- जनप्रतिनिधियों, मुंडाओं और मजदूरों की एकजुटता—सेल प्रबंधन से 12 सूत्री मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग
- गुवा में मजदूरों की हुंकार—मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा में बुधवार देर शाम संयुक्त यूनियनों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न गांवों के मुंडा-मानकी, ग्रामीणों और मजदूरों ने गुवा सेल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया। यह सभा रामनगर स्थित एसबीआई बैंक के पीछे वर्कर्स क्लब में आयोजित हुई, जहां मजदूरों की बड़ी संख्या जुटी। यूनियन नेताओं ने कहा कि अब मजदूर अपनी ताकत दिखाने को तैयार हैं। सभा में निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में आंदोलन को वृहद स्तर पर चलाया जाएगा और इसके लिए गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि गुवा सेल प्रबंधन स्थानीय युवाओं की अनदेखी कर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दे रहा है, जो अस्वीकार्य है।
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सेल प्रबंधन के खिलाफ बढ़ा असंतोष, यूनियनों ने आंदोलन की दी चेतावनी
संयुक्त यूनियनों ने अपनी मांगों में स्पष्ट किया कि गुवा सेल में बाहरी 19 लोगों की प्रस्तावित बहाली को तत्काल रद्द किया जाए और स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर दिया जाए। इसके साथ ही सफाई कर्मियों का रविवारीकरण लागू करने, ठेका मजदूरों की वार्षिक छुट्टी 5 से बढ़ाकर 10 दिन करने और रात्रि भत्ता ₹45 से बढ़ाकर ₹90 करने की मांग उठाई गई। यूनियनों ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रबंधन ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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मजदूरों की मांग—भत्ता बढ़े, स्थानीयों को मिले रोजगार का अधिकार
सभा में यह भी कहा गया कि जिन ठेका कर्मियों ने अपने आश्रितों को कार्य सौंपा है, उनके आवास उन्हें ही आवंटित किए जाएं। कुशलता आधारित पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने, लंबित मेडिकल बिल और सेवानिवृत्त कर्मियों के PF व ग्रेचुएटी भुगतान की भी मांग की गई। यूनियन नेताओं ने बताया कि पेंशन भुगतान 58 वर्ष की आयु से लागू किया जाए और रेफरल चिकित्सा के यात्रा भत्ते का भुगतान भी शीघ्र किया जाए। इस विरोध कार्यक्रम में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक), झारखंड मजदूर मोर्चा यूनियन समेत कई प्रतिनिधि और सैकड़ों मजदूर शामिल हुए।
























