- बिरसानगर की निरूपा राय कारोवा बोलीं—इलाज के बीच मंदिर में शरण लेने को मजबूर
- न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्लॉक नंबर 3बी निवासी कैंसर पीड़ित महिला निरूपा राय कारोवा शुक्रवार को भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर से मिलने पहुंचीं। उन्होंने अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अपने सगे भाई चाईबासा निवासी राजा कोरवा पर घर से जबरन बेघर करने का गंभीर आरोप लगाया है। निरूपा राय कारोवा ने बताया कि वह कैंसर से पीड़ित हैं और उनका इलाज हैदराबाद में चल रहा है। पति की मृत्यु के बाद वह अपने 12 वर्षीय बेटे के साथ बिरसानगर स्थित घर में रह रही थीं। उन्होंने कहा कि बीते कई महीनों से भाई द्वारा घर पर कब्जा करने की धमकी दी जा रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।
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पीड़िता ने डीसीएलआर कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 27 अक्टूबर को राजा कोरवा अपने कुछ दोस्तों के साथ उनके घर में जबरन घुसा और उनके साथ मारपीट की, इसके बाद घर में ताला लगाकर कब्जा कर लिया। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर आदिवासी समूह के साथ बैठक भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। वर्तमान में मां-बेटा ठंड के इस मौसम में मंदिर में शरण लिए हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी जर्सी गाय, दो बछड़े और एक कुत्ते को भी कब्जे में ले लिया गया है, जिनके सहारे उनका जीवन यापन होता था। डीसीएलआर से उन्होंने घर और पशुओं को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। पीड़िता ने कहा कि वह दर-दर भटककर थक चुकी हैं और यदि यहां भी न्याय नहीं मिला तो आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी।
























