खिलौने और उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिले, विद्यालय परिसर में दिखा उत्साह
विद्यालय प्रबंधन ने समाज और स्कूल के सहयोग को बताया बच्चों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण
आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बढ़ रहे कदम
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : पोटका प्रखंड के सुदूरवर्ती आदिवासी बहुल गांव टांगराईन स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में उस समय उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला, जब समाजसेवी एवं व्यवसायी विमल अग्रवाल, विश्वनाथ शर्मा और सांवरलाल शर्मा विद्यालय पहुंचे। समाजसेवियों ने विद्यालय के बच्चों के बीच खिलौने, शैक्षणिक सामग्री और उपहार वितरित किए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरा विद्यालय परिसर तालियों एवं मुस्कान से गूंज उठा। इस दौरान समाजसेवियों ने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में प्रेरित किया। बच्चों का उत्साह और आत्मीयता देखकर अतिथियों ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। समाजसेवी विमल अग्रवाल ने कहा कि बच्चों की आंखों में दिखने वाली उम्मीद और मुस्कान ही उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की खुशी किसी भी पुरस्कार से बढ़कर है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समाजसेवियों की पहल तेज
उल्लेखनीय है कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टांगराईन क्षेत्र के हो, संथाल, मुंडा और भूमिज आदिवासी समुदाय के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है। विद्यालय में बच्चों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ने का प्रयास किया जाता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरबिन्द कुमार तिवारी ने समाजसेवियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जब समाज के सफल और जागरूक लोग बच्चों तक पहुंचते हैं, तो उनके भीतर बड़े सपने देखने और आगे बढ़ने का साहस पैदा होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय और समाज का आपसी सहयोग बच्चों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने अतिथियों का धन्यवाद किया और भविष्य में भी ऐसे सहयोग की उम्मीद जताई।























