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Ghatsila : ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ जदयू का हस्ताक्षर अभियान 24 को, घाटशिला स्टेशन पर जुटेंगे यात्री

  • रेलवे व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जदयू और रेल यात्री संघर्ष समिति हुई सक्रिय
  • रेलवे समस्याओं को लेकर यात्रियों से समर्थन की अपील

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : घाटशिला रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के विरोध में जनता दल यूनाइटेड की ओर से शनिवार 24 मई को हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसकी जानकारी जदयू जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने जादूगोड़ा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम संध्या 4:30 बजे घाटशिला रेलवे स्टेशन के समक्ष आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय भी शामिल होंगे। जदयू नेताओं का कहना है कि ट्रेनों की अनियमितता से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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ट्रेनों की देरी से यात्रियों में बढ़ रहा आक्रोश

कार्यक्रम की तैयारी को लेकर जदयू जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने रेल यात्री संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवशंकर सिंह, नीरज सिंह, अमित शर्मा, राहुल पांडे और स्वरिक राज शुक्ला के साथ घाटशिला पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान नेताओं ने स्थानीय लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। नेताओं ने कहा कि यह अभियान यात्रियों की आवाज को मजबूती देने और रेलवे प्रशासन का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

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Jamshedpur : डालसा सचिव ने घाघीडीह संप्रेषण गृह का किया निरीक्षण, बच्चों की सुविधाओं का लिया जायजा

रहन-सहन, खानपान और शिक्षा व्यवस्था की जांच कर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश शिक्षा और देखभाल व्यवस्था को बेहतर बनाने

  • रहन-सहन, खानपान और शिक्षा व्यवस्था की जांच कर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
  • शिक्षा और देखभाल व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी शनिवार सुबह निरीक्षण के लिए घाघीडीह स्थित संप्रेषण गृह पहुंचे। उनके साथ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ अधिवक्ता विदेश सिंह, रंजना कुमारी तथा डालसा कार्यालय के सहायक रवि मुर्मू भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान पैरा लीगल वालंटियर अरुण कुमार, सीमा देवी, ग्लोरिया पूर्ति और रामकंडेय मिश्रा भी उपस्थित रहे। सचिव ने सबसे पहले बच्चों के आवासीय कमरों का निरीक्षण किया और वहां की साफ-सफाई, रहन-सहन तथा पोशाक की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने गृहपति से बच्चों की दिनचर्या और देखरेख को लेकर विस्तार से बातचीत की।

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बच्चों की सुविधाओं और साफ-सफाई पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बच्चों के खानपान और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी गहन जांच की। उन्होंने यह जानकारी ली कि बच्चों को समय पर दूध, फल, नॉनवेज और दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं या नहीं तथा डॉक्टर नियमित रूप से आते हैं अथवा नहीं। इसके बाद सचिव खाद्य सामग्री के गोदाम और रसोईघर पहुंचे, जहां बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई। उन्होंने खाना बनाने वाली महिलाओं से भी भोजन के स्तर को लेकर बातचीत की और कहा कि वह स्वयं भी बच्चों को दिए जाने वाले भोजन को ग्रहण करेंगे, ताकि गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बच्चों के खानपान और देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता पर हुई जांच

इसके बाद डालसा सचिव बाल कल्याण समिति पहुंचे, जहां समिति के अध्यक्ष अवधेश प्रसाद यादव सहित सदस्य पवन कुमार, सीमा झा और रूबी साहू से बातचीत कर बच्चों की शिक्षा, खेलकूद और योग व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था और बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की। करीब एक घंटे तक चले इस निरीक्षण के दौरान सचिव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि बच्चों की देखरेख में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि संप्रेषण गृह में रहने वाले बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

Gua : बड़ाजामदा में किशोरी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, इलाके में शोक

घर का दरवाजा तोड़ने पर सीलिंग फैन से लटका मिला 16 वर्षीय किशोरी का शव पुलिस ने शुरू की मामले

  • घर का दरवाजा तोड़ने पर सीलिंग फैन से लटका मिला 16 वर्षीय किशोरी का शव
  • पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिम सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा फुटबॉल मैदान निवासी सोमा तिरिया की 16 वर्षीय पुत्री सराज तिरिया ने शनिवार देर शाम अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के समय किशोरी के माता-पिता घर से बाहर टहलने गए हुए थे। कुछ देर बाद जब वे वापस लौटे तो घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो आसपास के लोगों को बुलाया गया। इसके बाद लोगों ने मिलकर दरवाजा तोड़ा। दरवाजा खुलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों के होश उड़ गए, क्योंकि घर के अंदर सराज तिरिया का शव सीलिंग फैन से फंदे के सहारे लटका हुआ था।

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दरवाजा तोड़ने के बाद सामने आया दर्दनाक दृश्य

घटना की सूचना मिलते ही बड़ाजामदा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतका के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि सराज की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं रहती थी और वह अक्सर परेशान रहती थी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है तथा आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं आसपास के लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।

Ghatsila : सोना देवी विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर आठ दिवसीय कार्यक्रम का हुआ भव्य समापन

पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और युवा जागरूकता को समर्पित रहा आयोजन राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन जेबी लाइव,

  • पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और युवा जागरूकता को समर्पित रहा आयोजन
  • राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : घाटशिला स्थित सोना देवी विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित आठ दिवसीय पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का शुक्रवार को प्रेरणादायी एवं गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को केंद्र में रखकर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा उन्हें पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाना था। समापन समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जो ज्ञान, चेतना और प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष अनुसूआ राय ने प्रभावशाली और व्यवस्थित ढंग से किया।

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पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन

आठ दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान योग अभ्यास, पोस्टर एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, पर्यावरण विषयक क्विज, जागरूकता संवाद और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० ब्रज मोहन पाट पिंगुवा तथा गणित विभागाध्यक्ष कृष्णेंदु दत्ता द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी और आत्मविश्वास से खिल उठे। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इसे छात्रों की रचनात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान बताया।

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विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापिका प्रिंसी ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार रखते हुए कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय संकट केवल वैज्ञानिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन और जलवायु परिवर्तन आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। वहीं कृषि विज्ञान विभाग की छात्रा मोनाली महंता ने युवाओं से वृक्षारोपण, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील की। उनके विचारों ने विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक ऊर्जा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।

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पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक आंदोलन बनाने पर जोर

अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ० ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का विषय नहीं, बल्कि जीवन की निरंतर प्रक्रिया और नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और जैव विविधता के संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उन्हें सामाजिक चेतना विकसित करने का केंद्र बनना होगा। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा वर्ग परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति है और उनकी सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का अभियान जन-आंदोलन बन सकता है।

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युवाओं को पर्यावरणीय नेतृत्व के लिए किया प्रेरित

कार्यक्रम का समापन संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष संगीता चौधरी द्वारा राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ। उनकी प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गरिमा से ओत-प्रोत कर दिया। समारोह के अंत में विश्वविद्यालय परिवार ने अनुसूआ राय के कुशल मार्गदर्शन और समर्पित प्रयासों की सराहना की। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरणीय चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और सतत विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।

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उड़ीसा के माधवडीह गांव में भूमिज समाज के प्रतिनिधिमंडल ने किया पारंपरिक सम्मान पारंपरिक स्वागत के साथ समाजसेवियों ने जताया

  • उड़ीसा के माधवडीह गांव में भूमिज समाज के प्रतिनिधिमंडल ने किया पारंपरिक सम्मान
  • पारंपरिक स्वागत के साथ समाजसेवियों ने जताया सम्मान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : नरवा पहाड़ क्षेत्र से जुड़े भारतीय आदिवासी भूमिज समाज के राष्ट्रीय महासचिव दिनेश सरदार ने उड़ीसा के गोहालडंगरी स्थित माधवडीह गांव पहुंचकर भूमिज समाज के ओल गुरु महेन्द्रनाथ सरदार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष पाईको सिंह भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने भूमिज समाज के विकास, भाषा-संरक्षण और सामाजिक एकता जैसे विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। समाज के लोगों ने ओल गुरु महेन्द्रनाथ सरदार के योगदान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उन्होंने भूमिज भाषा को नई पहचान दिलाने का कार्य किया है।

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ओल अनोल लिपि से भूमिज समाज को मिली नई पहचान

बताया गया कि महेन्द्रनाथ सरदार ने गुरमाईसीनी के गोहालडंगरी हाई स्कूल में क्लर्क के रूप में कार्य करते हुए भूमिज भाषा के लिए ‘ओल अनोल’ लिपि का आविष्कार किया था, जो आज विभिन्न राज्यों में रहने वाले भूमिज समाज के लोगों के लिए गर्व का विषय बन चुकी है। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी ललिता सरदार ने पारंपरिक लोटा-पानी देकर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। मुलाकात में झारखंड और उड़ीसा से आए कई समाजसेवी एवं केंद्रीय टीम के सदस्य मौजूद रहे, जिनमें टोटन सरदार, गीता मनी सिंह, गद्दाधर सिंह और महेन्द्रा सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से नव नियुक्त अभ्यर्थियों को किया संबोधित युवा सशक्तिकरण की दिशा में रोजगार मेला

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से नव नियुक्त अभ्यर्थियों को किया संबोधित
  • युवा सशक्तिकरण की दिशा में रोजगार मेला बना अहम पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

खड़गपुर : केंद्र सरकार की ओर से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शनिवार को देशभर के 47 स्थानों पर 19वें रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से नव नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित किया तथा विभिन्न केंद्रीय विभागों और संगठनों में चयनित करीब 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार पारदर्शी और तेज भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने नव नियुक्त युवाओं से पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ देश सेवा में योगदान देने का आह्वान किया।

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रोजगार मेले के जरिए युवाओं को मिला नया अवसर

खड़गपुर में यह कार्यक्रम मल्टी-डिसिप्लिनरी जोनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MDZTI) एवं सुपरवाइजर्स ट्रेनिंग सेंटर परिसर में आयोजित किया गया। यहां करीब 142 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। अतिथियों ने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।

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खड़गपुर में नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं में दिखी खुशी

कार्यक्रम में खड़गपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक लालित मोहन पांडेय सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। डीआरएम ने अपने संबोधन में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को सरकारी सेवा की सबसे बड़ी पहचान बताया। उन्होंने कहा कि रोजगार मेला युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है, जहां पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

Baharagoda : गमारिया के जलेश्वर शिव मंदिर में गाजन पर्व की धूम, अंगारों पर चलकर भक्तों ने दिखाई आस्था

सात मौजा के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मनाया पारंपरिक गाजन उत्सव, छऊ नृत्य बना आकर्षण का केंद्र छऊ नृत्य

  • सात मौजा के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मनाया पारंपरिक गाजन उत्सव, छऊ नृत्य बना आकर्षण का केंद्र
  • छऊ नृत्य और शिव भक्ति ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड की ब्राह्मणकुंडी पंचायत अंतर्गत गमारिया स्थित ऐतिहासिक जलेश्वर शिव मंदिर में पारंपरिक गाजन पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। गमारिया, छोटा कुलिया, कोषतडुआ, बड़ा कुलिया, नेतरा, जाउड़ी और केंद्रडीहा समेत सात मौजा के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया। उत्सव के दौरान श्रद्धालु और भोक्ता सबसे पहले कोषतडुआ तालाब में पवित्र स्नान कर गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिव तांडव करते हुए मंदिर प्रांगण पहुंचे। यहां मुख्य पुजारी अजित मिश्रा ने विधि-विधान के साथ बाबा भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना कराई। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय माहौल बना रहा। ग्रामीणों का मानना है कि यह पर्व वर्षों पुरानी परंपरा और सामूहिक आस्था का प्रतीक है, जिसे हर वर्ष पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है।

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सात गांवों की आस्था का केंद्र बना जलेश्वर शिव मंदिर

गाजन पर्व के दौरान शिव भक्तों की कठिन तपस्या और हैरतअंगेज करतब आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। कई भोक्ताओं ने अपनी जीभ में आठ से दस फीट लंबी लोहे की छड़ घोंपकर भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा प्रकट की, वहीं कुछ श्रद्धालु दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलते नजर आए। इन दृश्यों को देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात पवित्र ‘गोरिया भार’ लाने की परंपरा निभाई गई, जिसके बाद ओडिशा से आई प्रसिद्ध टीम ने मनमोहक छऊ नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सोमनाथ सतपति, सचिव मनोज महापात्र समेत सभी सदस्यों और सातों गांवों के ग्रामीणों की अहम भूमिका रही।

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