- टुइलाडुंगरी के गाढ़ाबासा कम्युनिटी सेंटर में भागवत कथा का चौथा दिन
- धर्म की रक्षा के लिए भगवान लेते हैं अवतार : आचार्य
- भागवत कथा जीवन को सही दिशा देने का माध्यम
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : गोलमुरी अंतर्गत टुइलाडुंगरी स्थित गाढ़ाबासा कम्युनिटी सेंटर में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन बुधवार को श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। व्यास पीठ से कथावाचक आचार्य पंडित कुमार स्वामी जी महाराज ने भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनोहारी कथा का वर्णन किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। जैसे ही कृष्ण जन्म का प्रसंग प्रारंभ हुआ, पंडाल में मौजूद श्रद्धालु “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे भजनों पर झूम उठे।
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भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
भक्त भगवान सेवा समिति द्वारा आयोजित कथा में आचार्य ने कहा कि जब-जब धरती पर आसुरी शक्तियां हावी हुई हैं, तब-तब परमात्मा ने अवतार लेकर धर्म की रक्षा की है। उन्होंने बताया कि मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर भगवान विष्णु ने देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण का अवतार लिया और कंस का वध कर धर्म व प्रजा की रक्षा की। कृष्ण जन्म कथा से पूर्व उन्होंने भगवान श्रीराम के अवतार और राम चरित्र का भी संक्षिप्त लेकिन भावपूर्ण वर्णन किया।
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राम और कृष्ण कथा से भक्त हुए भावविभोर
आचार्य पंडित कुमार स्वामी जी महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने पृथ्वी को राक्षसी प्रवृत्तियों से मुक्त करने के लिए अवतार लिया और मर्यादा, सत्य व कर्तव्य का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी से भगवान श्रीकृष्ण से संस्कार, मर्यादा और धर्म पालन की सीख लेने का आह्वान किया। आचार्य ने कहा कि जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य बहुत दुर्लभ होता है और जब यह अवसर मिले तो उसका सदुपयोग करना चाहिए। कथा तभी सार्थक होती है, जब हम उसके बताए मार्ग पर चलकर परमार्थ और मानव कल्याण का कार्य करें। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
























