- चातरमा जंगल में बीमार ट्रस्कर की मौत से गहराया मानव-हाथी संघर्ष
- बीमारी और भूख से तड़पता रहा गजराज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह थाना अंतर्गत चातरमा जंगल की तराई में आज सुबह एक बीमार ट्रस्कर (नर हाथी) ने दम तोड़ दिया। वन विभाग के अनुसार यह हाथी पिछले करीब एक महीने से बीमार था, लेकिन समय पर समुचित इलाज नहीं हो सका। लगातार कमजोरी और भोजन की कमी के कारण उसकी हालत और बिगड़ती चली गई। स्थानीय ग्रामीणों ने हाथी की बिगड़ती स्थिति की सूचना दी थी, बावजूद इसके हाथी को बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव का निरीक्षण किया।
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एक साल में तीन हाथी की मौतों से बढ़ी चिंता

पिछले एक वर्ष में चांडिल-दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी क्षेत्र में तीन हाथियों की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 5 जून 2025 को हेवन पंचायत के पहाड़धार में करंट लगने से एक मादा हाथी की मौत हुई थी, वहीं 25 जून 2025 को तिल्ला पंचायत के डूंगरीडीह पहाड़ के नीचे जहरीली लौकी खाने से दूसरे हाथी की जान गई। अब 14 दिसंबर को चातरमा में बीमार ट्रस्कर की मौत हो गई। वन अधिकारी शशि रंजन ने बताया कि हाथियों का ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगातार डेरा डालना भोजन की कमी, आवासीय दबाव और मानव-हाथी संघर्ष का परिणाम हो सकता है। ग्रामीणों ने सुरक्षा और त्वरित उपचार की मांग की है।
























