किरीबुरू में आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा ने साल का पौधा भेंट कर जताया आभार
सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सरकार तक मांग पहुंचाने का आश्वासन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के प्रतिनिधियों ने किरीबुरू में झारखंड के राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा से मुलाकात कर ‘हो’ भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग को लेकर चर्चा की। महासभा के प्रतिनिधियों ने राज्यसभा में इस मुद्दे को मजबूती से उठाने के लिए सांसद को साल का पौधा भेंट कर धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया। इस दौरान महासभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी के नेतृत्व में सांसद को पुनः ज्ञापन भी सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सांसद द्वारा संसद में इस विषय को उठाए जाने से समाज के लोगों में नई उम्मीद जगी है और भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने की मांग को बल मिला है।
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कई दशकों से चल रहा है ‘हो’ भाषा को मान्यता दिलाने का आंदोलन
महासभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी ने सांसद को जानकारी देते हुए बताया कि ‘हो’ भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए समाज पिछले 40-50 वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में कई बार यह मांग उठ चुकी है तथा दो राज्यों से इसकी अनुशंसा भी की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि समाज के लोग “दोलाबु-दिल्ली” आंदोलन के तहत हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर रेल जाम, सड़क जाम, रैली, पैदल यात्रा, साइकिल यात्रा, पोस्टकार्ड अभियान और धरना-प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और जनजातीय मंत्री से भी कई बार मुलाकात कर मांग रखी जा चुकी है।
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सांसद ने आंदोलनकारियों को दिया समर्थन और सहयोग का भरोसा
राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि वे ‘हो’ भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग को पुनः सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण के लिए सकारात्मक पहल आवश्यक है। महासभा के प्रतिनिधियों ने भी उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पर सकारात्मक विचार करेगी। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता धनुर्जय लागुरी सहित कई सदस्य उपस्थित थे।























