- सम्मान, अधिकार और समावेशी समाज निर्माण पर केंद्रित रहा जिला प्रशासन का कार्यक्रम
- ई-ट्राई साइकिल पाकर दिव्यांगजन हुए उत्साहित
जेबी लाइव, रिपोर्टर
विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम और जिला सामाजिक सुरक्षा प्रकोष्ठ द्वारा समाहरणालय सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, खाद्य आपूर्ति तथा आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी उपस्थित हुए। इस अवसर पर जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम इस वर्ष की थीम— “Fostering disability inclusive societies for advancing social progress”— पर आधारित रहा, जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए दिव्यांगजनों के अधिकार और उनकी सामाजिक प्रगति में सक्रिय भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।
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समाहरणालय में दिव्यांगजन अधिकारों पर केंद्रित विशेष परिचर्चा

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, दिव्यांगजन प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों ने दिव्यांगजन-हितैषी नीतियों, अवसरों और सेवाओं को और मजबूत करने पर अपने विचार साझा किए। जिला सामाजिक सुरक्षा प्रकोष्ठ की ओर से प्रस्तुति के माध्यम से दिव्यांगता के प्रकार, सहायता प्रावधान और तकनीकी सहयोग से संबंधित जानकारियाँ भी प्रदान की गईं। मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि समाज तभी प्रगतिशील माना जाता है जब दिव्यांगजनों के लिए समावेशी वातावरण, समान अवसर और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को तेज़ी से लागू कर रही है।
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मंत्री ने कहा—समावेशी समाज निर्माण सरकार की प्राथमिकता
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 10 दिव्यांगजनों के बीच ई-ट्राई साइकिल वितरण और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रतिनिधित्व करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान करना रहा। मंत्री डॉ. अंसारी ने सम्मानित प्रतिभागियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिव्यांगजन किसी भी रूप में कम नहीं हैं, और सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने समाज से भी अपील की कि वे दिव्यांगजनों के लिए एक सहयोगपूर्ण और सम्मानजनक वातावरण तैयार करने में भागीदार बनें। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों ने समावेशी समाज निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
























