पिता के निधन के बाद भी नहीं टूटा हौसला, संघर्ष और मेहनत से पाई बड़ी सफलता
गांव से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंची कोकपाड़ा की प्रतिभा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड के कोकपाड़ा गांव की बेटी निवेदिता पाणिग्रही ने अपनी प्रतिभा, दृढ़ इच्छाशक्ति और अथक परिश्रम के बल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 17वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 136वीं रैंक प्राप्त कर उनका चयन बिहार शिक्षा सेवा के अंतर्गत जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) पद के लिए हुआ है। साधारण परिवार से आने वाली निवेदिता की यह सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े शहर में जाकर महंगी कोचिंग का सहारा नहीं लिया, बल्कि सीमित संसाधनों के बीच स्वयं की मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और ग्रामीणों के साथ-साथ शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने भी उन्हें बधाई दी है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकतीं।
इसे भी पढ़ें : Chaibasa : ओत गुरु कोल लको बोदरा की 40वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, भाषा-संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प
संघर्ष के बीच सफलता की मिसाल बनीं निवेदिता

वर्ष 2020 में निवेदिता के जीवन में वह कठिन दौर आया जब उनके पिता स्वर्गीय देवाशीष पाणिग्रही का अचानक हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उस समय वह मास्टर ऑफ साइंस के प्रथम सेमेस्टर की छात्रा थीं। पिता के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी माता बबीता पाणिग्रही और स्वयं निवेदिता के कंधों पर आ गई। आर्थिक और मानसिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार का सहयोग करने और छोटे भाई की पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्होंने विभिन्न कोचिंग संस्थानों में अध्यापन कार्य शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी बनने के अपने सपने को भी जीवित रखा। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने नियमित अध्ययन जारी रखा और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं। उनकी यही दृढ़ता और आत्मविश्वास आज उन्हें इस प्रतिष्ठित पद तक लेकर पहुंचा है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि विपरीत परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं बल्कि प्रेरणा बन सकती हैं।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : आरटीई नामांकन में अनियमितता का आरोप, युवा जदयू ने उपायुक्त को सौंपा शिकायत पत्र
शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन ने बनाई सफलता की मजबूत नींव
निवेदिता की प्रारंभिक शिक्षा कोकपाड़ा के सरकारी विद्यालय में हुई। वह बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। वर्ष 2014 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल की मैट्रिक परीक्षा में उन्होंने पूर्वी सिंहभूम जिले में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लभपुर स्थित नयाबसान विद्यापीठ से इंटरमीडिएट विज्ञान की परीक्षा में ब्लॉक टॉपर बनीं। आगे चलकर उन्होंने जमशेदपुर विमेंस कॉलेज से केमिस्ट्री ऑनर्स में स्नातक तथा सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड, रांची से 80 प्रतिशत अंकों के साथ डिस्टिंक्शन में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। उनकी सफलता पर कोकपाड़ा पंचायत की मुखिया उमा भूमिज, वार्ड सदस्य गीता साव, एसएमसी सदस्य नारायण कालिंदी, विद्यालय की प्राचार्या सुनीता दास सहित अनेक शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। सभी ने विश्वास जताया कि निवेदिता भविष्य में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर समाज के लिए प्रेरणा बनेंगी।
























