चली जाती है। ऐसे में इस तरह के इको-पैसेज को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। जंगलमहल स्वराज मोर्चा के अध्यक्ष अशोक महतो ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए निष्पक्ष जांच और नियमित मॉनिटरिंग की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Baharagoda : कोल्हान विवि के फैसलों का स्वागत, शिक्षकों की कमी पर तालाबंदी की चेतावनी

पूर्व मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी ने उठाए सवाल, 15 मई तक दिया अल्टीमेटम जेबी लाइव, रिपोर्टर बहरागोड़ा : बहरागोड़ा

  • पूर्व मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी ने उठाए सवाल, 15 मई तक दिया अल्टीमेटम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा में झारखंड सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी ने चार साल बाद आयोजित कोल्हान विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में लिए गए अहम निर्णयों का स्वागत किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कायाकल्प, वाई-फाई कैंपस और 13 नए डिग्री कॉलेजों को संबद्धता देने जैसे फैसलों को सकारात्मक कदम बताते हुए कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन को बधाई दी। हालांकि, उन्होंने शिक्षकों की भारी कमी को लेकर गहरी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए शिक्षक सबसे बुनियादी आवश्यकता होते हैं, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर सीनेट में कोई ठोस चर्चा नहीं की गई।

इसे भी पढ़ें : Jadugoda : पूर्व विधायक सनातन माझी की पांचवीं पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि

बहरागोड़ा कॉलेज की स्थिति पर नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

डॉ. षड़ंगी ने कहा कि संविदा और अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति बंद होने से कई विभाग खाली पड़े हैं और पढ़ाई लगभग ठप हो गई है। उन्होंने बहरागोड़ा महाविद्यालय की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि इस संबंध में राज्यपाल और कुलपति को पहले ही आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसे उन्होंने शर्मनाक बताया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 15 मई तक रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तो कॉलेज में तालाबंदी कर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

Jadugoda : पूर्व विधायक सनातन माझी की पांचवीं पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि

आदिवासी भवन करनडीह में आयोजित कार्यक्रम में याद किए गए योगदान जेबी लाइव, रिपोर्टर जादूगोड़ा : जादूगोड़ा स्थित आदिवासी भवन

  • आदिवासी भवन करनडीह में आयोजित कार्यक्रम में याद किए गए योगदान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा स्थित आदिवासी भवन करनडीह में पोटका के पूर्व विधायक एवं झारखंड आंदोलनकारी स्वर्गीय सनातन माझी की पांचवीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उनके सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के विकास और आदिवासी समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और गणमान्य नागरिक इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

इसे भी पढ़ें : Gua : हेन्देदिरी स्कूल में घुसे जंगली हाथी, मिड डे मील व्यवस्था ठप

युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने की अपील

इस मौके पर उनके पुत्र बाबू माझी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय सनातन माझी ने शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे उनके आदर्शों और सिद्धांतों को अपनाकर समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में परगना सुशील हांसदा, मधु सोरेन, शंकर हेम्ब्रम, रवि कुरली, प्रताप पिंगुआ, मनोज नाहा, पप्पू उपाध्याय, संजीव मुर्मू, इंद्रो हांसदा, सुकरा हो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में सभी ने उनके त्याग और बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

Gua : हेन्देदिरी स्कूल में घुसे जंगली हाथी, मिड डे मील व्यवस्था ठप

रसोईघर तोड़कर चट कर गए राशन, बच्चों में दहशत जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : सारंडा जंगल क्षेत्र स्थित उत्क्रमित प्राथमिक

  • रसोईघर तोड़कर चट कर गए राशन, बच्चों में दहशत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : सारंडा जंगल क्षेत्र स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, हेन्देदिरी में 28/29 अप्रैल की रात दो जंगली हाथियों ने भारी उत्पात मचाया। हाथियों ने स्कूल परिसर में घुसकर रसोईघर का दरवाजा तोड़ दिया और बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए रखे गए चावल, राशन और सब्जियों को खा गए। इसके साथ ही रसोईघर में रखे अन्य सामानों को भी नुकसान पहुंचाया। इस घटना के बाद स्कूल की मिड डे मील व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। राशन खत्म हो जाने के कारण बुधवार को बच्चों को भोजन नहीं मिल सका। स्कूल पहुंचे बच्चे भय के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जबकि शिक्षकों के सामने भी व्यवस्था बहाल करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : टोंटो-गोइलकेरा जंगल में मुठभेड़, एक माओवादी ढेर

ग्रामीणों में डर, वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। दुविल गांव के निवासी वीर सिंह हंसदा ने बताया कि विद्यालय हेन्देदिरी टोला में स्थित है, जहां हाथियों ने रातभर उत्पात मचाया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी अब भी आसपास के जंगलों में मौजूद हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। बच्चों में डर इस कदर है कि वे स्कूल जाने से हिचक रहे हैं और अभिभावक भी चिंतित हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि हाथियों को जल्द से जल्द गांव क्षेत्र से दूर खदेड़ा जाए, ताकि किसी बड़ी घटना से बचा जा सके और स्कूल की मिड डे मील व्यवस्था फिर से सुचारू हो सके।

Chaibasa : टोंटो-गोइलकेरा जंगल में मुठभेड़, एक माओवादी ढेर

कोबरा 209 बटालियन की बड़ी कार्रवाई, हथियार और संदिग्ध सामान बरामद जेबी लाइव, रिपोर्टर चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के

  • कोबरा 209 बटालियन की बड़ी कार्रवाई, हथियार और संदिग्ध सामान बरामद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के टोंटो-गोइलकेरा क्षेत्र के घने जंगलों में बुधवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में कोबरा 209 बटालियन के जवानों ने एक माओवादी को मार गिराया। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से शव के साथ हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल मारे गए नक्सली की पहचान की प्रक्रिया जारी है। बताया जा रहा है कि जवानों ने सटीक रणनीति के तहत इलाके को घेरकर ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिससे माओवादियों को बड़ा नुकसान हुआ है।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : हाथियों का आतंक: मटिहाना-चाकुलिया मार्ग पर रात में सफर बना खतरे से भरा

इनामी नक्सली मिसिर बेसरा की तलाश तेज, जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी

सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों को पहले से सूचना मिली थी कि एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा का दस्ता रुटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा क्षेत्र में सक्रिय है। इसी सूचना के आधार पर पिछले दो दिनों से सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था। बुधवार को सर्च अभियान के दौरान माओवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने मोर्चा संभालते हुए कार्रवाई की। मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी गई है और गहन तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि इस ऑपरेशन में और भी अहम सफलता मिल सकती है।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top