- महामंत्री भरत किस्कू ने कहा—29 श्रम कानूनों को 4 लेबर कोड में बदल मजदूरों के अधिकार छीने गए
जेबी लाइव, रिपोर्टर
केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए गए संशोधनों के खिलाफ देशभर में चल रहे विरोध के तहत इंडियन फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन की राष्ट्रीय कमिटी के आह्वान पर यूरेनियम कामगार यूनियन सड़क पर उतर आई। मंगलवार को तूरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट माइंस गेट के समीप यूनियन ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से 29 पुराने श्रम कानूनों को वापस लागू करने की मांग की। यूनियन महामंत्री भरत लाल किस्कू ने कहा कि सरकार ने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर केवल चार लेबर कोड में बदल दिया है, जिससे मजदूर वर्ग के अधिकार कमजोर हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लेबर कोड वापस नहीं लिए गए तो विरोध आंदोलन और तेज होगा।
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मजदूरों ने श्रम संशोधन को लेकर उठाई मुख्य आपत्तियाँ?
विरोध प्रदर्शन में यूनियन के कई पदाधिकारी—भरत किस्कू, गुरुचरण हांसदा, सुनील दिग्गी, रामू मुर्मू, सुराई हो, जुबल कुंकल, दबई दिग्गी और रिचू माझी ने हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि लेबर कोड से मजदूरों का सामाजिक सुरक्षा कवच कमजोर हुआ है और कंपनियों को अधिक अधिकार मिल गए हैं। तूरामडीह के अलावा जादूगोड़ा और नारवा पहाड़ में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां कर्मियों ने लेबर कोड के खिलाफ काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया। यूनियन ने साफ किया कि मजदूरों के हक की लड़ाई जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर बड़े आंदोलन की तैयारी भी की जाएगी।
























