- स्वर्णरेखा नदी पुल निर्माण कार्य को लेकर सरयू राय ने विभागीय अभियंताओं और संवेदक की भूमिका पर उठाए सवाल
- 21 दिसंबर के बाद परियोजना से जुड़े खुलासों का संकेत
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : विधानसभा समिति के राज्य के भीतर भ्रमण कार्यक्रम के तहत गोड्डा जिला में प्रवास के दौरान जमशेदपुर पूर्व के विधायक सरयू राय ने पथ निर्माण विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने का हवाला देते हुए कहा कि लिट्टी चौक से एनएच-33 भिलाई पहाड़ी को जोड़ने वाले स्वर्णरेखा नदी पुल एवं पहुंच पथ के निर्माण कार्य को बुधवार को जमशेदपुर पूर्व की विधायक की उपस्थिति में शुरू किए जाने का प्रचार किया गया। प्रसारित समाचारों से ऐसा प्रतीत कराया गया मानो मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन शिलान्यास के बाद यह कार्य रुका हुआ था और अब इसे पुनः प्रारंभ किया गया है, जबकि वास्तविकता इससे भिन्न है।
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स्वर्णरेखा पुल परियोजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज
सरयू राय ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का शिलान्यास होने के तुरंत बाद पुल और पहुंच पथ का निर्माण कार्य शुरू हो गया था। कार्य के दौरान पुल के डिजाइन में गंभीर त्रुटि सामने आई थी, जिसमें मानगो छोर की ओर पुल का अंतिम पाया गलत स्थान पर पाया गया। इसके कारण तत्काल पुल निर्माण कार्य को रोककर डिजाइन में सुधार कराया गया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहुंच पथ का कार्य कभी बंद नहीं हुआ। डिजाइन सुधार के बाद पुल निर्माण कार्य को उसी बिंदु से आगे बढ़ाया जाना था, जहां कार्य रोका गया था। ऐसे में इसे नई परियोजना की तरह प्रस्तुत कर उत्सव मनाने का कोई औचित्य नहीं था।
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पुल निर्माण में डिजाइन त्रुटि और सुधार की पूरी कहानी
सरयू राय ने कहा कि कोई विधायक यदि अपने क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर आयोजन करना चाहे तो यह स्वाभाविक है, लेकिन पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं और संवेदक का ऐसे राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होना सर्वथा अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभियंताओं और संवेदक की उपस्थिति उनके पक्षपातपूर्ण रवैये को दर्शाती है। संवेदक वही है, अभियंता वही हैं और परियोजना भी वही है, ऐसे में कार्य के पहले से चल रहे होने के बावजूद पुनः शुरुआत का जश्न मनाना समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नदी के एक छोर पर समारोह किया गया है तो क्या दूसरे छोर पर भी ऐसा ही आयोजन किया जाएगा?
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विकास कार्यों में विभागीय निष्पक्षता पर उठे सवाल
सरयू राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं और संवेदक के इस आचरण के खिलाफ सरकार में औपचारिक विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 21 दिसंबर को विधानसभा समिति का भ्रमण कार्यक्रम पूरा होने के बाद इस परियोजना को स्वीकृत कराने की प्रक्रिया और मानगो फ्लाईओवर के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि विकास परियोजनाओं को किस प्रकार राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
























