पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और युवा जागरूकता को समर्पित रहा आयोजन
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
घाटशिला : घाटशिला स्थित सोना देवी विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित आठ दिवसीय पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का शुक्रवार को प्रेरणादायी एवं गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को केंद्र में रखकर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा उन्हें पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाना था। समापन समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जो ज्ञान, चेतना और प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष अनुसूआ राय ने प्रभावशाली और व्यवस्थित ढंग से किया।
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पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन
आठ दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान योग अभ्यास, पोस्टर एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, पर्यावरण विषयक क्विज, जागरूकता संवाद और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० ब्रज मोहन पाट पिंगुवा तथा गणित विभागाध्यक्ष कृष्णेंदु दत्ता द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी और आत्मविश्वास से खिल उठे। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इसे छात्रों की रचनात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान बताया।
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विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापिका प्रिंसी ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार रखते हुए कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय संकट केवल वैज्ञानिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन और जलवायु परिवर्तन आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। वहीं कृषि विज्ञान विभाग की छात्रा मोनाली महंता ने युवाओं से वृक्षारोपण, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील की। उनके विचारों ने विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक ऊर्जा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।
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पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक आंदोलन बनाने पर जोर
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ० ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का विषय नहीं, बल्कि जीवन की निरंतर प्रक्रिया और नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और जैव विविधता के संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उन्हें सामाजिक चेतना विकसित करने का केंद्र बनना होगा। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा वर्ग परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति है और उनकी सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का अभियान जन-आंदोलन बन सकता है।
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युवाओं को पर्यावरणीय नेतृत्व के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम का समापन संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष संगीता चौधरी द्वारा राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ। उनकी प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गरिमा से ओत-प्रोत कर दिया। समारोह के अंत में विश्वविद्यालय परिवार ने अनुसूआ राय के कुशल मार्गदर्शन और समर्पित प्रयासों की सराहना की। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरणीय चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और सतत विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।