- मित्रों संग नहाने उतरे युवक को नहीं मिल सकी समय पर मदद
- प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल, सुरक्षा इंतज़ाम नदारद
- लापरवाही पर नाराज स्थानीय लोग, सुरक्षा इंतज़ाम की उठी मांग
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित डिमना झील में बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे एक हृदयविदारक हादसा सामने आया। जानकारी के अनुसार, झील पर घूमने आए 9 युवकों में से 6 नहाने के लिए पानी में उतरे थे। सभी युवक कारपेंटर का काम करते हैं और गिरिडीह जिले के रहने वाले हैं। इनमें से 21 वर्षीय कृष्णा राणा सबसे अंत में झील में उतरा। अचानक वह गहरे पानी में डूबने लगा। उसके साथियों ने मदद की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण वे असफल रहे। घबराए दोस्त किसी तरह बाहर निकले और स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को सूचना दी। परंतु पुलिस देर से पहुंची और तत्काल राहत कार्य शुरू करने की बजाय औपचारिक पूछताछ में समय व्यतीत करती रही। इस बीच, काफी देर बाद घटनास्थल पर पहुंचे मछुआरों ने युवक को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक कृष्णा राणा की मौत हो चुकी थी।
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देर से पहुंची पुलिस, बचाव कार्य में हुई देरी
यह पहली बार नहीं है जब डिमना झील में ऐसी त्रासदी घटी हो। पिछले कुछ वर्षों में यहां कई बार डूबने से मौतें हो चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा के कोई ठोस इंतज़ाम नहीं किए। न तो झील के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही लाइफगार्ड की नियुक्ति की गई है। स्थानीय लोग बार-बार प्रशासन को इस गंभीर समस्या से अवगत कराते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। कृष्णा राणा की मौत ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के रवैये को उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि डिमना झील पर घूमने आने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
























