आनंद मार्ग द्वारा निःस्वार्थ रक्तदान को आध्यात्मिक सेवा से जोड़ने का संदेश
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : जमशेदपुर में आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल की ओर से एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक नियमित रक्तदाताओं को “रक्तवीर सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम गदरा स्थित आनंद मार्ग आश्रम में संपन्न हुआ। सम्मानित किए गए सभी रक्तदाता वे हैं, जिन्होंने आनंद मार्ग द्वारा हर महीने आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर में सक्रिय भागीदारी निभाई है। ये शिविर जमशेदपुर ब्लड सेंटर में नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। कार्यक्रम के दौरान रक्तवीरों को स्मृति चिन्ह और पौधे भेंट कर उनके योगदान को सराहा गया।
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मासिक रक्तदान शिविर की प्रेरणादायक पहल
इस अवसर पर आनंद मार्ग के वरिष्ठ संन्यासियों ने रक्तदाताओं को सम्मानित करते हुए उनके साहस और सेवा भावना की प्रशंसा की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने अपने आशीर्वचनों के माध्यम से रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि यह मानवता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। रक्तदान करने वाले व्यक्ति न केवल किसी की जान बचाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। इस आयोजन ने समाज में सेवा और सहयोग की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया।
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रक्तदान से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
कार्यक्रम में सुनील आनंद ने अपने संबोधन में रक्तदान के आध्यात्मिक पक्ष पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि रक्तदान परमात्मा के प्रति समर्पण भाव से किया जाए, तो यह दोहरा पुण्य प्रदान करता है—एक ओर जरूरतमंद की सहायता और दूसरी ओर मन एवं शरीर पर सकारात्मक प्रभाव। उन्होंने बताया कि रक्तदान एक ऐसा दान है जिसका कोई विकल्प नहीं है और यह निःस्वार्थ भाव से किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हर 90 दिन के अंतराल पर स्वास्थ्य मानकों के अनुसार रक्तदान करते हैं, वे वास्तव में भय पर विजय प्राप्त करने वाले सच्चे “रक्तवीर” हैं।























