धूमकुड़िया भवन में आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक व्यवस्था बचाने पर जोर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : जादूगोड़ा के रंकनी मंदिर कापड़ गादी घाट स्थित धूमकुड़िया भवन में आदिवासी स्वशासन और पेसा नियमावली पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण चेतना केन्द्र, बड़ा सिकदी पोटका के निदेशक सिदेश्वर सरदार ने किया। कार्यशाला में हरीश सिंह भूमिज, जयपाल सिंह और बसंती सरदार सहित कई वक्ताओं ने पेसा कानून की बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने 1996 के केंद्रीय पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को मिले अधिकारों, विकास कार्यों की निगरानी, खर्चों पर नियंत्रण और भूमि अधिग्रहण से पूर्व परामर्श जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने इन जानकारियों को गंभीरता से सुना और अपने अधिकारों को समझने की दिशा में रुचि दिखाई।
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पारंपरिक व्यवस्था को जीवित रखने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में सिदेश्वर सरदार ने आदिवासी समाज से अपनी पारंपरिक व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पेसा कानून का सही उपयोग तभी संभव है, जब ग्राम सभा मजबूत होगी और लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगे। इस अवसर पर जयपाल सिंह सरदार, सिगो सरदार, विमला सरदार, गोपाल किस्कू, अनीता कुमारी, प्रियंका मुंडा, बसंती सरदार, हरि सिंह भूमिज, गौरी सरदार और रामेश्वर सरदार सहित दर्जनों महिला-पुरुष उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।























