एनजीटी की रोक के बावजूद कोवाली क्षेत्र में जारी है अवैध बालू परिवहन, एक माह में दूसरी बड़ी कार्रवाई
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : कोवाली थाना क्षेत्र में एनजीटी की रोक के बावजूद अवैध बालू तस्करी का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार सुबह मुसाबनी डीएसपी रोहित रजवार और कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव ने गुप्त सूचना के आधार पर हाता-तिरिंग राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-220 पर झारखंड-ओडिशा सीमा के समीप महाकाल ढाबा के पास छापेमारी कर अवैध बालू लदे हाइवा (जेएच05बीजे/8720) को जब्त किया। पुलिस की इस कार्रवाई से बालू तस्करों में खलबली मच गई है। बताया जाता है कि अवैध बालू परिवहन के खिलाफ डीएसपी की ओर से एक माह के भीतर की गई यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय बालू माफियाओं के बीच हड़कंप की स्थिति है।
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एक माह में दूसरी बार पकड़ा गया अवैध बालू लदा हाइवा

इससे पहले 5 अगस्त को पोटका थाना क्षेत्र के जुड़ी पंचायत अंतर्गत तिरिंग गांव स्थित एक ढाबा के पीछे से भी अवैध बालू लदा हाइवा जब्त किया गया था। लगातार दो बार हुई कार्रवाई यह संकेत देती है कि क्षेत्र में रात के अंधेरे में बालू का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित हो रहा है। थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव ने बताया कि डीएसपी मुसाबनी के साथ समन्वय स्थापित कर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। जब्त हाइवा को थाने में सुरक्षित रखा गया है तथा आगे की कार्रवाई के लिए जिला खनन पदाधिकारी को पत्र भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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तस्करी पर सवाल, कार्रवाई पर उठ रही चर्चा
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनजीटी की रोक के बावजूद पोटका और कोवाली क्षेत्र में बालू की अवैध तस्करी लगभग निर्बाध रूप से जारी है। हाता गोलचक्कर और ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में देर रात से सुबह तक बड़ी संख्या में बालू लदे वाहनों की आवाजाही देखी जा सकती है। आरोप है कि कई बार सूचना मिलते ही तस्कर अपने वाहनों का रूट बदल देते हैं, जिससे कार्रवाई प्रभावित होती है। क्षेत्र में सक्रिय बालू सिंडिकेटों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। ऐसे में मुसाबनी डीएसपी की लगातार छापेमारी को अवैध बालू कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



























