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Gua  : नुईया गांव में जहरीले सांप ने महिला को डसा, सेल अस्पताल में भर्ती

  • समय पर इलाज मिलने से फुलमनी मुंडू की हालत खतरे से बाहर, चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा उपचार
  • समय पर अस्पताल पहुंचने से महिला की जान बची, इलाज जारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत नुईया गांव में शुक्रवार देर शाम जहरीले सांप के डसने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला की पहचान फुलमनी मुंडू के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से महिला को तत्काल गुवा स्थित सेल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने बिना देर किए उसका उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने के कारण फिलहाल महिला की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। घटना के संबंध में घायल महिला फुलमनी मुंडू ने बताया कि शुक्रवार शाम वह अपने घर से निकलकर पड़ोस के घर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में अनजाने में उसका पैर एक सांप पर पड़ गया। इससे सांप ने उसके पैर में डस लिया।

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घर से निकलते समय सांप पर पड़ा महिला का पैर, हुई घटना

घटना के तुरंत बाद महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला को डसने वाला सांप रसेल वाइपर होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि इस प्रजाति के सांप के शरीर पर सफेद और पीले रंग के गोलाकार चूड़ी जैसे निशान होते हैं। हालांकि, सांप की प्रजाति की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि सांप के काटने की घटना के बाद समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है। फिलहाल फुलमनी मुंडू का गुवा सेल अस्पताल में उपचार चल रहा है। चिकित्सकों की तत्परता और ग्रामीणों की मदद से महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी, जिससे उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

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Gua : धनतेरस पर बिरसा नगर को मिला नया ट्रांसफार्मर, 200 परिवारों के घरों में लौटी रोशनी

15 दिनों से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को मिली राहत जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी की पहल पर धनतेरस

  • 15 दिनों से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को मिली राहत
  • जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी की पहल पर धनतेरस के दिन बहाल हुई विद्युत आपूर्ति
  • धनतेरस पर बिजली बहाल होने से बिरसा नगर में खुशी का माहौल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बिरसा नगर के ग्रामीणों के लिए धनतेरस का त्योहार खुशियों की सौगात लेकर आया। पिछले 15 दिनों से बिजली संकट झेल रहे करीब 200 परिवारों के घरों में नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद फिर से रोशनी लौट आई। दीपावली से ठीक पहले बिजली आपूर्ति बहाल होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से अंधेरे में रहने को मजबूर परिवारों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

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ट्रांसफार्मर जलने से 15 दिनों से अंधेरे में डूबा था बिरसा नगर

ज्ञात हो कि सेल प्रबंधन की ओर से विस्थापन के बाद बिरसा नगर के ग्रामीणों के लिए नए आवास बनाकर करीब 200 परिवारों को बसाया गया था। इन परिवारों को सरकारी स्तर पर बिजली की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन लगभग 15 दिन पहले अचानक ट्रांसफार्मर जल जाने से पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्यों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार बिजली संकट से ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ रही थी।

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ग्रामीणों की शिकायत पर जिप सदस्य देवकी कुमारी ने की पहल

बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने अपनी समस्या नोवामुंडी भाग-1 की जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी के समक्ष रखी। ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के एसडीओ से संपर्क किया और क्षेत्र में नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की। उनके प्रयास से शुक्रवार को धनतेरस के दिन बिरसा नगर में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। त्योहार के मौके पर बिजली लौटने से करीब 200 परिवारों को बड़ी राहत मिली। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और आभार व्यक्त किया।

Dhalbhumgarh : विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने मुगली सबर के परिजनों को दी आर्थिक सहायता

प्रसव के बाद गर्भवती महिला की हुई थी मौत आदिम जनजाति उत्थान मंच के प्रतिनिधियों ने रावतपाड़ा पहुंचकर परिवार को

  • प्रसव के बाद गर्भवती महिला की हुई थी मौत
  • आदिम जनजाति उत्थान मंच के प्रतिनिधियों ने रावतपाड़ा पहुंचकर परिवार को दी मदद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

धालभूमगढ़ : प्रखंड क्षेत्र के रावतपाड़ा गांव निवासी छोटू सबर की पत्नी मुगली सबर का प्रसव के बाद निधन हो गया। घटना की जानकारी आदिम जनजाति उत्थान मंच के जिला अध्यक्ष लोबीन सबर ने विधायक सोमेश चंद्र सोरेन को दी और पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद का अनुरोध किया। मामले की जानकारी मिलने पर विधायक ने परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उनके निर्देश पर गुरुवार को आदिम जनजाति उत्थान मंच के जिला अध्यक्ष लोबीन सबर अपनी टीम के साथ रावतपाड़ा गांव पहुंचे। वहां उन्होंने मृतका के पति छोटू सबर एवं अन्य परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही परिवार की स्थिति की जानकारी ली और नवजात शिशु का हालचाल जाना।

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मुगली सबर के निधन से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस दौरान विधायक सोमेश चंद्र सोरेन की ओर से उपलब्ध कराई गई सहयोग राशि जिला अध्यक्ष लोबीन सबर ने मृतका के परिजनों को सौंपी। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस मौके पर झामुमो नेता गौरांग माहली, आदिम जनजाति उत्थान मंच के जिला सह सचिव शीतल सबर, प्रखंड सचिव गोबिंद सबर, शुरू सबर, सेवा ही धर्म के सदस्य सुभाष मान्डी, बबलू हांसदा, सारुल मान्डी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

Ranchi : धनतेरस पर झारखंड की महिलाओं को सरकार की सौगात, मंईयां सम्मान योजना की 98.50 करोड़ रुपये की राशि जारी

रांची जिले की 3,94,007 महिलाओं के खातों में पहुंचे 2,500-2,500 रुपये आधार आधारित डीबीटी के माध्यम से अक्टूबर माह की

  • रांची जिले की 3,94,007 महिलाओं के खातों में पहुंचे 2,500-2,500 रुपये
  • आधार आधारित डीबीटी के माध्यम से अक्टूबर माह की सम्मान राशि का भुगतान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

रांची : धनतेरस एवं दीपावली के पावन अवसर पर झारखंड सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत अक्टूबर 2026 की सम्मान राशि का भुगतान किया है। इसके तहत रांची जिले की कुल 3 लाख 94 हजार 7 लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में 2,500 रुपये प्रति लाभुक की दर से कुल 98 करोड़ 50 लाख 17 हजार 500 रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। राशि का भुगतान आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभुकों के बैंक खातों में किया गया है। दीपावली और धनतेरस से पहले सम्मान राशि मिलने से हजारों परिवारों में त्योहार की खुशियां बढ़ेंगी। इस राशि से महिलाएं घरेलू जरूरतों, बच्चों की आवश्यकताओं और त्योहार की खरीदारी में आर्थिक सहयोग प्राप्त कर सकेंगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

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प्रत्येक महिला के खाते में पहुंचे 2,500 रुपये, डीबीटी से हुआ भुगतान

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। धनतेरस एवं दीपावली जैसे पावन त्योहारों से पहले लाभुक महिलाओं के खातों में सम्मान राशि का हस्तांतरण सरकार की महिला हितैषी सोच और उनके प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस राशि से महिलाओं को अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करने और त्योहार की खुशियों में सहभागी बनने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनकी सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

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कांके में सबसे अधिक 31,502 लाभुक, टाउन अर्बन क्षेत्र की 25,891 महिलाओं को मिला लाभ

रांची जिले में प्रखंड एवं शहरी क्षेत्रवार लाभुकों की संख्या के अनुसार कांके में सबसे अधिक 31,502 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। टाउन अर्बन क्षेत्र में 25,891, मांडर में 22,933, सिल्ली में 21,282, बेड़ो में 20,562 और रातू में 20,290 महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई है। इसके अलावा चान्हो की 19,332, तमाड़ की 18,751, नगड़ी की 18,250, ओरमांझी की 17,840, बुढ़मू की 17,765, नामकुम की 17,958 और अनगड़ा की 16,705 महिलाओं को सम्मान राशि मिली है। वहीं हेहल शहरी क्षेत्र की 16,308, सोनाहातू की 13,088, अरगोड़ा शहरी क्षेत्र की 13,347, लापुंग की 11,784 और इटकी की 10,135 लाभुक महिलाओं को भी योजना का लाभ मिला है।

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ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक पहुंचा योजना का लाभ, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर

अन्य क्षेत्रों में बड़गाईं शहरी क्षेत्र की 10,042, नामकुम शहरी क्षेत्र की 9,504, राहे की 9,531, खलारी की 9,597, बुंडू की 8,556, नगड़ी शहरी क्षेत्र की 8,216, बुंडू नगर पंचायत की 3,558 और कांके शहरी क्षेत्र की 1,280 महिलाओं को सम्मान राशि हस्तांतरित की गई है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने, जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। धनतेरस के अवसर पर किया गया यह भुगतान महिलाओं के लिए दीपावली से पहले विशेष सौगात साबित हुआ है। सरकार की इस पहल से महिलाओं की घरेलू आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलने के साथ स्थानीय बाजार में भी त्योहार के दौरान खरीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

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घटबूढ़ा से नेकड़ाडीहा तक सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान स्कूल जाने वाले बच्चों और राहगीरों को हो रही भारी

  • घटबूढ़ा से नेकड़ाडीहा तक सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान
  • स्कूल जाने वाले बच्चों और राहगीरों को हो रही भारी परेशानी
  • सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
  • बहरागोड़ा में जर्जर सड़क के गड्ढों में धान रोपकर विरोध जताते ग्रामीण

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के घटबूढ़ा से केंदुलडीहा होते हुए नेकड़ाडीहा तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पिछले करीब 20 वर्षों से जर्जर इस सड़क की मरम्मत नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ से भरे रास्तों में धान रोपकर प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की स्थिति दयनीय बनी हुई है, लेकिन न तो प्रशासन और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने इसकी सुध ली है। बारिश के बाद सड़क पर जलजमाव और कीचड़ के कारण आवागमन और भी मुश्किल हो गया है।

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जर्जर सड़क से स्कूली बच्चों और राहगीरों की बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण प्रतिदिन स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घटबूढ़ा-केंदुलडीहा-नेकड़ाडीहा सड़क का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन की समस्या से स्थायी राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण की दिशा में जल्द ठोस पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Seraikela : सरायकेला के तीन डैम बनेंगे पर्यटन हब, सीतारामपुर, पालना और सतनाला में शुरू होगी बोटिंग

पर्यटकों को मिलेगा नौकाविहार और एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद उपायुक्त ने प्राक्कलन तैयार करने और पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों

  • पर्यटकों को मिलेगा नौकाविहार और एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद
  • उपायुक्त ने प्राक्कलन तैयार करने और पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के पर्यटन स्थलों को आकर्षक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। सीतारामपुर डैम, पालना डैम और सतनाला डैम को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इन तीनों जलाशयों में पर्यटकों के लिए बोटिंग (नौकाविहार) की सुविधा शुरू करने की योजना है। इसे लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पर्यटन संवर्धन समिति की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के पर्यटन स्थलों के कायाकल्प, पर्यटकों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जिला खेल पदाधिकारी-सह-जिला पर्यटन पदाधिकारी अमित कुमार को निर्देश दिया कि तीनों डैमों का भौतिक आकलन कर बोटिंग संचालन की संभावनाओं का पता लगाएं तथा आवश्यक प्रस्ताव एवं प्राक्कलन तैयार कर जल्द विभाग को उपलब्ध कराएं।

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सीतारामपुर, सतनाला और पालना डैम में नौकाविहार की सुविधा शुरू करने की तैयारी

बैठक में सीतारामपुर डैम, सतनाला डैम, भीमखंडा, श्मशान काली मंदिर सरायकेला, शिव मंदिर रामगढ़ और करकेटा डैम कुचाई सहित ग्रेड-ए, बी एवं सी श्रेणी में चिह्नित पर्यटन स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि योजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो। साथ ही पर्यटन स्थलों के आसपास संचालित होटलों और होमस्टे का नियमानुसार पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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पर्यटन स्थलों पर जिपलाइन, एडवेंचर झूले और आकर्षक लाइटिंग की होगी व्यवस्था

पर्यटकों के आकर्षण और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके तहत कनेक्टिंग एप्रोच रोड, बैठने एवं विश्राम करने की व्यवस्था, गजीबो, जिपलाइन, एडवेंचर झूले, आकर्षक लाइटिंग, सेल्फी प्वाइंट और सूचनात्मक साइनेज जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर पहुंचने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए। इसके लिए आधारभूत संरचना के साथ सुरक्षा और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

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सोशल मीडिया से होगी जिले के पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग, बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद

उपायुक्त ने जिले के पर्यटन स्थलों की पहचान और लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्रचार माध्यमों से व्यापक ब्रांडिंग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बेहतर सुविधाओं और प्रभावी प्रचार-प्रसार से अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी शंकराचार्य सामद, जिला खेल पदाधिकारी-सह-जिला पर्यटन पदाधिकारी अमित कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जिला स्तरीय पर्यटन संवर्धन कार्यकारिणी समिति के सदस्य तथा विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

Seraikela : उड़ती धूल से परेशान शासन गांव के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, तीन घंटे तक सड़क जाम

सरायकेला-राजनगर मुख्य मार्ग पर सुबह 6 से 9 बजे तक ठप रहा आवागमन रोजाना तीन बार पानी छिड़काव का आश्वासन

  • सरायकेला-राजनगर मुख्य मार्ग पर सुबह 6 से 9 बजे तक ठप रहा आवागमन
  • रोजाना तीन बार पानी छिड़काव का आश्वासन पूरा नहीं होने पर ग्रामीणों ने जताया विरोध

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-राजनगर मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल और प्रदूषण से परेशान शासन गांव के ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार की सुबह एक बार फिर फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने सुबह करीब 6 बजे सड़क पर उतरकर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। अचानक सड़क जाम होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे राहगीरों, यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क पर लगातार वाहनों के गुजरने से भारी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे आसपास के घरों और दुकानों में धूल जमा हो रही है। लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। करीब तीन घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।

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प्रशासन के आश्वासन के बावजूद बंद हो गया था पानी का छिड़काव

ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो सप्ताह पहले भी उड़ती धूल की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने लगातार 36 घंटे तक सड़क जाम किया था। उस समय स्थानीय प्रशासन ने प्रतिदिन तीन बार टैंकर के माध्यम से सड़क पर पानी का छिड़काव कराने का आश्वासन दिया था। आश्वासन के बाद कुछ दिनों तक नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया गया, जिससे ग्रामीणों को धूल से थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन कुछ दिनों बाद ही पानी का छिड़काव बंद कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से किए गए वादे को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके कारण समस्या फिर से जस की तस हो गई। लगातार उड़ती धूल से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को सुबह-सुबह सड़क जाम कर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कराया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक उनकी परेशानी दूर नहीं होगी।

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पानी छिड़काव शुरू होने के आश्वासन पर सुबह 9 बजे हटा जाम

सड़क जाम की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक बातचीत के बाद प्रशासन ने तत्काल पानी का टैंकर मंगवाकर सड़क पर छिड़काव शुरू कराया। साथ ही ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि धूल की समस्या से राहत दिलाने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सुबह करीब 9 बजे सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सड़क के दोनों ओर फंसे वाहनों को धीरे-धीरे निकलवाकर यातायात सामान्य कराया। हालांकि, ग्रामीणों ने नियमित पानी छिड़काव की व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन अपने आश्वासन पर कितनी गंभीरता से अमल करता है।

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